Jharkhand Legislative Assembly: सदन में जनता के हितों से जुड़े सवाल बेहतर तरीके से पूछे जाएं : राज्यपाल

Jharkhand Legislative Assembly झारखंड विधानसभा का 21वां स्थापना दिवस समारोह शुरू हो गया है। राज्यपाल रमेश बैस और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समारोह में मौजूद हैं। विश्रामपुर के विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी को भगवान बिरसा मुंडा उत्कृष्ट विधायक सम्मान से सम्मानित किया गया।

Kanchan SinghMon, 22 Nov 2021 12:31 PM (IST)
झारखंड विधानसभा का 21वां स्थापना दिवस समारोह शुरू हो गया है।

रांची, राब्यू। राज्यपाल रमेश बैस ने कहा है कि संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही में बदलाव आ गया है। छोटी-छोटी बातों को लेकर सदन की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न करना और सदन नहीं चलने देना एक परंपरा बन गई है। सांसद और विधायक अपने मुद्दे को स्थापित प्रणाली व नियम के तहत उठाने की बजाय पीठासीन अधिकारी के सामने चिल्ला-चिल्लाकर कार्यवाही में बाधा उत्पन्न करते हैं। राज्यपाल सोमवार को झारखंड विधानसभा की 21वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि शायद सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण होने के कारण विधायक यह सोचकर ऐसा करते हैं कि ऐसा करने से उनकी तस्वीर टीवी पर आएगी। जनता सराहना करेगी। अखबारों में भी ऐसे सांसदों, विधायकों की तस्वीर प्रथम पृष्ठ पर होती है। राज्यपाल ने विधायकों से सदन में अपने आचरण और व्यवहार पर ध्यान देने की अपेक्षा व्यक्त की। कहा, जनता अपने प्रतिनिधियों का चयन बहुत अपेक्षा, आशा और विश्वास के साथ करती है। विधायकों को इसपर लगातार सचेष्ट और सतर्क रहना होगा। विधायक कार्यपालिका के कार्य-निष्पादन की निगरानी करें, नए कानूनों की योजना बनाएं, उनका अध्ययन करें, उस पर चर्चा करें अपने महत्वपूर्ण सुझाव देकर रचनात्मक समर्थन या विरोध करें।

विधेयकों को गंभीरतापूर्वक पढ़ें तथा उसके कानून के रूप में लागू होने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर चिंतन कर सदन में अपनी बात रखें। राज्यपाल ने कहा कि सदन में वाद-विवाद उच्च स्तर का हो, उसमें गंभीरता हो। विधायकाें, सांसदों को बेहतर तरीके से प्रश्न करना चाहिए ताकि सरकार से उचित जवाब मिले। कहा कि झारखंड विधानसभा का नाम आदर्श विधान सभाओं में हो, इसके लिए प्रत्येक सदस्य को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी, एक बेंचमार्क सेट करना होगा।

विधानसभा आइना जहां राज्य का चेहरा दिखाई देता है : हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री ने कहा, 29 दिसंबर तक सभी बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग को पेंशनइस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि विधानसभा ऐसा आईना है, जहां राज्य भर का चेहरा दिखाई देता है। विधानसभा के माध्यम से राज्य को दिशा देने का प्रयास होता है। संवैधानिक व्यवस्था के तहत पक्ष और विपक्ष की भूमिका में हम कार्य करते हैं, जिसका परम लक्ष्य विकास और राज्य की जनता को अधिकार देना है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न योजनाओं को लागू किया गया है। इनमें यूनिवर्सल पेंशन स्कीम प्रमुख है। इसके तहत सरकार के दो साल पूरा होने तक (29 दिसंबर) सभी बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, परित्यक्त महिलाओं, विधवाओं को पेंशन योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए आपके अधिकार- आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम व्यापक रूप से चलाए जा रहे हैं। कहा, पेंशन योजना के तहत अब किसी तरह का लक्ष्य निर्धारित नहीं होगा। सभी जरूरतमंदों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार घर-घर जाकर समस्याओं का समाधान करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि यहां के खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति के तहत नौकरी दी जा रही है। यह कार्य आगे भी जारी रहेगा। अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए शत-प्रतिशत स्कालरशिप देनेवाला झारखंड देश का पहला राज्य है।

लालफीताशाही के हस्तक्षेप को कम कर रही सरकार

स्पीकर विधानसभाध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड विधानसभा का स्थापना दिवस राज्य गठन की परिकल्पना करनेवाले, इस आंदोलन को अपने लहू से सींचने वाले आंदोलनकारियों को नमन करने तथा राज्य गठन के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु समीक्षा करने का भी अवसर है। झारखंड में समावेशी विकास हेतु सरकार प्रयासरत है। योजनाओं को धरातल पर उतारने में लालफीताशाही के हस्तक्षेप को कम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधायक जनहित के मुद्दों पर सदन में अधिक समय देने का प्रयास करें। उन्होंने आनलाइन प्रश्नोत्तरी तथा पेपरलेस विधानसभा बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की भी बात कही।

खाली रह गई विपक्ष की कुर्सीविधानसभा स्थापना दिवस समारोह में मुख्य विपक्षी दल के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण शामिल नहीं हुए। उनके लिए मंच पर बैठने की व्यवस्था की गई थी। कयास लगाया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष का पद खाली रहने के कारण उन्होंने स्थापना दिवस कार्यक्रम से दूरी बनाई। हालांकि समारोह में भाजपा के लगभग एक दर्जन विधायक उपस्थित हुए।

राज्य गठन से लेकर अबतक राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को मिला सम्मान

झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने देश की सीमा पर शहीद झारखंड के वीर सपूतों एवं नक्सल अभियान में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को मरणोपरांत सम्मान प्रदान किया। अपने पति के लिए सम्मान पाने के बाद शहीदों की पत्नियां अपना आंसू रोक नहीं पाईं। थोड़े समय के लिए माहौल गमगीन हो गया। मंच पर सम्मान प्राप्त करने के दौरान कई शहीदों के बच्चे भी उपस्थित थे जो मायूस नजर आ रहे थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों से बात भी की तथा उनकी पढ़ाई की जानकारी ली।

रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि वे शहीदों के बच्चों की उच्च शिक्षा निश्शुल्क कराएंगे। इस अवसर पर राज्यपाल रमेश बैस तथा मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तथा विश्रामपुर विधानसभा से निर्वाचित विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी को वर्ष 2021 के उत्कृष्ट विधायक के रूप में बिरसा मुंडा उत्कृष्ट पुरस्कार प्रदान किया। उन्हें शाल ओढ़ाकर तथा स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र व 51 हजार का चेक देकर सम्मानित किया गया। साथ ही राज्य गठन से लेकर अबतक राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को भी शाल ओढ़ाकर, प्रशस्तिपत्र तथा स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इनमें कई सेवानिवृत्त शिक्षक भी शामिल थे। साथ ही महिला खिलाड़ी तीरंदाज कोमोलिका बारी, अंकिता भगत तथा क्रिकेट खिलाड़ी इंद्राणी राय को भी सम्मानित किया गया।

वहीं, विधानसभा के कई कर्मी भी उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित हुए। इसके तहत संयुक्त सचिव रामनिवास दास, अवर सचिव निलेश रंजन, प्रशाखा पदाधिकारी रोशन किडो, सुभाष कुमार और अनुसेवक उमेश कुमार गुप्ता को कपिलेश्वर प्रसाद उत्कृष्ट कर्मी पुरस्कार मिला। समारोह में झारखंड विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका उड़ान तथा विधानसभा में आयोजित प्रथम छात्र संसद के कार्यकारी सारांश का लोकार्पण हुआ।

इन शहीदों को मिला मरणोपरांत सम्मान - सुनील लकड़ा (हवलदार), दुलेश्वर प्रसाद (आरक्षी), रबींद्र कुमार (बीएसएफ), किरण सुरीन (आरक्षी), राजेश कुमार, उप समादेष्टा (एसटीएफ), देवेंद्र कुमार पंडित (हवलदार, एसटीएफ), हरद्वार साह (आरक्षी, झारखंड जगुआर), शिव उरांव (सैप)।

चंद्रवंशी ने कहा, शहीदों के बच्चों को देंगे निश्शुल्क शिक्षा

उत्कृष्ट विधायक का सम्मान पाने के बाद चंद्रवंशी ने मंच से शहीदों के बच्चों को अपने शैक्षणिक संस्थानों में निश्शुल्क उच्च शिक्षा देने, इंजीनियर बनाने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि आश्रितों को जो भी सहयोग चाहिए वे उन्हें देंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में विधायिका का सम्मान बनाए रखना बड़ी चुनौती है। विधायिका जितनी कमजोर होगी कार्यपालिका उतनी ही निरंकुश होगी। कार्यपालिका को अपने कार्यों के प्रति उत्तरदायी बनाने से ही विधायिका की गरिमा बढ़ेगी और लोकतंत्र के प्रति जनता में विश्वास बना रहेगा।

कोरोना टीकाकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले तीन उपायुक्त सम्मानितइस अवसर पर कोरोना टीकाकरण में उत्कृष्ट कार्य करनेवाले जिलों के उपायुक्तों को भी सम्मानित किया गया। टीकाकरण में पहला स्थान रखनेवाले पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त सूरज कुमार, दूसरे स्थान पर रहनेवाले रामगढ़ के उपायुक्त माधवी मिश्रा तथा तीसरे स्थान पर रहनेवाले रांची के उपायुक्त छवि रंजन को स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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