Jharkhand Jan Sangharsh Morcha : 26 नवंबर को रांची में किसान आन्दोलन के समर्थन में जनसभा

Jharkhand Jan Sangharsh Morcha देशव्यापी किसान आन्दोलन के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर किसान आंदोलन के समर्थन मे जन-सभा का आयोजन होगा। शुक्रवार के दिन राजभवन के समक्ष झारखंड जनसंघर्ष मोर्चा द्वारा शांतिपूर्ण जन सभा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मांगों की बौछार होने की उम्मीद है।

Sanjay KumarWed, 24 Nov 2021 08:24 PM (IST)
Jharkhand Jan Sangharsh Morcha : 26 नवंबर को रांची में किसान आन्दोलन के समर्थन में जनसभा

रांची जासं। Jharkhand Jan Sangharsh Morcha : देशव्यापी किसान आन्दोलन(Farmers Protest) के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर किसान आंदोलन के समर्थन मे जन-सभा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें केन्द्र तथा राज्य सरकार से विभिन्न सिविल एवं मानव अधिकारों की मांग किया जाएगा। 26 नवंबर यानि शुक्रवार के दिन रांची राजभवन के समक्ष झारखंड जनसंघर्ष मोर्चा(Jharkhand Jan Sangharsh Morcha) के द्वारा शांतिपूर्ण जन सभा का आयोजन किया जाएगा।

ज्ञात हो कि झारखंड जनसंघर्ष मोर्चा राज्य के विभिन्न जन संगठनो का एक साझा मंच है, इसलिए इस आयोजन मे झारखंड के विभिन्न जन संगठनो के सदस्यो, प्रवुद्ध नागरिको व ग्रामीणो के शामिल होने की उम्मीद है। मुख्य अतिथी एवं वक्ता के रूप मे भारतीय किसान यूनियन( Bhartiya Kisan Union) के सदस्य सुखविंदर कौर(Sukhwinder Kaur) इस जनसभा को संबोधित करेंगी। जन सभा की समाप्ति प्रतिनिधि मंडल द्वारा महामहिम राज्यपाल महोदय को ज्ञापन दिया जायेगा।

न्यूनतम समर्थन मूल्य को पूर्ण रूप से लागू किये जाने पर रहेगा जोड़:

जैसा कि आप जानते हैं कि 19 नवम्बर को प्रधानमंत्री जी ने जन-आन्दोलन के दबाव में आकर किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी है। देश के किसान इसे किसान आन्दोलन के लिए एक बड़ी जीत मान रही है। इन तीन कानूनों को वापस लेने से किसानों की मांग के अनुसार कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग(Contract Farming) को बन्द करना, मण्डी और न्यूनतम समर्थन मूल्य(MSP) को लागू करना और आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों पर रोक लगने की सम्भावना है। लेकिन किसानों की अभी यह मांग है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को पूर्ण रूप से लागू किया जाए और नये बिजली कानून को भी रद्द किया जाए।

किसानों की जमीन लूटना बन्द करे, सभी को उपज की सही कीमत दे : जनसंघर्ष मोर्चा

झारखंड जनसंघर्ष मोर्चा का कहना है कि भारत में कृषि समस्या बहुत पुरानी है और विभिन्न राजनीतिक दलों ने कभी भी इसके समाधान के लिए कोई पहल नहीं की है। झारखंड और भारत की सरकार से मांग करते हैं कि वह किसानों की जमीन लूटना बन्द करे, सभी को उपज की सही कीमत दे, किसानों के लिए सिंचाई, खाद व बीज की सुविधा मुफ्त दी जाए, कृषि का निजीकरण बन्द करें सरकार।

आगे मोर्चा कहना है कि साथ ही धान क्रय केंद्र में पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार किया जाए, क्योंकि भूमिहीन किसानों एवं कृषि मजदूरों के पास रसीद व खतियान नहीं होता है। पंजीकरण प्रक्रिया के लिए ये सब जरूरी है। जिसके कारण यह लोग अपना फसल कम कीमत पर बिचैलिया-व्यापारी के हाथों बेचने को मजबूर हो जाते हैं। इसलिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। सीएनटी व एसपीटी एक्ट को सख्ती से लागू हो।

होगी मांगों की बौछार:

ऐसे ही कई सारे मांगों के बारे में जानकारी देते हुए मार्चा ने कहा कि जन वितरण प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार (जैसे- कम राशन देना, महीने भर राशन गायब करना) बन्द करो, मनरेगा में मशीन के जरिए काम करना बन्द करो, पूर्व विस्थापितों को समुचित पुनर्वास एवं बकाया भुगतान किया जाए, भूमिहीन किसान, जो दूसरों की जमीन पर खेती करने के लिए मजबूर है। रघुवर दास सरकार द्वारा लैंड बैंक में जमा 20.58 लाख एकड़ जमीन को भूमिहीन किसानों के बीच वितरण किया जाए, इत्यादि मांगो के साथ झारखंड जन संघर्ष मोर्चा आगामी 26 नवम्बर को राजभवन के समक्ष प्रर्दशन करेगा।

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