झारखंड की अदालतों में फिजिकल सुनवाई को हाई कोर्ट ने जारी किया गाइडलाइन; जानें विस्‍तार से

फिजिकल सुनवाई के लिए अदालतों को तीन श्रेणी में बांटा गया है।

Guidelines for Physical Hearing in Jharkhand हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने गाइडलाइन सभी जिलों के प्रधान जिला जज को भेज दी है। अभी फिजिकल सुनवाई की तिथि जारी नहीं की गई है। हाई कोर्ट ने फिजिकल सुनवाई के लिए राज्य की अदालतों को तीन श्रेणी में बांटा है।

Publish Date:Thu, 14 Jan 2021 07:59 PM (IST) Author: Sujeet Kumar Suman

रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। झारखंड की निचली अदालतों में फिजिकल सुनवाई की तैयारी तेजी से की जा रही है। हाई कोर्ट ने इन अदालतों में सुनवाई के लिए दिशा- निर्देश (एसओपी) जारी कर दिया है। हाई कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार अदालतों में मामलों की सुनवाई के दौरान सभी नियमों का पालन करना होगा। फिजिकल सुनवाई शुरू करने के पहले सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी कोविड-19 यूजर मैनुअल का ट्रेनिंग लेना जरूरी होगा। सभी को फिजिकल और वर्चुअल कोर्ट के लिए अलग-अलग कॉज लिस्ट जारी करना होगा।

फिजिकल कोर्ट की पूरी व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुरूप ही करनी होगी। हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने गाइडलाइन सभी जिलों के प्रधान जिला जज को भेज दी है। हालांकि फिजिकल सुनवाई की तिथि अभी जारी नहीं की गई है। जल्द ही तिथि जारी कर दी जाएगी। हाई कोर्ट ने कोरोना संक्रमण के मद्देनजर फिजिकल सुनवाई के लिए राज्य की अदालतों को तीन श्रेणी में बांटा है और इसी अनुरूप दिशा निर्देश भी जारी किए हैं।

जिन जिलों में कोरोना के 50 से कम केस सक्रिय हैं, वहां 50 फीसद फिजिकल और 50 फीसद वर्चुअल कोर्ट बैठेगी। जिला जज रोटेशन के आधार पर फिजिकल और वर्चुअल कोर्ट तय करेंगे। साथ ही विषयवार और कैडर के अनुसार कोर्ट की व्यवस्था भी करेंगे। जिन जिलों में कोरोना वायरस के 50 से 100 केस सक्रिय हैं, वहां एक तिहाई फिजिकल और दो तिहाई वर्चुअल कोर्ट बैठेगी। यहां याचिकाएं मौजूदा व्यवस्था के साथ-साथ ई सेवा केंद्र से भी दाखिल की जा सकेंगी।

इन जिलों में एक-एक फैमिली कोर्ट, जिला जज, एडीजे, सीजेएम, एसीजेम की कोर्ट बैठेगी। दो सिविल जज, एक एसडीजेएम और न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) की कोर्ट बैठेगी। 150 से अधिक कोरोना सक्रिय केस वाले जिलों में एक चौथाई फिजिकल और तीन चौथाई वर्चुअल कोर्ट में सुनवाई होगी। इन जिलों में याचिका ड्राॅप ब़ॉक्स में डाले जाएंगे। इन जिलों के जिला जज को विषयवार रोस्टर तैयार करने का अधिकार दिया गया है। साथ ही वर्चुअल और फिजिकल कोर्ट के लिए कॉज लिस्ट भी जारी करना होगा।

कोर्ट के सभी कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग

कोर्ट की ओर से जारी गाइडलाइन में कहा गया है कि न्यायालय परिसर के अंदर सभी कार्यालयों में शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। बिना मास्क के किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। साथ ही सैनिटाइजेशन की भी व्यवस्था करनी होगी। जरूरी निर्धारित दूरी का पालन सभी को करना होगा।

वकीलों के चैंबर के लिए भी निर्देश

न्यायालय परिसर के अंदर स्थित वकीलों के चैंबर के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। यहां भी सभी को शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करनी होगी। सुबह दस से शाम पांच बजे तक ही चैंबर खोले जाने की अनुमति रहेगी। अवकाश के दिन रविवार और अन्य अवकाश के दिन चैंबर को सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा। हाई कोर्ट ने वकीलों को सुझाव दिया है कि यदि वह चाहें तो सुविधा अनुसार ऑड इवेन के आधार पर चैंबर खोल सकते हैं।

सिर्फ वकीलों और उनके स्टाफ ही जाएंगे न्यायालय परिसर में

हाई कोर्ट ने न्यायालय परिसर में सिर्फ वकील और उनके कर्मचारियों को ही प्रवेश की अनुमति दी है। सभी को अपना आइकार्ड दिखाना होगा। न्यायालय परिसर के एंट्री प्वाइंट पर सैनिटाइज मशीन लगानी होगी। थर्मल स्कैनिंग करनी होगी। कोरोना वायरस का थोड़ा भी लक्षण मिलने पर प्रवेश करने की अनुमति नहीं रहेगी।

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