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Jharkhand Coronavirus News: कोरोना को लेकर सख्ती बरतें, जो नियम नहीं मानते, उनपर कार्रवाई करें

रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। Jharkhand High Court on Increasing Coronavirus Infection झारखंड हाई कोर्ट ने झारखंड में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों को लेकर सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने पूछा कि वर्तमान में कोरोना के संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार टेस्टिंग के दायरे को कितना बड़ा कर रही है और उसे निपटने के लिए किस तरह के उपाय कर रही है।

शुक्रवार को कोरोना से निपटने की राज्य सरकार की तैयारियों को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा है कि इसकी जानकारी अगले सप्ताह अदालत में दाखिल करें। बता दें कि झारखंड में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अभी वर्तमान में झारखंड में कोरोना के कुल 3363 मामले हो गए हैं।

झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में कोरोना संक्रमण पर स्वत: संज्ञान से दर्ज मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। अदालत ने लॉकडाउन के दौरान सरकारी नियमों का पालन नहीं होने पर नाराजगी जताई और कहा कि राज्य में 31 जुलाई तक लॉकडाउन जारी है। सरकार ने लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। अगर कोई नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

अदालत ने कहा कि बाजारों व सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की भीड़ जमा हो रही है। कहीं भी शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो वैसी भी दुकानें खुल रही हैं, जिन्हें खोलने की छूट नहीं मिली है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण में ऐसी लापरवाही खतरनाक है। इसके प्रति गंभीर होने की जरूरत है।

नागरिक भी निभाएं अपना कर्तव्य

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि कोरोना संक्रमण से लडऩा सिर्फ सरकार का काम नहीं है। सरकार के साथ अदालत और हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि इस लड़ाई में वह शामिल हो। इसके लिए जरूरी है कि सभी सरकार से जारी नियमों का पालन करें और संक्रमण बढऩे से रोकें।

सरकार की ओर से बताया गया कि उनकी ओर से जारी नियमों का पालन कराया जा रहा है। संक्रमण न फैले इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। वहीं, नियम नहीं मानने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह भी बताया गया कि कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। पिछले दिनों कोरोना के संक्रमण में बढ़ोतरी हुई है। इसको देखते हुए जांच में तेजी की जा रही है। जल्द ही पलामू, दुमका और हजाराबीग में भी टेस्ट लैब खोला जाएगा।

जांच की रफ्तार पर न्याय मित्र से मांगा शपथ पत्र

सुनवाई के दौरान इस मामले में न्याय मित्र इंद्रजीत सिन्हा ने सरकार के शपथ पत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में कोरोना जांच की रफ्तार धीमी है। अभी भी कोरोना के 5700 सैंपल जांच के लिए लंबित हैं। इस पर अदालत ने प्रार्थी से कहा कि यदि उन्हेंं लगता है कि जांच की रफ्तार धीमी है तो दूसरे राज्यों की जांच की रफ्तार के साथ एक तुलनात्कम रिपोर्ट 31 जुलाई को अदालत में दाखिल करें। बता दें कि अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा के ही पत्र पर संज्ञान लेते हुए अदालत इस मामले में सुनवाई कर रही है।

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