झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री की चिंता, लड़कियों को भी लुभा रहीं तंबाकू कंपनियां; छोटे दुकानदारों के साथ बड़े पर भी कार्रवाई जरूरी

Jharkhand News Tobacco Ke Nuksan बन्‍ना गुप्‍ता ने कहा कि देश में 13 से 15 वर्ष के 8.5 जबकि झारखंड में 5.1 प्रतिशत छात्र-छात्राएं तंबाकू का सेवन करते हैं। तंबाकू के छोटे दुकानदारों के साथ-साथ बड़े व्यवसायियों पर भी कार्रवाई आवश्यक है।

Sujeet Kumar SumanTue, 28 Sep 2021 06:42 AM (IST)
Jharkhand News, Tobacco Ke Nuksan तंबाकू के छोटे दुकानदारों के साथ-साथ बड़े व्यवसायियों पर भी कार्रवाई आवश्यक है।

रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा है कि तंबाकू कंपनियां अपना व्यापार बढ़ाने के लिए लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। कंपनियां अब लड़कों के साथ-साथ लड़कियों में भी इसका प्रचलन बढ़ाने की ओर कार्य कर रही हैं। यदि महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं, तो उनका स्वास्थ्य तो प्रभावित होगा ही, साथ-साथ आने वाले बच्चों पर भी खराब असर पड़ेगा। मंत्री सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के राज्य तंबाकू नियंत्रण कोषांग एवं सीड्स द्वारा नामकुम स्थित आइपीएच सभागार में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर मंत्री ने वैश्विक युवा तंबाकू सर्वेक्षण में झारखंड के आंकड़ों का भी विमोचन किया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार भारत में 13 से 15 वर्ष के आयु वर्ग में 8.5 प्रतिशत छात्र-छात्रा किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। जबकि झारखंड में इस आयु वर्ग के 5.1 प्रतिशत छात्र-छात्रा ही किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते है। उन्होंने कहा कि कम उम्र के युवाओं एवं छात्र-छात्राओं के बीच तंबाकू उत्पाद की पहुंच रोकने के लिए कोटपा कानून का शत-प्रतिशत अनुपालन जरूरी है।

उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों को झारखंड विधानसभा में कोटपा संशोधन बिल 2021 की तर्ज पर केंद्रीय कोटपा कानून में संशोधन करने का भी अनुरोध किया। मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार तंबाकू के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने इसलिए विधानसभा में बिल भी पारित किया है। इसमें तंबाकू के इस्तेमाल एवं इसके व्यवसाय में संलग्न लोगों के कम से कम उम्र की सीमा को 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष का प्रविधान किया गया है।

सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर तंबाकू के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। साथ ही साथ स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थान, कोर्ट आदि के 100 मीटर दायरे में इसके बेचने व इस्तेमाल करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। राज्य सरकार ने एक नई पहल भी की है। इसके तहत सरकारी संस्थाओं में नियुक्त होने वाले लोगों द्वारा यह घोषणा करवाया जा रहा है कि वह तंबाकू का इस्तेमाल भविष्य में नहीं करेंगे।

बन्ना ने कहा कि छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई के साथ-साथ बड़े व्यवसायी, जो तंबाकू निर्माण का काम कर रहे हैं, उन पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है। मंत्री ने बताया कि राज्य में तंबाकू का इस्तेमाल करने वालों का आंकड़ा 50.1 प्रतिशत से घटकर 38.9 प्रतिशत हो गया है, लेकिन यह आंकड़ा अभी भी देश के आंकड़े 28.6 प्रतिशत से अधिक है।

कार्यशाला में सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक कुमार मिश्रा ने प्रजेंटेशन के माध्यम से राज्य में तंबाकू नियंत्रण हेतु स्वास्थ्य विभाग, राज्य स्तरीय तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति एवं सीड्स द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अपर अभियान निदेशक विद्यानंद शर्मा, सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता रंजीत सिंह, राज्य एनसीडी कोषांग के नोडल पदाधिकारी डा. ललित रंजन पाठक आदि उपस्थित थे।

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