ग्लूकोमा का इलाज कराने दिल्ली के एम्स जाएंगे पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, जेल आइजी ने दी स्वीकृति

Jharkhand News Yogendra Sao Jharkhand योगेंद्र साव बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में आधा दर्जन से अधिक कांडों में विचाराधीन हैं। एम्स दिल्ली में डॉक्टर से मुलाकात का समय मिलने के बाद सुरक्षा जवानों की प्रतिनियुक्ति होगी। एक सप्ताह के भीतर इलाज कराकर लौटने का आदेश है।

Sujeet Kumar SumanMon, 27 Sep 2021 08:59 PM (IST)
Jharkhand News, Yogendra Sao Jharkhand योगेंद्र साव बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में आधा दर्जन से अधिक कांडों में विचाराधीन हैं।

रांची, राज्य ब्यूरो। रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार जेल में बंद पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एक बार फिर ग्लूकोमा का इलाज कराने एम्स दिल्ली जाने वाले हैं। कारा महानिरीक्षक मनोज कुमार ने उनके आवेदन को स्वीकृत करते हुए चिकित्सा के लिए सात दिनों की स्वीकृति दी है। एम्स दिल्ली के डाक्टर से मुलाकात का समय मिलने के बाद उनकी सुरक्षा में रांची पुलिस के बल की प्रतिनियुक्ति होगी। सात दिनों की अवधि की गिनती बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार छोड़ने के दिन से शुरू होगी। स्वीकृत अवधि समाप्ति पर वह वापस होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में लौट आएंगे।

एम्स नई दिल्ली में जांच तथा इलाज के संदर्भ में तत्काल भर्ती नहीं किए जाने की स्थिति में या इलाज में एक सप्ताह से ज्यादा वक्त लगने पर उन्हें दिल्ली के तिहाड़ जेल में सुरक्षा के अधीन रखा जाएगा। कारा महानिरीक्षक ने अपर महानिदेशक तिहाड़ जेल नई दिल्ली को भी इसकी सूचना दी है। उनके दिल्ली जाने की जानकारी दिल्ली के हौज खास पुलिस स्टेशन नई दिल्ली के थानेदार को भी दी गई है। योगेंद्र साव अभी आधा दर्जन से अधिक मामलों में विचाराधीन कैदी के रूप में रांची के होटवार जेल में बंद हैं।

अदालत की प्रक्रिया पूरी नहीं होने की वजह से 13 सितंबर को नहीं जा पाए थे दिल्ली

कारा महानिरीक्षक ने पहले 13 सितंबर से ही पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को दिल्ली ले जाने की स्वीकृति दी थी, लेकिन अदालत की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के चलते वे एम्स दिल्ली नहीं जा सके थे। अब एम्स के डॉक्टर से मुलाकात के लिए वक्त लिया जा रहा है, उसके बाद ही उन्हें दिल्ली ले जाया जा सकेगा।

पिछले साल छह पुलिसकर्मी हुए थे निलंबित

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पिछले साल भी ग्लूकोमा के इलाज के लिए एम्स दिल्ली गए थे। वे इलाज के नाम पर निकले तो दिल्ली के लिए थे, लेकिन पंजाब-हरियाणा में घूमते रहे। उनकी सुरक्षा में तैनात छह पुलिसकर्मियों को कर्तव्यहीनता व लापरवाही के मामले में निलंबित किया गया था। इन पुलिसकर्मियों का लोकेशन पंजाब, हिमाचल, जम्मू व यूपी में मिला था।

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