पढ़ें काम की खबर, अब DC कर सकेंगे सरकारी व खासमहल आवासित भूखंडों की बंदोबस्ती Good News

रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड कैबिनेट ने सरकारी जमीन एवं खासमहल भूखंडों पर वर्षों से रह रहे लोगों को भूखंड बंदोबस्त करने का अधिकार जिले के उपायुक्त को दे दिया है। इसके पूर्व इस तरह के मामले राज्य कैबिनेट से पारित होते थे। अब कैबिनेट ने गैर ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित सरकारी/खासमहाल भूमि पर दिनांक 1 जनवरी 1985 अथवा उससे पूर्व से आवासित परिवारों के साथ लीज बंदोबस्ती करने की शक्ति उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर या डीसी) को दी है।

इसके साथ ही, कैबिनेट ने गोड्डा में सदर एवं पोड़ैयाहाट के विभिन्न मौजा के अंदर कुल 22.199 एकड़ भूमि अडानी पावर (झारखंड) को 4.65 करोड़ रुपये के भुगतान पर देने का निर्णय लिया है। 30 वर्षों के लिए लीज पर भूखंड का आवंटन रेलवे साइडिंग निर्माण के लिए अस्थायी तौर पर किया गया है। इसके अंतर्गत गोचर भूमि के नुकसान के बदले गोड्डा सदर एवं पोड़ैयाहाट अंचल के मौजा कौड़ीबहियार माल, कारीकादो एवं गुम्मा में कुल 7.799 एकड़ गैरमजरूआ खास भूमि को गोचर अधिसूचित करने की स्वीकृति दी गई।

दूसरी ओर, रांची जिला के नगड़ी में स्थित मुड़मा के विभिन्न खाते एवं प्लॉटों में कुल 10.09 एकड़ भूमि को अमेटी विवि को 27.09 करोड़ रुपये के भुगतान पर देने का निर्णय लिया गया है। विवि का संचालन कर रहे रीतनंद बालवेद एजुकेशन फाउंडेशन के साथ 30 वर्षों के लिए लीज बंदोबस्ती की स्वीकृति दी गई है।

मंगलवार को लिए गए झारखंड कैबिनेट के अन्य फैसले

सेवाकाल में मृत सरकारी सेवक के आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति में अब कर्मी के कुंवारे भाई को भी 50 वर्ष तक उम्र छांति का लाभ मिल सकेगा। नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन के लिए कोषागार गठन एवं संचालन के लिए चार पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई है। हाई कोर्ट में दायर मामले अर्जुन कुमार एवं अन्य बनाम झारखंड सरकार के तहत पारित आदेश के आलोक में अर्जुन कुमार, ब्रजेश कुमार सिंह, सुरेंद्र भगत एवं अवधेश कुमार सिंह को प्रयोगशाला सहायक पद से डेमोस्ट्रेटर के पद पर सेवा स्वीकृत करते हुए यूजीसी के बराबर वेतनमान देने का निर्देश लिया गया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के अधीन झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सभी अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति एवं सभी स्थायी लोक अदालत के लिए विभिन्न स्तर पर 110 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। झारखंड सचिवालय आशुलिपिक सेवा के अंतर्गत आप्त सचिव एवं प्रधान सचिव के छायापद की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। हाई कोर्ट के आदेश पर भवनाथ मिश्रा (तत्कालीन आशुलिपिक, महाधिवक्ता कार्यालय) को उनके योगदान की तिथि अर्थात दिनांक 20 सितंबर 1997 से समायोजित करते हुए सेवानिवृत्त लाभ के भुगतान की स्वीकृति दी गई। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (डिप्लोमा स्तर) संचालन नियमावली, 2015 में संशोधन करने की स्वीकृति दी गई जीएसटी के तहत केंद्र से निर्गत अधिसूचना अथवा आदेश के आलोक में अब मंत्रिमंडल से अनुमति की जरूरत नहीं होगी। ऐसे मामलों में अब मुख्य (विभागीय) मंत्री का अनुमोदन और इसके बाद विधि व वित्त विभाग की सहमति से वाणिज्यकर विभाग अधिसूचना जारी कर सकेगा। झारखंड स्टेट सिविल कोर्ट ऑफिसर्स एंड स्टाफ (रिक्रूटमेंट प्रमोशन, ट्रांसफर एंड अदर सर्विस कंडीशंस) रूल्स, 2018 के गठन की स्वीकृति दी गई। पीएसडीएफ स्कीम के तहत 132 केवीए और इससे अधिक के ग्रिड सब स्टेशनों में रिलायबल कम्युनिकेशन लागू करने के लिए 44.72 करोड़ की योजना की प्रशासनिक स्वीकृति एवं वित्तीय वर्ष 2019-20 में 22.36 करोड़ अनुदान स्वरूप विमुक्त करने का निर्णय लिया गया। डीवीसी कमांड एरिया में कुल स्वीकृत 14 नई परियोजनाओं के लिए 1192.91 करोड़ में से 6 योजनाओं को नाबार्ड से ऋण न लेकर राज्य निधि से संचालित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 372.04 करोड़ रुपये विमुक्त करने की स्वीकृति दी गई। मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग के अंतर्गत जिला स्तर पर 12 उपनिर्वाचन पदाधिकारियों के पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। लोकायुक्त को आवंटित सरकारी आवास की सुसज्जा के लिए आठ लाख रुपये खर्च करने की अनुमति दी गई।

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