सीएम हेमंत सोरेन ने कोडरमा में 250 बेड के कोविड अस्पताल का किया उद्घाटन

Koderma News, Jharkhand Samachar सीएम ने कहा कि संक्रमण से निपटने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

Koderma News Jharkhand Samachar मुख्‍यमंत्री ने कोडरमा सदर अस्पताल में 20 ऑक्सीजनयुक्त पाइप लाइन बेड का भी उद्घाटन किया। उन्‍होंने कहा कि संक्रमण से निपटने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस दौरान कई नेता-अधिकारी मौजूद रहे।

Sujeet Kumar SumanWed, 05 May 2021 05:01 PM (IST)

कोडरमा, जासं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कोडरमा जिले के बागीटांड़ में स्थित कोडरमा इंजीनियरिंग काॅलेज भवन में अस्थायी तौर पर बने 250 बेड के डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर का ऑनलाइन उद्घाटन किया। साथ ही सदर हॉस्पिटल में भी 20 ऑक्सीजन पाइप लाइन युक्त बेड की शुरुआत की गई। इस मौके पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोविड की स्थिति से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मरीजों के लिए राजधानी रांची समेत विभिन्न जिलों में ऑक्सीजनयुक्त बेड बढ़ाए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में कोडरमा में 110 ऑक्सीजनयुक्त बेड की व्यवस्था डीसीएचसी में की गई है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कोविड की चुनौती सामने आ रही है, उसे मैनेज करने का प्रयास किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना का संक्रमण पैर पसार रहा है। इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। वहीं गांव में कोविड से मरनेवालों की कोविड प्रोटोकाल के तहत अंत्येष्टि नहीं हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि इस तरह की मौत के मामले में मृतक के परिवार के सभी लोगों की कोविड टेस्टिंग की जाए।

इस तरह संक्रमण को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है। इस संबंध में सरकार के स्तर से आवश्यक दिशानिर्देश दिया जा रहा है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, कोडरमा विधायक डाॅ. नीरा यादव, विधायक अमित यादव, डीसी कोडरमा रमेश घोलप, डीडीसी आर रॉनिटा के अलावा अन्य लोग मौजूद थे। इससे पूर्व डीसी कोडरमा ने जिले में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण को लेकर चलाए जा रहे सरकारी प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

 

डीसीएचसी में है 110 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड

इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर कोडरमा में बने सरकारी कोविड अस्पताल में 110 बेड पूरी तरह ऑक्सीजन युक्त रहेंगे। इसके साथ-साथ 140 अन्य बेड बगैर ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों के लिए रहेगा। जरूरत के अनुसार इन बेडों की संख्या भविष्य में बढ़ाई जा सकती है।

आइसीयू बेड की व्यवस्था

गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों का ऑब्जर्वेशन कर गहन चिकित्सा की जाती है। इसके लिए सरकारी कोविड अस्पताल में इंटेंसिव केयर यूनिट की भी व्यवस्था है। वेंटिलेटर तथा अन्य आधुनिक तकनीक की सहायता से यहां जिलेवासियों का इलाज किया जाएगा।

चिकित्सा कर्मी के रहने की व्यवस्था

इंजीनियरिंग कॉलेज का कैंपस कई एकड़ में फैला हुआ है। जिस नवनिर्मित 4 मंजिला भवन को कोविड अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहां कुल 102 कमरे, 02 बड़े हॉल एवं 01 बड़ा हॉल के साथ संलग्न मेस भी है। लेकिन प्रस्तावित बेड के अनुसार ही जगहों का उपयोग किया जा रहा है। चिकित्सक, पारा मेडिकल स्टाफ एवं सरकारी कर्मियों के लिए ड्यूटी के अनुसार यहां रहने की भी व्यवस्था रहेगी। यहां सभी कर्मी रात्रिकालीन भी चौबीसों घंटे रहकर कार्य कर सकेंगे। बड़े परिसर होने के कारण यहां अनेक बिल्डिंग हैं। आमजनों को हॉस्पिटल भवन खोजने में दिक्कत ना हो, इसलिए प्रवेश द्वार से ही हॉस्पिटल तक पहुंचने के लिए जगह-जगह रास्ते में तीर निशान लगाया गया है।

हेल्प डेस्क में मिलेगी आवश्यक जानकारी

कोविड हॉस्पिटल के बाहर आगंतुकों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। बाहर से आने वाले यहां ड्यूटी पर तैनात कर्मी से मरीज की हालत, खाली बेड की उपलब्धता एवं अस्पताल प्रबंधन से जुड़ी अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह सहायता केंद्र चौबीसों घंटे कार्यरत रहेगा। अस्पताल के कुशल प्रबंधन और संचालन के लिए उप विकास आयुक्त आर रोनिटा को वरीय नोडल पदाधिकारी और डॉक्टर शरद को उनके सहायतार्थ नोडल पदाधिकारी बनाया गया है।

डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाएगी

हॉस्पिटल एक जगह रहने से एकीकृत व्यवस्था रहेगी। सभी चिकित्सक भी एक ही जगह उपलब्ध रहेंगे। इससे चिकित्सकों की संख्या पर्याप्त रहेगी और जरूरत पड़ने पर इसकी संख्या और भी बढ़ाई जाएगी।

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