जीएसटी की क्षतिपूर्ति के लिए झारखंड भी केंद्र के विकल्प पर राजी

जीएसटी की क्षतिपूर्ति के लिए झारखंड भी केंद्र के विकल्प पर राजी

प्रस्ताव तैयार मुख्यमंत्री के पास पहुंची फाइल

Publish Date:Fri, 04 Dec 2020 01:23 AM (IST) Author: Jagran

आनंद मिश्र, रांची : जीएसटी के घाटे की भरपाई के लिए झारखंड सरकार ने भी इस मुद्दे पर केंद्र से चल रहा बेवजह का टकराव टालने का निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार के सुझाए फार्मूले पर अमल की पहल की है। अब अन्य राज्यों की तरह झारखंड सरकार ने भी जीएसटी क्षतिपूर्ति की भरपाई के लिए विकल्प-एक चुनने का निर्णय लिया है। इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार हो गया है और फाइल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास भेज दी गई है, जिस पर मुहर लगनी लगभग तय है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार एक या दो दिनों में इस निर्णय की अधिकृत घोषणा करेगी।

जीएसटी कंपनसेशन पर केंद्र के सुझाए विकल्प को शुरुआती दौर में गैर भाजपा शासित राज्यों ने नकार दिया था, लेकिन बाद में एक-एक कर सभी राज्यों ने विकल्प एक को मानने पर अपनी सहमति दे दी। बंगाल और केरल की सरकारों ने जब विकल्प-एक को चुना तो इसकी संभावना बढ़ गई थी कि झारखंड सरकार भी इसी विकल्प पर आगे बढ़ेगी। इसी बीच छत्तीसगढ़ ने भी जीएसटी कंपनसेशन के लिए विकल्प-एक को चुन लिया तो केवल झारखंड ही इस विकल्प को नकारने वाला इकलौता राज्य बन गया। ऐसे में झारखंड सरकार के पास इसे स्वीकार करने का अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं रह गया था।

मौजूदा वित्तीय वर्ष में देश के अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखंड में भी जीएसटी घाटे का सबब बना हुआ है। जीएसटी कंपनसेशन की राशि बढ़कर साढ़े तीन हजार करोड़ तक पहुंच गई है। यहां यह भी बता दें कि केंद्र सरकार ने पहले विकल्प को चुनने वाले राज्यों के लिए विशेष कर्ज लेने की व्यवस्था की है।

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क्या हैं विकल्प

जीएसटी कंपनसेशन को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यों को दो विकल्प सुझाए थे। विकल्प एक के तहत राज्यों को सुझाव दिया गया था कि वे जीएसटी कंपनसेशन के एवज में हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए उधार लेंगे और उसके मूल और ब्याज की अदायगी आने वाले समय में विलासिता वस्तुओं पर लगाए जाने वाले क्षतिपूर्ति सेस से की जाएगी। वहीं, दूसरा विकल्प यह था कि राज्य सरकारें पूरे के पूरे नुकसान का उधार लेंगी। इस परिस्थिति में मूल रकम की अदायगी तो क्षतिपूर्ति सेस से हो जाएगी, लेकिन ब्याज का बोझ उन्हें खुद उठाना होगा।

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