ITI Admission Counselling 2021: आइटीआइ में एडमिशन-काउंसिलिंग के डेट बदले... यहां देखें Details @jceceb.jharkhand.gov.in

jceceb.jharkhand.gov.in झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद ने आइटीआइ में दाखिले हेतु काउंसिलिंग की तिथियों में संशोधन किया है। राज्य के सरकारी व गैर सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए अब सीटों का आवंटन 24 सितंबर से पांच अक्टूबर के बीच होगा। देखें jceceb.jharkhand.gov.in

Alok ShahiSat, 25 Sep 2021 12:18 AM (IST)
jceceb.jharkhand.gov.in: आइटीआइ में दाखिले के लिए होनेवाली काउंसिलिंग की तिथियों में संशोधन किया है।

रांची, राज्य ब्यूरो। jceceb.jharkhand.gov.in झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद ने राज्य के सरकारी व गैर सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए होनेवाली काउंसिलिंग की तिथियों में संशोधन किया है। पहली काउंसिलिंग के तहत सीटों का आवंटन पहले 21 से 28 सितंबर तक होना था। अब सीटों का आवंटन 24 सितंबर से पांच अक्टूबर के बीच होगा। इसी दौरान संस्थानों में नामांकन भी होगा। दूसरी काउंसिलिंग के तहत आनलाइन रजिस्ट्रेशन तथा विकल्प भरने का कार्य अब नौ से 14 अक्टूबर के बीच होगा। 20 से 25 अक्टूबर के बीच सीटों का आवंटन होगा तथा इसी बीच नामांकन भी होगा।

सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में कल अमित शाह से मिलेगा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली दौरे में संशोधन किया गया है। वे 26 सितंबर को सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ करेंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इस दौरान जाति आधारित जनगणना और सरना धर्म कोड लागू करने की मांग उठाई जाएगी। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, सीपीआई से पूर्व लोकसभा सदस्य भुनेश्वर मेहता, भाकपा माले से विधायक विनोद कुमार सिंह, एमसीसी से अरुप चटर्जी, आजसू से सुदेश महतो, सीपीएम से सुरेश मुंडा प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा से भी एक प्रतिनिधि देने का आग्रह किया गया है। इस संबंध में उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश से बात की है। उन्होंने आशा जताई कि भाजपा राज्य के हित में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होगी।

विधानसभा में उठी थी मांग

जाति आधारित जनगणना के लिए विधानसभा के मानसून सत्र में मांग उठी थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगा था, लेकिन यह तय नहीं हो पाया। सरना धर्म कोड को जनगणना में कालम के तौर पर देने का प्रस्ताव झारखंड विधानसभा में पूर्व में पारित हो चुका है। इसके लिए विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किया गया था। सत्र में सर्वसम्मति से सभी दलों ने सरना धर्म कोड जनगणना कालम में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया था।

भाजपा ने कर दिया है इन्कार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में दिल्ली जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के शामिल होने की संभावना नहीं है। प्रदेश नेतृत्व ने इससे इन्कार कर दिया है। 

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