Important News for Teachers: सरकार से टकराने के मूड में प्राथमिक शिक्षक, प्रमोशन के लिए 15 नवंबर तक का अल्‍टीमेटम

Important News for Teachers प्रा‍थमिक शिक्षकों का मिजाज एक बार फिर से गरम हो गया है। प्रोन्नति पर लगी रोक को लेकर शिक्षकों ने सरकार से दो-दो हाथ करने का मन बना लिया है। शिक्षक संघ ने 15 नवंबर से पहले प्रमोशन पर रोक हटाने की चेतावनी दी है।

Alok ShahiSun, 03 Oct 2021 11:51 PM (IST)
Important News for Teachers: प्रमोशन के मसले पर प्रा‍थमिक शिक्षकों का मिजाज एक बार फिर से गरम हो गया है।

रांची, राज्य ब्यूरो। Important News for Teachers अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की रविवार को हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में राज्य में शिक्षकों एवं अन्य कर्मियों की प्रोन्नति पर लगी रोक हटाने की मांग उठी। तय हुआ कि राज्य सरकार को प्रोन्नति पर लगी रोक हटाने के लिए 15 नवंबर राज्य स्थापना दिवस तक समय दिया जाए। इस अवधि तक प्रोन्नति पर लगी रोक नहीं हटने पर प्राथमिक शिक्षक आंदोलन शुरू करेंगे।

बैठक में कहा गया कि शिक्षकों को प्रोन्नति नहीं मिलने से प्रधानाध्यापकों के पद नहीं भर रहे हैं। 96 प्रतिशत मध्य विद्यालयों को इस कारण प्रधानाध्यापक नहीं मिल पा रहे हैं। उत्क्रमित उच्च विद्यालयों में प्रभारी बनाए जाने को लेकर विभाग द्वारा जारी आदेश को विसंगतिपूर्ण बताते हुए उसे वापस लेने की मांग की गई। शिक्षकों के निजी मोबाइल का विभागीय उपयोग लिए जाने पर शिक्षकों ने आपत्ति जताई और इसके लिए सरकार को विद्यालयों को खराब टैब को मरम्मत कराने की मांग की गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष बिजेंदर चौबे, महासचिव राममूर्ति ठाकुर, मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद, अनूप केसरी, राकेश कुमार, हरे कृष्ण चौधरी आदि शामिल हुए।

मजबूत हो रही राज्‍य की आर्थिक स्थिति

झारखंड में कोरोना संक्रमण के तकरीबन पूरी तरह काबू में आने से अर्थव्यवस्था की सेहत भी सुधरी है। जीएसटी के साथ ही वैट के मद में राजस्व संग्रहण के आंकड़ों ने नया रिकार्ड रचा है। जीएसटी और वैट में वृद्धि सीधे तौर पर बाजार से जुड़ी होती है। जाहिर है बाजार सुधरा है, खपत बढ़ी है। इससे राज्य सरकार को खासी राहत मिली है। झारखंड का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर जीएसटी के तहत हासिल उपलब्धि से कम नहीं है। जीएसटी, आईजीएसटी व वैट के मद में सितंबर में 1566 करोड़ से अधिक हासिल हुआ है।

इसमें जीएसटी कंपनसेशन की 341 करोड़ की राशि भी शामिल है। राज्य को गत वर्ष की समान अवधि से लगभग 21 प्रतिशत अधिक राजस्व इस मद में हासिल हुआ है। सितंबर-20 में यह एक हजार करोड़ रुपये के दायरे में सिमटा था। अप्रैल से सितंबर की पहली छमाही की बात करें तो वाणिज्यकर विभाग 9139.64 करोड़ रुपये जुटाने में कामयाब रहा है। जो कि तयशुदा लक्ष्य 18622 करोड़ का 49.61 प्रतिशत है। राजस्व के मोर्च पर इसे अच्छी स्थिति कहा जाएगा क्यों कि तय लक्ष्य का लगभग पचास प्रतिशत पहले छह माह में हासिल हो चुका है।

अगली छमाही से और अधिक बेहतरी की उम्मीदअर्थव्यवस्था के लगातार सुधरने और बाजार के खुलने का असर फायदा झारखंड को इस वित्तीय वर्ष की अगली छमाही में मिलेगा। त्योहारी सीजन के साथ-साथ कारोबारी माहौल और बेहतर होना तय माना जा रहा। जब पहली छमाही में रोड़ों के बावजूद पचास प्रतिशत हासिल हो गया तो अगली छमाही लक्ष्य तय लक्ष्य को पीछे छोड़ देगी। यदि ऐसा हुआ तो राज्य गठन के बाद झारखंड में पहली बार तय लक्ष्य से अधिक लक्ष्य वाणिज्यकर विभाग हासिल करेगा।

कलेक्शन की स्थिति

मद सितंबर-21 अप्रैल से सितंबर लक्ष्य प्रतिशत

जीएसटी व आइजीएसटी 709.57 4457.79 9500 46.92 वैट व अन्य मद 515.15 2831.22 7355.42 38.49

कुल 1224.72 7289.01 16855.42 43.24

जीएसटी कंपनशेसन 341.87 678.90 1567.51 43.31 जीएसटी पूर्ति के लिए लोन -- 1171.73 -- --

कुल योग 1566.59 9139.64 18422.93 49.61

नोट : राशि करोड़ रुपये में है।  

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