Health Insurance: कोविड-19 की तरह ब्लैक फंगस भी सभी हेल्थ इंश्योरेंस पाॅलिसी में होगा कवर

Health Insurance Jharkhand News कंप्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस में ब्लैक फंगस का इलाज कवर होगा। कोविड-19 के लिए स्पेशल पाॅलिसी में केवल कोरोना का कवर होगा। बीमा की कवर राशि तक इलाज के पैसे का भुगतान होगा। किसी भी तरह के फंगल बीमारी को स्वास्थ्य बीमा पाॅलिसी कवर करेगा।

Sujeet Kumar SumanWed, 09 Jun 2021 12:31 PM (IST)
Health Insurance, Jharkhand News कंप्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस में ब्लैक फंगस का इलाज कवर होगा।

रांची, जासं। कोविड-19 महामारी के दौर में हेल्थ इश्योरेंस पाॅलिसी की अहमियत काफी बढ़ गई है। कोरोना संक्रमण के इलाज में लाखों का खर्च आता है। ऐसे में अगर मरीज के पास पैसे या पाॅलिसी न हो तो बड़ी मुसीबत आ जाती है। इसे देखते हुए बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) की पहल से कोविड-19 के इलाज के लिए कई पाॅलिसी बाजार में आ गई है। मगर इन दिनों राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में व्हाइट और ब्लैक फंगस की मार से भी लोग परेशान हैं।

मगर अब एक अच्छी खबर यह है कि किसी भी स्वास्थ्य बीमा के तहत व्हाइट, ब्लैक, ग्रीन, ऑरेंज फंगस सहित किसी भी फंगल संक्रमण का इलाज होगा। आइआरडीए के द्वारा यह साफ कर दिया गया है कि भले ही सरकार के द्वारा इस फंगल संक्रमण को महामारी घोषित कर दिया गया है, मगर फंगल संक्रमण के इलाज का कवर सामान्य स्वास्थ्य बीमा में कवर किया जाएगा।

कोरोना स्पेशल इंश्‍योरेंस में नहीं होगा फंगस का इलाज

कोरोना संक्रमण के बाद कई लोगों ने विभिन्न कंपनियों के कोरोना सुरक्षा, कोरोना कवच आदि इंश्‍योरेंस लिया। मगर इस इंश्‍योरेंस में जनरल हेल्थ और फंगल इंफेक्शन का इलाज कवर नहीं होगा। कोरोना स्पेशल इंश्‍योरेंस को केवल कोविड के इलाज के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि अगर कोरोना स्पेशल पाॅलिसी के साथ अगर किसी के पास जनरल पाॅलिसी है तो वो उसे किसी विशेष पाॅलिसी की जरूरत नहीं है। वहीं अगर कोई नई पाॅलिसी लेता है तो उसकी फंगस संक्रमण की कवर 30 दिनों के बाद शुरू होगी।

सरकारी बीमा कंपनियों भी करेंगी कवर

यदि किसी व्यक्ति ने पहले से प्रधानमंत्री जन्य आरोग्य बीमा पॉलिसी ली है तो कोरोना या ब्लैक फंगस के लिए अलग से पॉलिसी लेने की जरूरत नहीं है। इस सरकारी पॉलिसी में कोरोना का 1.50 लाख रुपये तक कवर शामिल है। वहीं आयुष्मान भारत के तहत भी इस बीमारी के इलाज का पूरा खर्च दिया जाएगा। आइआरडीए ने साफ किया है कि किसी भी बीमित व्यक्ति को इसके लिए विशेष पैकेज या टाॅप अप लेने की जरूरत नहीं होगी।

'आइआरडीए के पत्र के बाद कोई भी बीमा कंपनी फंगल इंफेक्शन के नाम पर लोगों को क्लेम देने से मना नहीं कर सकती। कंपनी के बीमित व्यक्ति के इलाज का खर्च पाॅलिसी के मुताबिक देना होगा। इसके लिए अलग से टाॅप अप या प्रीमियम देने की जरूरत नहीं है।' -विनय चौधरी, वित्त और बीमा सलाहकार।

'किसी भी बीमा में पैनडेमिक को कवर नहीं किया जाता। मगर सरकार और आइआरडीए के पत्र के बाद सभी कंपनियों ने कोरोना कवर शुरू कर दिया है। ऐसे ही अब फंगस संक्रमण को भी कवर किया जा रहा है। लोगों को इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है।' -विजय पटेल, वित्त और बीमा सलाहकार।

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