पुराने जेल परिसर में बदमाशों ने की तोड़फोड़, गार्ड को पीटा

पुराने जेल परिसर में बदमाशों ने की तोड़फोड़, गार्ड को पीटा

रांची का पुराना जेल परसिर में निर्माणाधीन बिरसा मुंडा म्यूजियम में गार्ड के साथ मारपीट की गई।

JagranSun, 16 May 2021 06:06 PM (IST)

जागरण संवाददाता, रांची :

रांची का पुराना जेल परसिर में निर्माणाधीन बिरसा मुंडा म्यूजियम में इन दिनों नशेड़ियों और चोरों का जमावड़ा है। परिसर से रॉ मैटेरियल की चोरी धड़ल्ले से हो रही थी। इसकी जानकारी मिलने के बाद इसकी देखरेख में लगे सिक्युरिटी गार्ड ने शुक्रवार की रात बदमाशों को रोकने की कोशिश की तो नशेड़ियों ने जमकर बवाल काटा। बदमाशों ने निर्माण कार्य के लिए लाई गई जेसीबी मशीन में तोड़फोड़ कर दी। साथ ही गार्ड व अन्य कर्मियों के साथ मारपीट कर दी। यहां तक कि बदमाशों ने कार्यालय में भी जमकर उत्पात मचाया। कार्यालय में रखे सामान तोड़ दिया। इस संबंध में लोअर बाजार थाने में संतोष समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस बदमाशों की तलाश में जुट गई है। चोरी से रोकने पर उलझे, किया बवाल :

बताया जा रहा है कि जेल परिसर में बन रहे म्यूजियम का कार्य तेजी से किया जा रहा है, लेकिन इसके आसपास की बस्तियों में रहने वाले नशेड़ियों के लिए बिरसा मुंडा संग्राहलय अड्डा बन चुका है। नशेड़ी शाम ढलते ही इस परिसर में नशे का सेवन करने लगते हैं और पैसे की कमी होती है तो इसी परिसर के रॉ मैटेरियल की चोरी करते हैं। इसकी जानकारी मिलने के बाद तैनात गार्ड ने उन्हें रोकने का भी प्रयास किया। इसको लेकर कई बार गार्ड के साथ नशेड़ियों की बकझक भी हुई। मगर शुक्रवार की शाम जब गार्ड ने उन्हें चोरी करने से रोका वे उनके साथ उलझ गए। कंपनी के कर्मी विकास कुमार सिंह ने बताया कि नशेड़ियों ने टाइल्स तोड़ने के साथ एक स्कूटी और जेसीबी को भी नुकसान पहुंचाया और ऑफिस के शीशे भी तोड़ डाले, गार्ड को पीटा। 27 करोड़ की लागत से बन रहा है म्यूजियम :

रांची के पुराने जेल को पिछली भाजपा की सरकार ने बिरसा मुंडा म्यूजियम बनाने का निर्णय लिया गया था। 13 एकड़ में प्रस्तावित इस पार्क को केंद्रीय सहायता से संग्रहालय बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। भगवान बिरसा मुंडा संग्रहालय का निर्माण कुल 27 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है और इसके लिए केंद्र सरकार ने 25 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है। राज्य सरकार भी जेल के संरक्षण कार्य में लगभग दो करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस राशि से जेल परिसर को म्यूजियम के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। इस म्यूजियम का उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ी के युवाओं को अपनी विरासत और धरोहर की जानकारी मिल सके।

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