झारखंड सरकार के कर्मियों को दुर्गा पूजा बाद मिलेगी अच्‍छी खबर, कार्मिक विभाग ने तैयार किया यह प्‍लान

Jharkhand Government News Hindi News झारखंड सरकार के कर्मियों की प्रोन्नति पर लगी रोक हटेगी। कार्मिक विभाग ने इस मुद्दे से निपटने का फार्मूला तैयार कर लिया है। दिसंबर 2020 से सरकारी कर्मियों को प्रोन्नति का लाभ नहीं मिल रहा है।

Sujeet Kumar SumanTue, 12 Oct 2021 08:53 PM (IST)
Jharkhand Government News, Hindi News झारखंड सरकार के कर्मियों की प्रोन्नति पर लगी रोक हटेगी।

रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड में सरकारी कर्मियों के लिए दुर्गापूजा के बाद अच्छी खबर सामने आ सकती है। पिछले लगभग एक वर्ष से प्रोन्नति के लाभ से वंचित रह रहे सरकारी कर्मियों को प्रोन्नति देने के लिए फॉर्मूले को तैयार कर लिया गया है। विधानसभा समिति की अनुशंसा पर पिछले वर्ष अक्टूबर महीने से ही कर्मियों को प्रोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विधानसभा समिति ने बाद में अपनी अनुशंसा वापस लेते हुए प्रोन्नति पर लगी रोक हटाने का आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा, लेकिन कोर्ट में मामला पहुंचने के कारण इसपर निर्णय होने में देरी लगी। मामले में महाधिवक्ता का परामर्श भी कार्मिक विभाग ने प्राप्त किया है।

दरअसल, अनुसूचित जनजाति के कर्मियों ने शिकायत की थी कि उनके साथ प्रोन्नति में आरक्षण देने में भेदभाव हो रहा है। कई बार जूनियर कर्मियों को इसका लाभ मिल जा रहा था और सीनियर इससे वंचित रह जाते थे। शिकायतों के बाद विधानसभा कमेटी ने पड़ताल की तो मामला सही पाया और कमेटी ने कड़ा फैसला लेते हुए इस दौरान जितने भी कार्मिक सचिव और मुख्य सचिव रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने तक की अनुशंसा कर दी। इसके बाद कमेटी की अनुशंसा पर सभी सरकारी कर्मियों को प्रोन्नति से वंचित कर दिया गया। 

एसटी-एससी को प्रोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं मिलने की हुई थी शिकायत

कर्मचारी संगठनों ने शिकायत की थी कि राज्य कर्मियों के बीच एसटी और एससी कर्मियों को प्रोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है और उनसे अधिक प्रोन्नति सामान्य वर्ग के कर्मियों को मिल रही है। दरअसल, कई कर्मी जो आरक्षित वर्ग के होने हैं, लेकिन उन्हें परीक्षा में अधिक अंक मिलता है, तो राज्य सरकार इनकी नियुक्ति सामान्य कोटे से करती है।

आगे प्रोन्नति में भी इन्हें इसी कोटे का मानकर लाभ नहीं दिया जाता है। इससे अधिक अंक लानेवाले प्रतिभावान कर्मियों को सामान्य कोटि के आधार पर प्रोन्नति दी जाती थी, जो कि जाहिर तौर पर अधिक समय में मिलता था और आरक्षित कोटि से नौकरी पानेवाले को कम समय में। इस तरह से अपनी ही बिरादरी में आरक्षित कोटि के कई कर्मी प्रोन्नति से वंचित रह गए और प्रतिभावान कर्मियों को प्रोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाया।

प्रोन्नति के लिए बनेगी नियमावली

केंद्रीय कर्मियों को ऐसे मामलों में सेलेक्शन मेथड से लाभ दिया जाता है। इसमें कर्मियों के मेरिट और वरीयता के आधार पर प्रोन्नति दी जाती है। इसके लिए एक नियम के तहत कर्मियों का साक्षात्कार होता है और उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाता है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार अब कर्मियों को प्रोन्नति में आरक्षण का लाभ देने के लिए नियमावली बनाएगी। नियमावली के आधार पर कर्मियों को लाभ मिलेगा।

6000 सरकारी कर्मी बिना लाभ लिए कर गए रिटायर

प्रोन्नति पर रोक के कारण राज्य के छह हजार सरकारी कर्मियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। सेवानिवृत्त कर्मियों को अंतिम वेतन के आधार पर पेंशन तय होता है और प्रोन्नति नहीं मिल पाने के कारण अंतिम वेतन भी नहीं बढ़ पाता है। दस महीनों में लगभग छह हजार सरकारी कर्मी पुराने वेतनमान में ही रिटायर कर गए।

'सरकार कर्मियों को उनका हक देगी और जल्द ही प्रोन्नति पर लगी रोक को हटा लिया जाएगा।' -वंदना डाडेल, प्रधान सचिव, कार्मिक विभाग।

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