कांके के बाद गेतलसूद डैम के भी खुले चार फाटक, रविवार को होंगे बंद

गुरुवार की रात से चल रही लगातार बरसात की वजह से राजधानी के डैम के फाटक खोले गए हैं।

JagranSun, 01 Aug 2021 02:26 AM (IST)
कांके के बाद गेतलसूद डैम के भी खुले चार फाटक, रविवार को होंगे बंद

जागरण संवाददाता, रांची : गुरुवार की रात से चल रही लगातार बरसात की वजह से राजधानी के डैम का जलस्तर काफी बढ़ गया है। गेतलसूद डैम के चार फाटक दो-दो फीट के लिए शनिवार की सुबह खोले गए। कांके डैम के दो फाटक शनिवार की रात को ही खोल दिए गए थे। इन दोनों डैम के फाटक अभी भी खुले हुए हैं। दोनों जगह के कार्यपालक अभियंताओं का कहना है कि जलस्तर की स्थिति देखते हुए रविवार को डैम के फाटक बंद किए जाएंगे। कांके डैम का जलस्तर अभी साढ़े 27 फीट पर है। इस डैम से अभी डेढ़ फीट पानी बहाना है। कांके डैम के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि डैम में जब 26 फीट पानी हो जाएगा। तो डैम का गेट बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी डैम का जलस्तर बढ़ रहा है। बरसात बंद होने से उम्मीद है कि रविवार की सुबह तक जलस्तर बढ़ना बंद हो। इसी तरह गेटलसूद डैम में अभी जलस्तर 34 फीट तक है। 34 फीट के आसपास पानी आने पर गेट के फाटक को बंद कर दिया जाएगा। हटिया डैम का भी जलस्तर बढ़ा हुआ है। 29.4 फीट पानी है।

रिम्स में बारिश होते ही दशकों से वार्ड में शुरू हो जाता है जल जमाव जासं, रांची : बारिश होते के साथ ही राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल कहे जाने वाले रिम्स के अंदर जल जमाव से मरीज परेशान हो जाते हैं। इमरजेंसी जहां गंभीर मरीजों का इलाज होता है वहां भी पानी भर जाता है। जिसके बाद मरीजों के साथ-साथ डाक्टरों को भी इलाज करने में समस्या आती है। यह समस्या कोई नयी नहीं है, यहां बारिश शुरू होने के साथ ही वार्डों में पानी भर जाता है और मरीज के परिजन पानी बाहर निकालने में लगे रहते हैं। प्रबंधन की ओर से सिर्फ कागजी मरम्मत का काम किया जाता है। जो दशकों से पूरा नहीं हो पाया है। रिम्स अधीक्षक डा. विवेक कश्यप बताते हैं कि मरीजों को जल जमाव से समस्या होती है, इसे लेकर कई बार पीडब्लूडी के इंजीनियरों को कहा गया है। वे हमेशा इसे बनाने का दावा करते हैं लेकिन हर बारिश में फिर वही स्थिति हो जाती है। इसे लेकर अब नई सिरे से सारी चीजों को ठीक करने की जरूरत है।

रिम्स में लगा ही नहीं है वाटर हारवेस्टिग सिस्टम :

रिम्स में जल जमाव की समस्या जग जाहिर है, लेकिन सबसे बड़ी बात है यहां जल संरक्षण को लेकर कोई योजना ही नहीं है। रिम्स में आज तक वाटर हारवेस्टिग सिस्टम लगाया ही नहीं जा सका है। हालांकि अब बन रहे नए भवनों में इस सिस्टम को लगाया जा रहा है। लेकिन कहीं इस सिस्टम के नहीं होने से जल संरक्षण का काम नहीं हो रहा है। अधीक्षक डा विवेक कश्यप बताते हैं कि वाटर हारवेस्टिग सिस्टम लगाने की कोई योजना ही नहीं है। यहां पर वाटर हारवेस्टिग सिस्टम लगाया ही नहीं गया है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.