Jharkhand: मांडर के पूर्व विधायक व सिलागाई के मुखिया ने रची थी उपद्रव की साजिश, आदिवासियों को भड़काया

Jharkhand रांची जिले के चान्हो थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन एकलव्य विद्यालय में तोडफ़ोड़ व पुलिस पर पथराव के मामले में उपायुक्त ने राज्य सरकार को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मांडर के पूर्व विधायक देव कुमार धान ने साजिश रची ।

Kanchan SinghSat, 27 Nov 2021 09:36 AM (IST)
एकलव्य विद्यालय में तोडफ़ोड़ मामले में रांची के उपायुक्त छवि रंजन ने को जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

रांची {दिलीप कुमार} । रांची जिले के चान्हो थाना क्षेत्र स्थित सिलागाई में निर्माणाधीन एकलव्य विद्यालय में हजारों की भीड़ का हमला, तोडफ़ोड़ व पुलिस पर पथराव के मामले में रांची के उपायुक्त छवि रंजन ने राज्य सरकार को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। उपायुक्त ने यह जांच रांची के एसपी ग्रामीण व एसडीओ सदर की संयुक्त टीम से कराई थी। जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि मांडर के पूर्व विधायक देव कुमार धान, सिलागाई के मुखिया बुधराम उरांव, नारायण उरांव, मंगलेश्वर टाना भगत, पचोला आदि ने एकलव्य विद्यालय के निर्माण की एक साजिश रची और हजारों की भीड़ जुटाकर हमला व तोडफ़ोड़ करवाई। इनलोगों ने शहीद वीर बुधु भगत के स्मारक टोंगरी से छेड़छाड़ का आधार बनाकर लोगों को एकजुट किया है।

जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार एकलव्य विद्यालय के निर्माण के मुद्दे पर आदिवासी समाज दो गुटों में बंटा है। एक गुट विद्यालय बनने के पक्ष में है तो दूसरा गुट इसका विरोध कर रहा है। सिलागाई में देवघर की इंडियन प्रोगेसिव कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सरकारी योजना से एकलव्य आवासीय विद्यालय का निर्माण करवा रही है। 22 नवंबर को पुलिस-प्रशासन की एक टीम विधि-व्यवस्था के लिए सिलागाई स्थित एकलव्य विद्यालय निर्माण स्थल पर थी। दोपहर करीब दो बजे सिलागाई पंचायत के मुखिया बुधराम उरांव, नारायण उरांव, मंगलेश्वर टाना भगत व पचोला उरांव के नेतृत्व में 500-600 मोटरसाइकिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए।

उन्हें सिलागाई मोड़ पर बलपूर्वक रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वे वाहनों में छुपाकर लाए गए नीले रंग के हथौड़े व पारंपरिक हथियार को निकालकर विद्यालय की निर्माणाधीन चारदीवारी की तरफ भागने लगे। बल प्रयोग करने पर आक्रोशित भीड़ में शामिल लोगों ने पुलिस बल पर पथराव कर दिया। विरोध करने वाले चारदीवारी भी तोड़ रहे थे और बीच-बीच में देवकुमार धान जिंदाबाद का नारा भी लगा रहे थे। मना करने पर उग्र भीड़ ने प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मियों से धक्का-मुक्की की, पुलिस पर पथराव किया।

इस हमले में ठाकुरगांव के थानेदार प्रमोद राय व अन्य पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। आरोपितों ने तीन मिक्सर मशीन, दो पानी टैंकर व पंप हाउस के परिसर में रखी लकड़ी के प्लाई को भी क्षतिग्रस्त कर दी। निर्माण करा रही एजेंसी के अनुसार उपद्रवियों ने करीब 1600 मीटर लंबा व डेढ़ मीटर ऊंची लोहे का एंगल लगी चारदीवारी को क्षतिग्रस्त किया है।

चान्हो में इनपर दर्ज है प्राथमिकी

नारायण उरांव (ताला डुमरटोली), सुकु उरांव, बुधराम उरांव, मंगलेश्वर टाना भगत, पंचोला उरांव, पंचम उरांव, मकरा उरांव, एतवा उरांव, सोहराई उरांव, बिरसा उरांव, धनई उरांव, सुनील उरांव, रतिया उरांव, सूरज उरांव, विमल उरांव, रेखा कुमारी उरांव, राहुल उरांव, रंजीत उरांव, फूलसुंदर उरांव, बभना उरांव, श्याम सुंदर उरांव, अरविंद उरांव, गोद उरांव, सहजीत उरांव, बबलु उरांव (सभी सिलागाई), झींगा उरांव, अजय उरांव (दोनो पतरातु), मघी उरांव (सुकुरहुट्टू), जहु उरांव, शंकर उरांव, रजनीश उरांव (तीनों चटवल) व कार्तिक उरांव सभी थाना चान्हो, जिला रांची व हजारों अज्ञात।

स्कूल का नहीं, जगह का विरोध : देव कुमार धान

- मांडर के पूर्व विधायक देव कुमार धान ने कहा कि वे लोग स्कूल का विरोध नहीं कर रहे हैं, जगह का विरोध कर रहे हैं। जिस 52 एकड़ जमीन पर एकलव्य विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है, उसमें करीब 20 एकड़ जमीन शहीद वीर बुधु भगत सहित सिलागाई के 150 शहीदों की है। उनकी मांग है कि उक्त जमीन पर वीर बुधु भगत स्मारक पार्क बने। स्कूल का निर्माण चान्हो में ही अन्यत्र किया जाय। इसकी मांग को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। 21 दिसंबर को विधानसभा घेराव व 13 फरवरी को वीर बुधु भगत की शहादत पर झारखंड, छत्तीसगढ़ व ओडिशा के 50 हजार से अधिक लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे। 22 नवंबर की घटना के वक्त वे चान्हो में नहीं थे, रांची में कांग्रेस भवन का घेराव कर रहे थे। उन्हें साजिश रचने का आरोपित बनाए जाने की जानकारी मिली है।

शिक्षा के साथ हैं, लेकिन धर्म को नहीं छोड़ सकते : मुखिया

सिलागाई के मुखिया बुधराम उरांव ने कहा कि स्कूल का विरोध नहीं है। वे शिक्षा के साथ हैं, लेकिन अपने धर्म को नहीं छोड़ सकते। शहीद वीर बुधु भगत की धरती को बचाना, उसे सहेजना उनका धर्म है। हजारों की संख्या में आदिवासी समाज अपने इस धर्म को बचाने के लिए एकजुट है। प्रशासन स्कूल का निर्माण अन्यत्र कराए, वे प्रशासन को पूरा सहयोग करेंगे।

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