धनबाद के नगर आयुक्‍त रहे मनोज कुमार व अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार के खिलाफ दर्ज होगी प्राथमिकी, जानें पूरा मामला

Jharkhand Dhanbad News 4.8 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी के मामले में प्राथमिकी दर्ज होगी। विधि विभाग ने इस पर अपनी सहमति दे दी है। मुख्यमंत्री के आदेश पर हुई जांच में इनके खिलाफ प्राथमिक तौर पर साक्ष्य मिले थे।

Sujeet Kumar SumanWed, 28 Jul 2021 04:45 PM (IST)
Jharkhand Dhanbad News मुख्यमंत्री के आदेश पर हुई जांच में इनके खिलाफ प्राथमिक तौर पर साक्ष्य मिले थे।

रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। कंप्यूटर तथा अन्य उपकरणों की खरीदारी में धनबाद के तत्कालीन नगर आयुक्त फंसते दिख रहे हैं। प्रारंभिक जांच में इनके खिलाफ आरोप सिद्ध होने के बाद अब विधि विभाग ने अपने मंतव्य में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। विधि विभाग की सहमति के बाद नगर विकास विभाग ने धनबाद के वर्तमान नगर आयुक्त को कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखकर निर्देश दिया है।

ऐसे में अब एक बात तय है कि खरीदारी में गड़बड़ी करनेवालों के खिलाफ मुकदमा किया जाएगा। मामले में तत्कालीन नगर आयुक्त मनोज कुमार और अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। नगर विकास विभाग ने धनबाद के नगर आयुक्त को पत्र लिखकर विधि सम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया है।

नगर विकास विभाग ने मांगा था परामर्श

धनबाद नगर निगम में हुई गड़बड़ियों को लेकर नगर विकास विभाग ने विधि विभाग से मंतव्य प्राप्त करने को लेकर पत्राचार भी किया था। विधि विभाग की राय के बाद नगर विकास विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि घोटाले में सभी संलिप्त पदाधिकारियों-कर्मियों पर अलग-अलग प्राथमि‍की दर्ज करने के पूर्व के आदेश पर अमल किया जाए।

सीएम ने दिया था घोटाले के आरोपियों पर कार्रवाई का आदेश

दरअसल, धनबाद में ई- गवर्नेंस प्रोजेक्ट में कंप्यूटर और अन्य उपकरणों की खरीदारी में गड़बड़ी की प्रमाणिक शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्कालीन नगर आयुक्त मनोज कुमार, तत्कालीन अपर नगर आयुक्त प्रदीप कुमार प्रसाद और अनिल यादव के खिलाफ अलग-अलग एफआइआर दर्ज कराने का निर्देश नगर विकास विभाग को दिया था।

इस मामले में धनबाद नगर निगम के तत्कालीन अरबन रिफॉर्म स्पेशियलिस्ट मनीष कुमार के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया था। मामले में मामले में कनीय पर्यवेक्षक सह भंडारपाल हरिश्चंद्र पांडेय एवं लेखापाल अनिल कुमार मंडल को निलंबित कर दिया गया था। मामले में कार्मिक विभाग ने भी संबंधित अधिकारियों को शोकॉज किया था।

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