PM Kisan Mandhan Yojana: सरकार की किसानों के लिए खास योजना, पाएं 3 हजार तक मासिक पेंशन

PM Kisan Mandhan Yojana प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मोदी सरकार किसानों के खाते में दो हजार रुपये की तीन किस्त यानि सलाना छह हजार रुपये देती है। लेकिन क्या आपको पता है कि सरकार किसानों को बुढ़ापे में परेशानियों का सामना ना करना पड़े।

Vikram GiriTue, 27 Jul 2021 09:31 AM (IST)
PM Kisan Mandhan Yojana इसका लाभ उठाकर पा सकते हैं 3 हजार तक मासिक पेंशन। जागरण

रांची, जासं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मोदी सरकार किसानों के खाते में दो हजार रुपये की तीन किस्त यानि सलाना छह हजार रुपये देती है इस बात की लगभग-लगभग सबको जानकारी है। लेकिन क्या आपको पता है कि सरकार किसानों को बुढ़ापे में परेशानियों का सामना ना करना पड़े इसके लिए भी एक योजना चला रही है। जी हां, देश के अन्नदाता को बुढ़ापे में किसी के आगे हाथ ना फैलाना पड़े।

इसलिए सरकार ने पीएम किसान मानधन योजना भी शुरू की है। तो चलिए आपको बताते हैं अगर आप किसान हैं तो इस योजना का कैसे लाभ उठा सकते हैं। रांची में कई किसानों को इस योजना की जानकारी नहीं है। हालांकि बिरसा कृषि विवि के एनएसएस की इकाई अब किसानों को मिलने वाले सरकारी लाभ की जानकारी घर-घर जाकर दे रही है। इसके साथ ही विवि के द्वारा संचालित 16 जिलों के केवीके में भी इस योजना के बारे में जानकारी देकर किसानों को योजना का लाभ दिलाया जा रहा है।

जानिए कौन कर सकता है आवेदन

इस योजना का लाभ उठाने के लिए 18 से 40 की उम्र का कोई भी किसान आवेदन कर सकता है। पीएम किसान मानधन योजना के लिए आवेदक किसान को 55 रुपये से 200 रुपये के बीच हर महीने 60 साल की उम्र तक योगदान करना होता है। 60 की उम्र के बाद किसानों को योजना के तहत कम से कम 3 हजार रुपये महीना पेंशन दी जाती है। इस पेंशन कोष का प्रबंधन भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) करती है।

ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन

पीएम किसान मानधन योजना के लिए आवेदन करने के लिए आपको अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके लिए आपको आधार कार्ड, दो फोटो और बैंक पासबुक, खसरा-खतौनी आदि की जरूरत पड़ेगी। किसान के पास बचत बैंक खाता या पीएम किसान खाता होना भी जरूरी है। योजना में आवेदन के लिए कोई फीस नहीं चुकानी होगी।

क्या कहते हैं किसान

चांहो के प्रगतिशिल किसान नंदकिशोर साहू बताते हैं कि उन्होंने इस योजना के शुरू होने के कुछ दिनों के बाद ही इसमें अपना एनरोलमेंट करा लिया था। उन्होंने अपने साथ कम से कम 45 किसानों को भी प्रोत्साहित करके इस योजना में एनरोल कराया है। वहीं पिठोरिया के राजेंद्र साहू बताते हैं कि इस योजना के लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए सरकार के साथ एलआईसी को भी मदद करनी चाहिए। एलआईसी के एजेंट इस योजना को लोगों तक सरलता से पहुंचा सकते हैं। उन्होंने इस योजना में मार्च 2020 में एनरोलमेंट करा लिया था।

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