Jharkhand Politics: झारखंड मुक्ति मोर्चा की धनबाद और पश्चिमी सिंहभूम कमेटी भंग

Jharkhand Politics JMM News Hemant Soren News झारखंड मुक्ति मोर्चा की पश्चिम सिंहभूम जिला संयोजक मंडली का गठन किया गया है। सुखराम उरांव मुख्य संयोजक होंगे। झारखंड मुक्ति मोर्चा की धनबाद महानगर समिति के संचालन के लिए संयोजक मंडली का गठन किया गया है।

Sujeet Kumar SumanTue, 03 Aug 2021 03:04 PM (IST)
Jharkhand Politics, JMM News Hemant Soren News झामुमो की धनबाद महानगर कमेटी भंग की गई है।

रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। झारखंड से बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी में बड़ा फेरबदल किया गया है। झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन ने पार्टी में बड़ा फेरबदल किया गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा की धनबाद महानगर और पश्चिमी सिंहभूम जिला कमेटी को भंग कर दिया गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा की धनबाद महानगर समिति के संचालन के लिए संयोजक मंडली का गठन किया गया है। संयोजक मंडली में रमेश टुडू, पवन महतो, डॉ. नीलम मिश्रा, सुखलाल मरांडी, कंसारी मंडल और जग्गु महतो शामिल हैं। यह टीम धनबाद जिलाध्यक्ष की देखरेख में काम करेगी।

उधर झारखंड मुक्ति मोर्चा की पश्चिम सिंहभूम जिला संयोजक मंडली का भी गठन किया गया है। सुखराम उरांव मुख्य संयोजक होंगे, जबकि इकबाल अहमद, दीपक कुमार प्रधान, दिनेश चंद्र महतो, मिथुन गागराई, मानिका बोयपाई और सोना राम देवगम संयोजक मंडल के सदस्य होंगे। झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने बताया कि केंद्रीय समिति के अध्यक्ष शिबू सोरेन के निर्देशानुसार बदलाव किया गया है। संयोजक मंडली को निर्देश दिया गया है कि जल्द निचली कमेटियों का गठन कर केंद्रीय समिति को सूचित करे।

आम खाताधारकों को मोदी सरकार ने दी राहत : दीपक प्रकाश

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सदस्य दीपक प्रकाश ने केंद्रीय कैबिनेट में बैंकिंग एवं निवेश से जुड़े दो बड़े फैसलों पर हर्ष जताया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इससे आम खाताधारकों से लेकर नए उद्यमियों तक को काफी लाभ मिलेगा। प्रकाश ने इसमें डिपाजिट इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी बिल को आम जनता के लिए अत्यंत राहत प्रदान करने वाला बताया। कहा कि बैंकों के डूबने की स्थिति में निवेशकों का पैसा डूब जाने का खतरा बना रहता था। पिछले कुछ वर्षों में पीएमसी बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक और यस बैंक के मामले में यह देखने को आया है। लेकिन भविष्य में ऐसी स्थिति से खाताधारकों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार ये बिल लेकर आई है।

नए प्रावधानों के अनुसार किसी बैंक के डूब जाने पर भी उसके जमाकर्ताओं को तीन महीने के अंदर पांच लाख तक की राशि मिल जाएगी। अभी तक ये सीमा सिर्फ एक लाख तक ही सीमित थी। इस नए प्रस्तावित कानून के तहत बैंक में जमा खाताधारकों की औसतन 50 प्रतिशत राशि सुरक्षित हो जाएगी। दूसरे देशों में ये आंकड़ा 20 से 30 प्रतिशत है। ये देश के आम खाताधारकों को राहत प्रदान करने वाला, नए उद्यमियों एवं छोटे कारोबारियों को मदद प्रदान करने वाले एवं बैंकिंग सेक्टर तथा देश की अर्थव्यवस्था को बल प्रदान करने वाले बिल हैं।

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