कोरोना संक्रमित खानपान पर दें ध्यान, चेक करते रहे ऑक्सीजन लेबल

कोरोना संक्रमित खानपान पर दें ध्यान, चेक करते रहे ऑक्सीजन लेबल

कोरोना के नये स्ट्रेन में जल्द बुखार अथवा खांसी ठीक नहीं है। सावधानी बरतने की जरूरत है।

JagranFri, 23 Apr 2021 08:45 AM (IST)

-बिना जरूरत न हो अस्पताल में भर्ती

कोरोना के नये स्ट्रेन में जल्द बुखार अथवा खांसी ठीक नहीं हो रही है तो घबराने की जरूरत नहीं है। चिकित्सक के संपर्क में रहें। इस समय प्रत्येक लोग अपने-अपने घरों में ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर आदि जरूरी के समान रखें। अगर बुखार 100 डिगी सेल्सियस से ऊपर हो तो कालपोल खिलाये। भर दिन में कालपोल का चार ग्राम डोज ले सकते हैं। गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए भी कालपोल सुरक्षित है। अगर परिवार का कोई सदस्य कोरोना संक्रमित हो गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऑक्सीमीटर से लगातार ऑक्सीजन लेबल जांचते रहे। ऑक्सीजन लेबल 94 से नीचे आ रहा है तो तुरंत किसी चिकित्सक से संपर्क करें। आप घर पर रहकर भी इलाज करा सकते हैं। ऑक्सीजन सिलसिडर खरीदकर मरीज को लगाना सीख लें।

इमरजेंसी की स्थिति में ही अस्पताल में भर्ती हों

कई बार देखा गया है कि कोरोना संक्रमित मरीज की स्थिति ठीक रहने के बावजूद अस्पताल में भर्ती होने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हैं। ये मानवता के खिलाफ है। हालांकि, अगर जरूरत हो तो बेशक भर्ती में होना चाहिए।

कोरोना से बचना है तो खानपान रखें दुरुस्त, जमकर पीयें पानी

कोरोना संक्रमण की अभी तक कोई खास दवा नहीं है। सर्दी, बुखार और अन्य संक्रामक रोग में काम आने वाली दवा ही चलाई जाती है। इसी से मरीज ठीक हो रहे हैं। ध्यान रखने योग्य बात ये है कि कोरोना संक्रमण दवा से नहीं बल्कि हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता से ठीक होता है। ऐसे में जो संक्रमित हो वो या जो नहीं भी संक्रमित हुए हैं उन्हें भी अपने खान-पान पर ध्यान रखना होगा। हेल्दी भोजन करें। प्रोटीन, बिटामिनयुक्त भोजन करें। मांस, मछली, चिकेन, दाल, मशरूम, पनीर आदि का सेवन स्वास्थ्य के लिए अच्छा होगा। वहीं, बिटामिन सी के लिए संतरा, नीबू आदि लेते रहे। भरपूर पानी पीना लाभदायक होता है।

खांसी-सर्दी में भी ले सकते हैं संतरा, नींबू

एक धारणा है कि खांसी, सर्दी की स्थिति में फल खासकर खट्टे फल, नीबू आदि नहीं खाना चाहिए। ये तथ्यहीन बातें हैं। चिकित्सक की राय माने तो बीमार व्यक्ति दिन या रात जब चाहे फल खा सकते हैं। अगर गले में खसखस है तो फल पर नमक और काली मिर्च का पाउडर छिड़कर कर खा सकते हैं इससे बीमारी जल्द ठीक होगा।

प्राणायाम के अभ्यास से बचेगा फेफड़ा

कोरोना का संक्रमण फेफड़े को जल्दी डैमेज करता है। इससे बचाव के लिए गुनगुने पानी का सेवन करें। दिनभर में चार-पांच बार भाप ले सकते हैं। 5-10 मिनट का प्राणायाम भी फेफड़े को डैमेज होने से बचाता है। कोरोना संक्रमित मरीज जब चाहे लंबी सांस लें, छोड़े इससे फेफड़े का व्यायाम होता है।

नए स्ट्रेन में जल्दी नहीं उतरता बुखार

कोरोना के नये स्ट्रेन में यह देखने को मिला है कि लगातार दवा खाने के बावजूद बुखार और खांसी ठीक नहीं होती है। ये सच है लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। घर में रहकर दवा करते रहें। शंका हो तो तुरंत कोविड जांच कराएं:

पिछले साल के संक्रमण और इस साल के नये स्ट्रेन में भिन्नता है। पिछले साल कोरोना संक्रमित मरीज को सर्दी, बुखार आदि होता था। नये स्ट्रेन में बदन दर्द, सुस्ती रहती है। लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। बाद में सीधे निमोनिया हो जा रहा है। स्थित गंभीर बन जाती है। ऐसे में अगर थोड़ा सा भी लक्षण दिखे तो तुरंत कोविड जांच कराएं। ताकि समय रहते इलाज हो सके।

-- डा. करुणा झा, सेवानिवृत प्रोफेसर, स्त्री रोग विभाग, रिम्स।

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