Jharkhand Congress Workers Clash: रामगढ़ के पतरातू में भारत बंद के दौरान आपस में भिड़े कांग्रेसी, प्रखंड अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के साथ की धक्का-मुक्की

भारत बंद के दौरान रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड के दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता पतरातू रांची मुख्य सड़क पर पतरातू लेक रिसॉर्ट के नजदीक आपस में भिड़ गए। प्रखंड के दर्जनों कार्यकर्ता रामगढ़ जिला उपाध्यक्ष सुजीत कुमार पटेल के नेतृत्व में बंद कराने पहुंचे थे।

Kanchan SinghMon, 27 Sep 2021 03:49 PM (IST)
भारत बंद के दौरान रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड के दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।

पतरातू थर्मल (रामगढ़), जासं। भारत बंद के दौरान सोमवार को रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड के दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता पतरातू रांची मुख्य सड़क पर पतरातू लेक रिसॉर्ट के नजदीक सड़क जाम किए हुए थे। इसी दौरान अचानक बंद समर्थकों में भगदड़ सी मच गई। प्रखंड के दर्जनों कार्यकर्ता रामगढ़ जिला उपाध्यक्ष सुजीत कुमार पटेल के नेतृत्व में बंद कराने पहुंचे थे। लगभग आधे घंटे तक बंद रहने के बाद कई गाड़ियां खड़ी हो गईं।

इसी बीच कुछ वाहनों को जाता देख बंद समर्थकों ने जब वाहन रोकने की बात कही तो वाहन चालकों ने बताया कि एक व्यक्ति जो खुद को प्रखंड अध्यक्ष बता रहा है, उसे उन लोगों ने पैसा दिया है। इसके बाद वहां से निकलने दिया गया है। जब कार्यकर्ताओं द्वारा इसका विरोध किया गया तो प्रखंड अध्यक्ष असगर अली ने खुद को प्रखंड का मालिक बताते हुए सभी कार्यकर्ताओं को किनारे रहने की बात कही। इसी बात को लेकर प्रखंड अध्यक्ष द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की किया जाने लगा। स्थिति को देखते हुए तत्काल ही जाम को हटा लिया गया। कार्यकर्ताओं संग धक्का-मुक्की मामले में पूछे जाने पर प्रखंड अध्यक्ष असगर अली ने कहा कि यह हमारी पार्टी का अंदरूनी मामला है। इसे बेवजह तुल नहीं दिया जाना चाहिए।

बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे विभिन्न दलों के नेता व कार्यकर्ता

कोडरमा जिले में भारत बंद का असर सुबह से देखा गया। अहले सुबह से ही संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले अलग-अलग टोलियों में बंद समर्थक बाजार बंद कराने निकले थे। कांग्रेस, राजद, जेएमएम, सीपीआइ, भाकपा माले और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता अपने हाथों में झंडे और बैनर लेकर भारत बंद को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। झुमरीतिलैया शहर में आवश्यक वस्तु की दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानें बंद हैं। वहीं दूध, दवा, एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है। सड़क पर यात्री व निजी वाहनों का परिचालन भी आम दिनों के मुकाबले काफी कम हो रहा है।

बंद में शामिल कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज सहाय पिंकू ने कहा कि पेट्रोल डीजल समेत आम आदमी के उपयोगी की चीजों में बेलगाम महंगाई, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण, बढ़ती बेरोजगारी, श्रम व कृषि कानूनों में बदलाव समेत केंद्र सरकार की अन्य जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लगातार विरोध जारी रहेगा। जब तक तीन कृषि कानूनों समेत अन्य जनविरोधी निर्णयों को वापस नहीं लिया जाएगा विरोध जारी रहेगा। वहीं सिविल सोसायटी के उदय द्विवेदी ने बताया कि बंद स्वत: स्फूर्त है। बंद को आम लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। बैंक, बीमा, उद्योग, कृषि, व्यापार समेत हर क्षेत्र केंद्र सरकार की नीतियों के कारण प्रभावित हैं। सरकार के कर्मचारी भी सरकार की नीतियों से परेशान हैं। यही कारण है हर तबके का समर्थन  मिल रहा है। आनेवाले दिनों में सरकार के खिलाफ आमलोगों की आवाज और मुखर होगी।

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