नागरिकों को अधिकार के साथ कर्तव्य का बोध होना जरूरी

नागरिकों को अधिकार के साथ कर्तव्य का बोध होना जरूरी

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा गुरुवार को संविधान दिवस का आयोजन किया गया। डीन ने डा. आंबेडकर के कार्यो पर प्रकाश डाला।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 08:10 PM (IST) Author: Jagran

जासं, रांची : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा गुरुवार को संविधान दिवस का आयोजन किया गया। मौके पर डीन एग्रीकल्चर डा. एमएस यादव ने कहा कि डा. भीमराव आंबेडकर द्वारा तैयार भारतीय संविधान राष्ट्र के लिए एक अमूल्य भेंट है। इस दिवस को मनाते हुए समाज के सभी लोगों को भारतीय संविधान के प्रति जागरूक होने का अवसर है। आत्मनिर्भर देश एवं प्रदेश के लिए प्रत्येक नागरिक को संविधान प्रदत्त अधिकार के साथ-साथ देश एवं समाज के प्रति कर्तव्यों का बोध होना जरूरी है।

डीएसडब्ल्यू डा. डीके शाही ने संविधान निर्माण में डा. आंबेडकर के योगदानों की चर्चा करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में भारतीय संविधान की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश हित में 130 करोड़ नागरिकों के बीच संवैधानिक मूल्यों की रक्षा एवं पालन के प्रति जागरूकता फैलाने की जरूरत है।

कार्यक्रम में एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डा. पीके सिंह ने कहा कि भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के आदेश पर क्षेत्रीय निदेशालय, राष्ट्रीय सेवा योजना ने शैक्षणिक संस्थानों में संविधान दिवस मनाने का निर्देश दिया है। इस कार्यक्रम के आयोजन से भारतीय संविधान, डा. आंबेडकर का राष्ट्रीय योगदान एवं शिक्षा के मूल्य पर विचार, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य बोध, सामाजिक -आर्थिक समानता एवं राष्ट्रीय अखंडता की भावना से परिचित कराने का अवसर मिला है। इस मौके पर डा. आशा सिन्हा, डा. एमके वर्णवाल, प्रो भूपेंद्र कुमार, डा. एसके तिर्की, डा. नेहा पांडे, सुभाष मित्रा, अमरेंद्र कुमार वर्मा एवं खुर्शीद आलम आदि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी उपस्थित थे।

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