Central University Of Jharkhand : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर सेमिनार का आयोजन

झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय(Central University Of Jharkhand) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020(National Education Policy 2020) पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में भारत सरकार के सलाहकार अमित खरे ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति(National Education Policy) के महत्व पर प्रकाश डाला।

By Sanjay KumarEdited By: Publish:Sat, 27 Nov 2021 05:16 PM (IST) Updated:Sat, 27 Nov 2021 05:16 PM (IST)
Central University Of Jharkhand : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर सेमिनार का आयोजन
Central University Of Jharkhand : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर सेमिनार का आयोजन

रांची जासं। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय(Central University Of Jharkhand) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020(National Education Policy 2020) पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में भारत सरकार के सलाहकार अमित खरे ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति(National Education Policy) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होने बताया की यह नीति ज्ञान आधारित समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो वैश्विक परिदृश्य और भारतीय ज्ञान परंपरा के बीच तालमेल स्थापित करता है। इसका मूल उद्देश्य मौलिक ज्ञान को बढावा देना है। इस कारण भारतीय भाषाओं में शिक्षा पर खासा जोर दिया गया है।

भारत को कई पड़ोसी देश शिक्षा के क्षेत्र में एक हब के रूप में देख रहे हैं: अमित खरे

आगे उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति बहुविषयक शिक्षा प्रणाली, शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीकरण, व्यवसायिक और तकनीक आधारित शिक्षा और शोध परक ज्ञान के माध्यम से भविष्य में भारतीय शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव लाएगा।

उन्होंने इस विषय पर जोर डाला कि इस नीति के आने के साथ-साथ उसका अच्छे से लागू होना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है. भारत को कई पड़ोसी देश शिक्षा के क्षेत्र में एक हब के रूप में देख रहे हैं। केंद्रीय विश्वविद्यालय की भूमिका इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि राज्य के अन्य शैक्षणिक संस्थान इसे एक मेंटर के तौर पर देखते हैं।

कुलपति प्रो क्षिति भूषण दास ने मुख्य अतिथि का किया स्वागत:

इस अवसर पर झारखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो क्षिति भूषण दास ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय ने शिक्षा औऱ शोध के क्षेत्र में कई ऐसे प्रयास किए हैं जिसका दूरगामी परिणाम आने वाले समय में देखने को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय विकास के अगले पड़ाव में है जिसकी कुछ चुनौतियां हैं। इसके समाधान के लिए सबका सहयोग जरूरी है।

कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव प्रो एसएल हरिकुमार ने किया:

इस अवसर पर आइक्यूएसी के निदेशक प्रो रतन कुमार डे ने विश्वविद्यालय के शिक्षा और शोध संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिपेक्ष्य मे कई कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने विभिन्न कमिटीयों का जिक्र करते हुए बताया कि ये राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े विभिन्न गुणात्मक पहलुओं को लेकर काम कर रही है, जिसका कार्यान्यवन देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव प्रो एसएल हरिकुमार ने किया इस दौारान सभागार में विश्वविद्याल के डीन ,हेड, सभी शिक्षगण व कर्मचारी मौजूद रहे।

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