Ranchi: दूल्हे ने निकाह के बाद साली से की छेड़खानी तो चप्‍पलाें से पीटा, उठक-बैठक के बाद तीन तलाक

रांची, जसं। रांची की मौलाना आजाद कॉलोनी में निकाह के करीब चार घंटे बाद ही तीन तलाक देने का मामला सामने आया है। बुधवार की रात गांजा के नशे में दूल्हे ने निकाह किया। लोगों का कहना है कि निकाह के बाद दूल्हे वसीम अकरम ने दुल्हन की छोटी बहन से छेडख़ानी की। दुल्हन पक्ष को इसकी जानकारी मिली तो कहा ऐसे लड़के से नहीं करनी बेटी की शादी। दुल्हन के परिजन और मोहल्लेवासी आक्रोशित हो गए।

दूल्हे की जमकर पिटाई की। भरी महफिल में ऊठक-बैठक भी कराई गई। दूल्हे समेत दर्जन भर बरातियों को मैरेज हॉल में ही घंटों बंधक बनाकर रखा गया। दूल्हे को दुल्हन के घर के समीप भी बंधक बनाकर रखा गया। मोहल्ले की पंचायत दुल्हन के परिजनों के दबाव पर दूल्हे को तलाक तलाक तलाक कहना पड़ा। दूल्हा सिमडेगा जिले के भट्टी टोला इस्लामपुर निवासी वसीम अकरम है।

उसके पिता असलम अंसारी एलआइसी एजेंट हैं। वह खुद जूता-चप्पल व्यवसायी है। बरात सिमडेगा से ही रांची आई थी। घटना के बाद खूब हंगामा भी हुआ। मौके पर नामकुम थाने की पुलिस पहुंची। लेकिन दोनों पक्ष के लोगों ने पंचायत स्तर से फैसला हो जाने की बात कहते हुए पुलिस को लौटा दिया।
 
पंचायत में लगाया गया आर्थिक दंड
गांजा पीकर तलाक देने की खबर इलाके में तेजी से फैल गई। हाजी सऊद आलम की अध्यक्षता में अंजुमन इस्लामिया नूरिया की पंचायत बैठी। पंचायत में आरोपित दूल्हे को ढाई लाख रुपये दुल्हन पक्ष को देने को कहा गया। लिखित माफीनामा भी लिखवाया गया। इसके बाद सभी को मुक्त कर दिया। बरात बिना दुल्हन के वापस लौट गई।
 
दूल्हा जिस कार से आया था उसे बंधक रखा गया
जिस कार से दूल्हा बरात में आया था। उस कार को दुल्हन पक्ष के लोगों ने बंधक बनाकर रखा है। इसके पीछे तर्क यह है कि दूल्हे ने पंचायत द्वारा लगाए ढाई लाख रुपये के आर्थिक दंड में से केवल डेढ़ लाख रुपये ही दिए हैं।  पूरी रकम देने के बाद कार लौटा दी जाएगी।
 
दूल्हे के कमरे में महक रहा था गांजा
वसीम गांजे का नशा कर निकाह करने पहुंचा था। रात करीब साढ़े 11 बजे निकाह हुआ। करीब चार घंटे के बाद गुरुवार की सुबह तीन बजे दूल्हे को शादी की अन्य रस्मों के लिए दुल्हन का भाई बुलाने गया था। वसीम को गांजा पीते देख दुल्हन का भाई भड़क गया। इसकी खबर जब दुल्हन और परिजनों को मिली तो वे लोग भी भड़क गए।

दुल्हन के परिजन को सता रही बेटियों के भविष्य की चिंता 
घटना के बाद दुल्हन सहित पूरे परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पिता तलाकशुदा हुई बेटी सहित अन्य तीन बेटियों की चिंता में हैं।
 
निकाह के बाद हर स्थिति में तलाक दिया जाना मान्य है। पति-पत्नी के संबंध नहीं बनने की स्थिति में इद्दत सहित अन्य कानून मान्य नहीं होते। संबंध बनने के बाद इद्दत का मसला भी आता। मौलाना आजाद कॉलोनी की घटना में तलाक वैध है। इसमें इद्दत का मसला पेश नहीं आता।- कारी जान मोहम्मद, शहर काजी रांची।

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