भाजपा एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रांची में 23 से, जेपी नड्डा समेत कई राष्ट्रीय नेता करेंगे शिरकत

BJP ST Morcha National Executive Meeting 22 अक्टूबर को राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी। 23 को कार्यकारिणी का विधिवत उद्घाटन होगा। 24 को समापन होगा। आठ केंद्रीय मंत्री 46 सांसद कार्यसमिति समेत विभिन्न राज्यों के जनजातीय मंत्री इस बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

Sujeet Kumar SumanSun, 17 Oct 2021 04:18 PM (IST)
BJP ST Morcha National Executive Meeting 22 अक्टूबर को राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी।

रांची, राज्य ब्यूरो। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक 22 अक्टूबर से शुरू होगी। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत देश के शीर्ष नेता अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। रविवार को भाजपा एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने बैठक की तैयारियों को लेकर मीडिया से जानकारी साझा की। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश भी उपस्थित थे।

एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव ने बताया कि रांची के बिरसा मंडप कार्निवाल में होने वाली तीन दिवसीय कार्यकारिणी की बैठक के पहले दिन 22 अक्टूबर को राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी। जबकि 23 को 11 बजे कार्यसमिति का विधिवत शुभारंभ होगा। उद्घाटन से 23 अक्टूबर के समापन तक कुल सात सत्र आहूत होंगे। इसमें जनजातीय समाज के हितों से जुड़ी चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि एसटी मोर्चा की कार्यसमिति में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का मार्गदर्शन कार्यकर्ताओं को प्राप्त होगा।

इसके अलावा राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, संगठन से जुड़े कार्यों को देखने वाले वी सतीश, मोर्चा व झारखंड के प्रभारी दिलीप सैकिया और केंद्रीय मंत्रिमंडल के आठ जनजातीय मंत्री अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इसके अलावा लोकसभा व राज्यसभा के 46 सांसद तथा भाजपा शासित राज्यों के जनजातीय मंत्री भी भाग लेंगे। समीर उरांव ने झारखंड में मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति आयोजित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में जनजातीय समाज के आठ मंत्रियों को शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री का विशेष तौर पर आभार व्यक्त किया। कहा, आजादी के बाद से पूर्व की सरकारों ने जनजातीय समाज को सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखा। पहली बार हमारे तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आजाद भारत के बाद जनजातीय मंत्रालय की स्थापना की। इसके साथ ही जनजातीय मामलों का समाधान कैसे हो, इसके लिए ट्राइबल कमीशन का गठन किया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी काम को आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने विशेष रूप से फारेस्ट राइट एक्ट का जिक्र किया। कहा, इस एक्ट में कई विसंगतियां थी, जिनका सरलीकरण वर्तमान सरकार में किया गया। कहा, हम जनजातीय समाज को मुख्य धारा से जोड़कर आगे बढ़ेंगे। पहले जनजातीय समाज से जुड़ी स्कीम को लोग गांव तक पहुंचाते थे, अब समाज से जुड़े लोग खुद स्कीम तैयार करेंगे। जनजातीय समाज के विकास, उनके हित, उनकी समस्याओं से जुड़े मसलों पर राष्ट्रीय कार्यसमिति में विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस मौके पर एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर उरांव व भाजपा के सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

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