Home Guard: गृह रक्षकों के बारे में यह खबर आप भी जानिए, सरकार लेने जा रही बड़ा फैसला...

Jharkhand News: दारोगा के आठ पद गृह रक्षा वाहिनी को उधार दिया जाएगा।

Jharkhand News झारखंड हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेश बावजूद बर्खास्त 24 कंपनी कमांडर की बहाली में आड़े आ रहा रोस्टर का पेंच अब सुलझता दिख रहा है। डीजीपी नीरज सिन्हा ने इस पेंच को सुलझा लिया है। दारोगा के आठ पद गृह रक्षा वाहिनी को उधार दिया जाएगा।

Alok ShahiThu, 13 May 2021 11:53 PM (IST)

रांची, [दिलीप कुमार]। झारखंड हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेश बावजूद बर्खास्त 24 कंपनी कमांडर की बहाली में आड़े आ रहा रोस्टर का पेंच अब सुलझता दिख रहा है। डीजीपी नीरज सिन्हा ने इस पेंच को लगभग सुलझा लिया है और उनके निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने अपने मंतव्य के साथ गृह विभाग से अनुशंसा की है कि दारोगा के आठ पद गृह रक्षा वाहिनी को उधार में दिया जाएगा और जब गृह रक्षा वाहिनी में रिक्तियां हो जाएंगी तो वह पद दारोगा को वापस कर दिया जाएगा। अंतिम रूप से इस मंतव्य पर मुहर गृह विभाग में लगना है, इसके बाद सभी बर्खास्त कंपनी कमांडर बहाल कर लिए जाएंगे।

उम्मीद है कि जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। पहले गृह विभाग ने तर्क दिया था कि जिन आठ कंपनी कमांडर की बहाली में समस्या सामने आ रही है, उन्हें उनके समकक्ष दारोगा के पद पर बहाल कर लिया जाय। इसे डीजीपी ने तर्क संगत नहीं माना। उन्होंने दोनों के प्रशिक्षण अलग-अलग होने, काम अलग-अलग होने का हवाला देते हुए दारोगा के उस पद को ही गृह रक्षा वाहिनी को उधार देने का मंतव्य देते हुए अनुशंसा कर दी है, ताकि समस्या का समाधान हो सके।

क्या है रोस्टर का पेंच

गृह रक्षा वाहिनी में कंपनी कमांडर के कुल 29 पद रिक्त हैं। कुल बर्खास्त कंपनी कमांडर 24 हैं, जिनमें 23 को बहाल कराया जाना है। अब पेंच यह है कि सामान्य वर्ग में कुल 16 पद रिक्त है, लेकिन इसमें अभ्यर्थी केवल चार हैं। ओबीसी में कुल तीन पद रिक्त हैं, लेकिन यहां अभ्यर्थी सात हैं। एसटी में कुल सात पद रिक्त हैं, लेकिन अभ्यर्थी यहां 11 हैं और एससी में कुल रिक्त पद तीन हैं, लेकिन यहां एक भी अभ्यर्थी नहीं है।

इस तरह ओबीसी में चार व एसटी में चार अभ्यर्थी यानी कुल आठ अभ्यर्थी रिक्तियों से अधिक हैं, जिन्हें सामंजित करने में परेशानी आ रही है। इसके चलते ही कंपनी कमांडर बहाल नहीं हो पा रहे हैं। अब डीजीपी ने हल निकाला है कि उनके यहां दारोगा में एसटी के 259 व ओबीसी के 210 पद रिक्त हैं। इनमें से चार-चार पद गृह रक्षा वाहिनी को उधार में देकर हाई कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए बर्खास्त कंपनी कमांडर को बहाल करा लिया जाएगा।

कब क्या हुआ

- वर्ष 2008 : दारोगा, कंपनी कमांडर व सार्जेंट के पद पर बहाली के लिए विज्ञापन निकला। - वर्ष 2012 : तीनों श्रेणी में कुल 384 अभ्यर्थी बहाल हो गए। - वर्ष 2014 : 24 कंपनी कमांडर व 15 सार्जेंट की बहाली को नियम विरुद्ध बताते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्त पदाधिकारियों ने सरकार के निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दी। - वर्ष 2016 : हाई कोर्ट में सिंगल बेंच ने बर्खास्त पदाधिकारियों के पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को इन्हें पुन: बहाल करने का आदेश दिया। सरकार अपील में गई। - वर्ष 2019 : हाई कोर्ट में डबल बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को बरकरार रखा और सरकार से सभी बर्खास्त पदाधिकारियों को बहाल करने का आदेश दिया। बर्खास्त पदाधिकारियों को बहाल नहीं किया गया तो वे अवमानना वाद दायर कर दिए। - नवंबर 2020 : अवमानना वाद की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस मुख्यालय रेस। - दिसंबर 2020 : डीजीपी एमवी राव ने गृह रक्षा वाहिनी को दिया सभी 42 बर्खास्त पदाधिकारियों को बहाल करने का आदेश। सिर्फ 15 सार्जेंट ही बहाल किए गए। तीन सार्जेंट अयोग्य मिले थे। 24 कंपनी कमांडर अब तक बहाल नहीं। - 04 जनवरी 2021 : तत्कालीन डीजीपी एमवी राव ने हाई कोर्ट में शपथ पत्र दायर कर बताया कि हाई कोर्ट के आदेश का अनुपालन हो गया है। - 18 फरवरी 2021 : सुप्रीम कोर्ट ने भी एसएलपी पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। बहाल करने का आदेश दिया। - 13 अप्रैल 2021 : गृह विभाग ने रोस्टर के पेंच पर अपना मंतव्य दिया कि 24 कंपनी कमांडर में आठ का सीट नहीं होने पर उन्हें उनके समकक्ष दारोगा के पद पर बहाल किया जाय। - 05 मई 2021 : पुलिस मुख्यालय ने आठ कंपनी कमांडर को दारोगा में बहाल करने के प्रस्ताव को तकनीकी कारणों से ठुकराया। मंतव्य के साथ गृह विभाग को अनुशंसा की कि दारोगा के आठ पद को ही गृह रक्षा वाहिनी को उधार में दे दिया जाय और कंपनी कमांडर को बहाल करा दिया जाय। जब वहां रिक्ति होगी तो ये पद दारोगा को वापस हो जाएंगे।

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