Assistant Engineer Recruitment: सहायक अभियंता नियुक्ति में लागू रहेगा आर्थिक आरक्षण

Assistant Engineer Recruitment झारखंड में चल रही सहायक अभियंता की नियुक्ति(Recruitment of Assistant Engineer) में भी आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण(Reservation) देने का प्रविधान लागू रहेगा। राज्य सरकार को इसका अधिकार है कि वह पुरानी रिक्तियों को भी नई नियुक्ति मानकर उक्त नियम लागू करे।

Sanjay KumarFri, 03 Dec 2021 10:29 AM (IST)
Assistant Engineer Recruitment: सहायक अभियंता नियुक्ति में लागू रहेगा आर्थिक आरक्षण

रांची (राज्य ब्यूरो)। Assistant Engineer Recruitment: झारखंड में चल रही सहायक अभियंता की नियुक्ति(Recruitment of Assistant Engineer) में भी आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण(Reservation) देने का प्रविधान लागू रहेगा। सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने इस संबंध में झारखंड हाई कोर्ट(Jharkhand High Court) की डबल बेंच के आदेश को जारी रखते हुए इसके खिलाफ दाखिल की गई एलएसपी (विशेष अनुमति याचिका) को खारिज कर दिया। जेपीएससी(JPSC) के अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने इसकी पुष्टि की है।

राज्य सरकार को आरक्षण देने का अधिकार है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) के जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि झारखंड हाई कोर्ट का आदेश बिल्कुल सही है। इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए एसएलपी खारिज की जाती है। 10 सितंबर को झारखंड हाई कोर्ट की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि राज्य सरकार(State Government) को आरक्षण देने का अधिकार है। इसी तर्क के साथ खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को निरस्त कर दिया था।

सहायक अभियंता के लिए सरकार 2015 से 2019 तक के रिक्त पदों पर कर रही है नियुक्ति:

इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट की ही एकल पीठ ने 21 जनवरी को रंजीत कुमार साह की याचिका पर सुनवाई करते हुए सहायक अभियंता की नियुक्ति में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने को गलत करार देते हुए नियुक्ति विज्ञापन को खारिज कर दिया था। एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून वर्ष 2019 में लागू हुआ है। इस कारण 2019 के पहले के रिक्त पदों पर यह आरक्षण लागू नहीं नहीं किया जा सकता है। सहायक अभियंता के लिए सरकार 2015 से 2019 तक के रिक्त पदों पर नियुक्ति कर रही है।

पुरानी रिक्तियों को भी नई नियुक्ति मानकर लागू करे उक्त नियम:

एकल पीठ के इस आदेश के खिलाफ जेपीएससी और राज्य सरकार ने हाई कोर्ट की खंडपीठ (डबल बेंच) में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कहा था कि जब भी कोई नया नियम बनता है तो उसे आगे की सभी नियुक्ति प्रक्रिया में उसी प्रकार लागू किया जाता है। भले ही वह नियम लागू होने से पूर्व की रिक्तियां क्यों न हों। इसके अलावा राज्य सरकार को इसका अधिकार है कि वह पुरानी रिक्तियों को भी नई नियुक्ति मानकर उक्त नियम लागू करे। खंडपीठ ने सरकार की दलील को मानते हुए एकल पीठ के आदेश को निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ उत्तम कुमार उपाध्याय व अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की गई थी।

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