ड्राइवर की बेटी बनी राष्ट्रीय तीरंदाज, सीनियर नेशनल तीरंदाजी चैंपियनशिप में रिकर्व वर्ग का जीता खिताब

Jharkhand Archery Girl Jharkhand News जोन्हा की रहने वाली तीरंदाज दीप्ति कुमारी ने संघर्ष के बूते निशाना साधा। अब उसकी एशियन चैंपियनशिप में भारतीय दल में शामिल होने की संभावना बढ़ गई है। 2019 तक दीप्ति लकड़ी के बने तीर धनुष से ही प्रशिक्षण लेती थी।

Sujeet Kumar SumanSun, 10 Oct 2021 11:35 AM (IST)
Jharkhand Archery Girl, Jharkhand News जोन्हा की रहने वाली तीरंदाज दीप्ति कुमारी ने संघर्ष के बूते निशाना साधा।

रांची, [संजीव रंजन]। जोन्हा से रांची जब कैलाश महतो सुबह ट्रेकर लेकर निकलते हैं, तब उनका एक ही लक्ष्य होता है कि किसी तरह अच्छी कमाई हो जाए, जिससे परिवार का भरण-पोषण ठीक से कर पाएं। पिछले कई वर्षों से यह उनकी दिनचर्या में शामिल है। उनकी बेटी दीप्ति कुमारी ने जब तीरंदाजी के क्षेत्र में कदम रखा, तब वे इसके पक्षधर नहीं थे। ऐसा नहीं था कि वे नहीं चाहते थे कि बेटी आगे बढ़े, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे अपनी बेटी को तीर-धनुष तक लाकर दें। लेकिन दीप्ति ने अपनी जिद, लगन व परिश्रम से आज एक अलग मुकाम बना लिया है।

जमशेदपुर में संपन्न सीनियर नेशनल तीरंदाजी चैंपियनशिप में रिकर्व वर्ग का खिताब जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। रिकर्व वर्ग में दीपिका कुमारी, कोमोलिका बारी, अंकिता भक्त जैसे अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजों के बीच दीप्ति का जलवा दिखा। दीप्ति के प्रदर्शन के बाद खेल एक्सपर्ट कह रहे हैं कि बांग्लादेश में प्रस्तावित एशियन चैंपियनशिप के लिए दीप्ति कुमारी के भारतीय दल में शामिल होने की पूरी संभावना है।

जोन्हा तीरंदाजी सेंटर से निखरा प्रदर्शन

नेशनल चैंपियन बनी दीप्ति भले ही अभी आइटीबीपी में काम कर रही है, लेकिन उसकी प्रतिभा रांची के जोन्हा स्थित बिरसा मुंडा तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र में निखरी है। कोच रोहित के मार्गदर्शन में दीप्ति ने 2014 से तीरंदाजी शुरू की और देखते ही देखते वह अपने प्रदर्शन से छा गई। 2019 तक दीप्ति लकड़ी के बने तीर-धनुष से ही प्रशिक्षण लेती थी। बिरसा मुंडा तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र के संरक्षक सुदेश महतो ने 2019 में दीप्ति को रिकर्व धनुष मुहैया कराया। दीप्ति अब तक 12 नेशनल चैंपियनशिप में कुल 36 पदक जीती है। इनमें 19 स्वर्ण, 10 रजत और आठ कांस्य शामिल हैं।

पहली बार रिकर्व में चैंपियन बनी

जमशेदपुर में संपन्न सीनियर नेशनल तीरंदाजी चैंपियनशिप में दीप्ति कुमारी पहली बार रिकर्व स्पर्द्धा में चैंपियन बनी। इससे पहले वह इंडियन राउंड में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेती रही है। इंडियन राउंड के कारण उसे देश से खेलने का मौका नहीं मिलता। लेकिन रिकर्व चैंपियन बनने के साथ ही अब वह देश का प्रतिनिधित्व कर पाएगी। दीप्ति के प्रशिक्षक रोहित बताते हैं कि उसमें सीखने की क्षमता और ग्रहण करने की शक्ति काफी ज्यादा है। उसने रिकर्व स्पर्द्धा में महज दो सालों के भीतर ही देशभर के तीरंदाजों को चुनौती देते हुए खुद को स्थापित किया है।

देश के लिए खेलना मेरा लक्ष्य

दीप्ति कुमारी ने कहा कि यह खिताब जीतने से मुझे खुशी हो रही है। लेकिन मेरा सपना देश के लिए खेलते हुए पदक जीतना है। मैं चाहती हूं कि देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करती रहूं। शुरू से ही मैं देश के लिए खेलने का सपना देखती रही हूं। देखते हैं, सपना कब पूरा होता है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.