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शिक्षा विभाग के आदेश के बाद आधे शिक्षक पहुंचे स्कूल; आनलाइन पढ़ाई के लिए स्टडी मैटेरियल्स तैयार करते दिखे

शिक्षा विभाग के आदेश के बाद आधे शिक्षक पहुंचे स्कूल। जागरण

कोरोना की भयावहता को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश पर मंगलवार से स्कूलों में कुल संख्या के 50 प्रतिशत शिक्षक व कर्मचारी पहुंचे। स्कूल में छात्र तो हैं नहीं तो ऐसे में कोई शिक्षक नया अटेंडेंस रजिस्ट्रर तैयार कर रहे हैं।

Vikram GiriTue, 20 Apr 2021 12:16 PM (IST)

रांची, जासं । कोरोना की भयावहता को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश पर मंगलवार से स्कूलों में कुल संख्या के 50 प्रतिशत शिक्षक व कर्मचारी पहुंचे। स्कूल में छात्र तो हैं नहीं तो ऐसे में कोई शिक्षक नया अटेंडेंस रजिस्ट्रर तैयार कर रहे हैं तो कोई आनलाइन पढ़ाई के लिए स्टडी मैटेरियल्स तैयार कर रहे हैं। कुछ बार-बार घड़ी भी देख रहे हैं कि 11:30 बजे और घर के लिए निकल पड़ें। चुंकि अभी स्कूल का सयम 6:30 से 11:30 बजे तक हो गया है।

नए सत्र शुरू करने की तैयारी

कक्षा आठ के बच्चों को कक्षा नौ में प्रमोट किए जाने के बाद अब नए कक्षा में नामांकन की बारी है। बच्चों को तो स्कूल आना नहीं है, एेसे में अभिभावक ही सभी कागजात लेकर अपने बच्चों का नामांकन कक्षा नौ में कराने के लिए स्कूल पहुंंच रहे हैं। राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय उरूगुटू में दो शिक्षिकाएं अटेंडेंस रजिस्टर तैयार कर रही हैं तो एक शिक्षक कक्षा नाै में नामांकन के लिए पहुंंचे अभिभावकों से सभी कागजातों को देखकर नामांकन कर रहे हैं। यहां पूरी तरह शारीरिक दूरी का पालन हो रहा है।

वहीं स्कूल के प्राचार्य युगेश कुमार ओझा अपने कक्ष में बैठकर नए सत्र की शुरू होने वाली आनलाइन कक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। कुछ शिक्षक स्टडी मैटेरियल्स बना रहे हैं। इधर, मारवाड़ी प्लस टू उवि में भी 50 प्रतिशत शिक्षक पहुंचें हैं। यहां भी नामांकन से लेकर स्टडी मैटेरियल्स तैयार हो रहा है। ऐसी स्थिति जिला स्कूल, गौरीदत्त मंडेलिया, बालकृष्णा प्लस टू उवि सहित अन्य स्कलाें की है।

33 प्रतिशत शिक्षकों को ही बुलाया जाए स्कूल

स्कूल में 50 प्रतिशत उपस्थिति होने पर भी शिक्षक सवाल उठा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि अटेंडेंस रजिस्टर बनाने और कक्षा नौ में नामांकन के लिए दो-तीन शिक्षकों का होना काफी है। शिक्षक घर मेें रहकर भी स्टडी मैटेरियल्स तैयार कर सकते हैं। उन्हें स्कूल बुलाना जरूरी नहीं है। संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए कम से कम संख्या में शिक्षकों को स्कूल बुलाया जाता तो ठीक रहता। बीते वर्ष ऐसी परिस्थिति में कुल संख्या के 33 प्रतिशत शिक्षकों को ही स्कूल बुलाया जा रहा था।

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