कूडेदान बना राम जानकी मंदिर तालाब

बाटम सहेज लोग बूंद लोगो पांकी के लोग नहीं समझ रहे हैं तालाब का महत्व जल संरक्षण को लेकर

JagranSat, 15 May 2021 08:06 PM (IST)
कूडेदान बना राम जानकी मंदिर तालाब

बाटम

सहेज लोग बूंद लोगो

पांकी के लोग नहीं समझ रहे हैं तालाब का महत्व, जल संरक्षण को लेकर जागरूक करने की है जरूरत

फोटो: 15 डीजीजे 11 कैप्शन: पांकी रामजानकी मंदिर के बाहर का तालाब कचरे में तब्दील संवाद सूत्र, पांकी( पलामू ) : पांकी प्रखंड मुख्यालय स्थित राम जानकी मंदिर तालाब संरक्षण के अभाव में अपना अस्तित्व खोते जा रहा है। पिछले कई वर्षों से थर्मोकाल, प्लास्टिक व अन्य प्रदूषण फैलाने वाली सामग्रियां तालाब में फेंकी जा रही है। धीरे-धीरे लोगों के लिए तालाब के किनारे कूड़ा फेंकने की प्रवृति बन गई। लोगों ने तालाब को कूड़ेदान बना दिया है। नतीजतन पूरे तालाब में कचरा भर गया। अब इस तालाब का जल दूषित हो कर हरे रंग में बदल गया है। राज्य के पूर्व भूमि सुधार व राजस्व मंत्री स्व मधु सिंह ने 2004-05 इस तालाब का जीर्णोद्धार कराया था। इसके बाद तालाब को दो भागों में विभाजित कर आधे तालाब को रामजानकी मंदिर कैंपस व आधे भाग को बाजार के लिए बाहर कराया गया था। इसके बाद कुछ वर्षों तक तालाब संरक्षित रहा। पुन: दो-तीन वर्ष पूर्व चतरा सांसद सुनील सिंह ने तालाब जीर्णोद्धार के तहत सीढि़यां बनवाई। बाद में तालाब के किनारे शौचालय का निर्माण कराया गया। लेकिन महीने भर बाद पुन: तालाब में कचरा डाला जाने लगा। स्थानीय निवासी संजय गुप्ता, विकास कुमार, मिठू चौरसिया, अभिजीत चौरसिया समेत कई लोगों ने कहा कि कचरा प्रबंधन की व्यवस्था किए बगैर तालाब का संरक्षण बेमानी साबित हो रहा है। हमें तालाब के संरक्षण के लिए पहल करनी चाहिए। इसके लिए हम सबको मिलकर आगे आने की जरूरत है। बाजार क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है कि तालाब का जल दूषित नहीं करें। साथ ही एक समिति बनाई जाए जो सीसीटीवी लगाकर कचरा फेंकने वालों पर नजर रखे। कचरा फेंकने वालों से जुर्माना वसूल किया जाए।

तालाब संरक्षण के लिए हम सभी को आगे आना होगा। जलस्त्रोतों को संरक्षित रखे बगैर मानव जीवन की कल्पना भी नहीं हो सकती है। यह तालाब पांकी के लिए जल स्तर बनाए रखने का एक बेहतर साधन है। बावजूद जनता का ध्यान इसके संरक्षण के प्रति नहीं है। हम सब मिलकर इसे संरक्षित करें।

पंचम प्रसाद, चैंबर अध्यक्ष, पांकी।

जलस्रोतों के प्रति लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। तालाब के संरक्षण के लिए स्थानीय व्यवसायियों व चैंबर की राय लेकर सहमति बनाएंगे। ताकि कचरा का प्रबंधन हो और तालाब संरक्षित रह सके। जल स्त्रोतों को सहेजना हम सब का कर्तव्य है।

कुशवाहा डा. शशिभूषण मेहता, विधायक, पांकी।

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