हल्की बारिश से धान को नुकसान, नबी फसल को फायदा

हल्की बारिश से धान को नुकसान, नबी फसल को फायदा

जागरण न्यूज नेटवर्क मेदिनीनगर/ चैनपुर/लेस्लीगंज/ नावाबाजार (पलामू) पलामू जिले में पिछले 36 घ्

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 07:49 PM (IST) Author: Jagran

जागरण न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर/ चैनपुर/लेस्लीगंज/ नावाबाजार (पलामू) : पलामू जिले में पिछले 36 घंटे से आसमान में छाए बादल व हल्की बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। रुक-रुक कर लगातार हो रही बूंदाबांदी से किसानों को नफा व नुकसान दोनों है। खेत व खलिहान में रखे धान के बोझे भींगने से बर्बाद हो रहे हैं। धान की फसल कटाई के बाद खेत से खलिहान में लाया गया है। खलिहान में धान भींगने से किसानों को नुकसान होगा। सैकड़ों किसान धान की कटाई कर फसल को खेत में सुखने के लिए छोड़ दिया है। ऐसे में बारिश का पानी खेत में जमा हो गया तो काटकर रखे गए धान की फसल को नुकसान होगा। साथ ही इस बारिश को रबी फसल के लिए अमृत माना जा रहा है। किसान रबी फसल की बुआई शुरू करें तो काफी फायदेमंद रहेगा। इधर रबी फसल की जुताई व बुवाई के लिए बारिश फायदेमंद साबित हो रही है। बारिश से ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है। लोग गर्म कपड़़े पहनकर घर से निकल रहे हैं। पलामू में शुक्रवार को 5.30 मिली लीटर बारिश हुई है।

बाक्स.. क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक

पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के चियांकी स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक मो. अब्दुल माजिद ने बताया कि हल्की बारिश रबी फसल के लिए अमृततुल्य है। खाली हो चुके खेत की जुताई कर चना, सरसो, तीसी, गेंहू आदि रबी फसलों के बीज की बुआई करना शुरू कर दें। पहले से सरसो व आलू लगया गया है तो कीडे लगने व बीमारी लगने के आसार बढ़ गए हैं। ऐसे में किसान खेतों में पानी नहीं जमने दें। किसान प्रोफेनोफास नामक कीटनाशक दवा का झिडकाव करें। दवा को एक लीटर पानी में 1.5 एमएल दवा घोलकर फसल पर छिड़काव करें। कहा कि धान की सफल खेत में काटकर रखी गइई तो उसे उसी हाल में छोड़ दें। फसल को पानी में डूबने नहीं दें। यदि खेत में पानी जमा हो रहा हो तो फसल को मेड़ पर रखें। किसी भी हाल में भींगे हुए धान की फसल को खलिहान में न रखें। खेत में सूखने के बाद ही खलिहान में लाएं। खलिहान में ढ़ेर लगाने से धान की फसल बर्बाद हो जाएगी।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.