गुलाब का कहर : जन जीवन अस्त-व्यस्त, धान को नुकसान

- शहरी क्षेत्र में नालियों से निकलकर सड़क पर आया गंदा पानी जागरण संवाददाता पाकुड़ चक

JagranPublish:Thu, 30 Sep 2021 05:14 PM (IST) Updated:Thu, 30 Sep 2021 05:14 PM (IST)
गुलाब का कहर : जन जीवन अस्त-व्यस्त, धान को नुकसान
गुलाब का कहर : जन जीवन अस्त-व्यस्त, धान को नुकसान

- शहरी क्षेत्र में नालियों से निकलकर सड़क पर आया गंदा पानी

जागरण संवाददाता, पाकुड़ : चक्रवात गुलाब से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले तीन दिनों से जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में रूक-रूक कर बारिश हो रही है। दिनभर आसमान में बादल छाए हुए हैं। एक ओर जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं पूरा जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम के मिजाज को देखते हुए अधिकतर लोग घरों में दुबके रहे। प्रखंड मुख्यालय से गांवों तक चक्रवात गुलाब का असर दिख रहा है। तोड़ाई और बांसलोई नदी के जलस्तर में थोड़ी बढ़ोत्तरी देखी गई है। बिजली की बात करें तो जोरदार बारिश के समय बिजली काफी देर तक कटी रही। वर्षापात की बात करें तो जिले में सितंबर माह में 89.6 मिमी औसत बारिश हुई है।

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नाली का गंदा पानी सड़क पर : जमकर हुई बारिश ने शहर की सूरत बिगाड़ दी है। शहरी क्षेत्र के कई सड़कों पर जल-जमाव हो गया। हाटपाड़ा से कूड़ापाड़ा जाने वाली पथ में पानी जमा होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तांतीपाड़ा, राज प्लस टू रोड, रेलवे फाटक सब-वे, कालिकापुर, बल्लभपुर इलाके की सड़कों में भी जहां-तहां जल-जमाव देखा गया। मालपहाड़ी रोड से हीरानंदनपुर बाइपास रोड की स्थिति काफी भयावह हो गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में जल-जमाव से दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। शहर क्षेत्र में कई नालों का गंदा पानी सड़क पर आ चुका है। इससे काफी दुर्गंध निकल रही है।

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धान की फसल को नुकसान : जिले में 48 हजार हेक्टेयर में धान की खेती की गई है। चक्रवात गुलाब के कारण हो रही बारिश व हवा चलने से धान की फसल को नुकसान होने की संभावना है। जो धान कम अवधि में पककर तैयार हो गया वह हवा चलने के कारण खेत में गिर चुका है। अंकुर वाली धान की भी यही स्थिति है। कृषि विज्ञान केंद्र विज्ञानी डा. विनोद कुमार ने बताया कि इस चक्रवात से धान की फसल को नुकसान पहुंचेगा, जबकि सब्जी प्रभावित नहीं होगा। किसानों को तुरंत धान की खेत से पानी निकासी की करने की सलाह दी गई है।

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तापमान में गिरावट : चक्रवात गुलाब के कारण तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। चक्रवात से पहले जिले का तापमान 30-35 डिग्री था, वर्तमान में 25-28 डिग्री के बीच आ चुका है।

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चार दिनों का वर्षापात

प्रखंड - 27 सितंबर - 28 सितंबर - 29 सितंबर - 30 सितंबर

पाकुड़ - 0.0 - 12.3 - 10.6 - 12.4

हिरणपुर - 0.0 - 15.1 - 12.1 - 6.0

लिट्टीपाड़ा - 0.0 - 18.1 - 13.1 - 8.4

अमड़ापाड़ा - 0.0 - 3.0 - 2.0 - 18.0

महेशपुर - 0.0 - 1.8 - 11.4 - 14.8

पाकुड़िया - 0.0 - 0.0 - 12.6 - 17.4

(वर्षापात का आंकड़ा मिमी में)