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आलू ने तरेरी आंखें तो टमाटर हुआ लाल

जागरण संवाददाता, पाकुड़ : जिले में सब्जी की कीमत आसमान छूने लगी है। लॉकडाउन के समय जब फल व सब्जी के महंगे होने की उम्मीद लोग लगा रहे थे तो उस समय इसकी कीमत नियंत्रण में रही। प्रशासन भी कीमत को लेकर काफी सजग थी। परंतु अनलॉक वन के बाद सब्जी की कीमत आसमान छूने लगी है। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जिला मुख्यालय व ग्रामीण क्षेत्रों में आलू की कीमत तो पंद्रह दिन पहले से धीरे धीरे बढ़ने लगी थी लेकिन टमाटर की कीमत में एक सप्ताह में दो गुणा उछाल आ गया। आलू की कीमत में बढ़ोत्तरी का लोगों की बजट पर अधिक असर पड़ रहा है क्योंकि आलू के बिना सब्जी की जरूरत पूरी नहीं की जा सकती।

शनिवार को सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने पहुंचे राजू कुमार ने बताया कि बाजार खुलने के बाद सभी सब्जी महंगी हो गई है। पहले दो सौ रुपया में सब्जियों से थैला लगभग भर जाता था लेकिन अभी थैला में सब्जी का पता नहीं नही चल रहा। उन्होंने बताया कि टमाटर और आलू की कीमत सबसे अधिक परेशान कर रही है। प्याज की कीमत भी रफ्तार पर है। वहीं हाटपाड़ा में सब्जी खरीदने पहुंचे गोविद ने बताया कि पंद्रह दिन पहले ढाई किलो आलू के लिए 35 से 40 रूपया खर्च करना पड़ता था अब इतनी ही आलू के लिए 55 से 65 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। टमाटर जब से 80 रुपया हुआ है तब से किलो खरीदने का विचार ही छोड़ दिया है। क्या कहते है सब्जी विक्रेता

सब्जी विक्रेता अरूण साहा का कहना है कि लॉकडाउन के कारण सब्जी बाहर नहीं जा रही थी जिसके कारण इसकी कीमत नियंत्रण में थी। अब लॉकडाउन खुल गया है जिसके कारण लोकल सब्जी बाहर चली जा रही है। इसके कारण सब्जियों की कीमत में उठाल आया है। ग्राहक के साथ साथ सब्जी विक्रेता भी इससे परेशान हैं। उन्होंने बताया कि जो टमाटर दस दिन पहले 35 से 40 रुपया में बिकता था आज 70 से 80 रुपया किलो में बिक रहा है। खीरा भी 15 रुपया से बढ़कर 25 रुपया व भिडी 15 से बढ़कर 20 रुपया हो गया है।

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