गंदगी से फैला डायरिया, दहशत में ग्रामीण

प्रखंड मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर बाबूपुर गांव में डायरिया फैल गया है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। गंदगी के कारण लोग डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं। डायरिया फैलने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आई और चिकित्सकों की टीम भेजी गई लेकिन 35 वर्षीय संझली हांसदा व तीन वर्षीय मोनिका सोरेन की जान नहीं बच सकी।

JagranMon, 27 Sep 2021 07:05 PM (IST)
गंदगी से फैला डायरिया, दहशत में ग्रामीण

संवाद सूत्र, हिरणपुर (पाकुड़) : प्रखंड मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर बाबूपुर गांव में डायरिया फैल गया है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। गंदगी के कारण लोग डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं। डायरिया फैलने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आई और चिकित्सकों की टीम भेजी गई, लेकिन 35 वर्षीय संझली हांसदा व तीन वर्षीय मोनिका सोरेन की जान नहीं बच सकी।

ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से मां-बेटी की जान चली गई। दोनों की मौत के बाद ग्रामीण काफी डरे हुए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि दोनों की मौत किसी अन्य कारणों से भी हुई होगी। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कभी भी चिकित्साकर्मी नहीं पहुंचते हैं। आर्थिक तंगी के कारण लोग बाहर जाकर इलाज कराने में असमर्थ हैं। मां-बेटी की मौत के बाद भी सेविका, सहिया सहित स्वास्थ्य कर्मियों ने मृतक के स्वजनों की सुध तक नहीं ली है।,

सदर अस्पताल में चार पीड़ितों का चल रहा इलाज

बाबूपुर गाड़ा टोला में डायरिया के चार और मरीज मिले हैं। उनका सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसपर शीघ्र काबू नहीं पाया गया तो और ग्रामीण भी चपेट में आ सकते हैं। पीड़ितों में 20 वर्षीय बाहा किस्कू, चार वर्षीय मुंशी सोरेन, 35 वर्षीय बहादुर हांसदा व पांच वर्षीय विश्वनाथ सोरेन हैं। पीड़ितों के स्वजनों ने बताया कि डायरिया के लक्षण पाए जाने के बाद झोलाछाप चिकित्सकों से प्राथमिक इलाज कराया गया। हालत गंभीर देख बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

दीवार गिरने से घायल संझली थी बेड पर

बाबूपुर निवासी सोम सोरेन का खपरैल मकान की दीवार 30 दिन पूर्व गिर गया था। इससे उनकी पत्नी संझली गंभीर रूप से घायल हो गई थी। संझली का पैर पूरी तरह से जख्मी हो गया था। वह बेड पर थी। बीते शुक्रवार को संझली को तीन-चार दस्त हुआ। डायरिया का लक्षण दिखा। झोलाछाप चिकित्सक संझली का इलाज कर रहा था। शनिवार की सुबह संझली ने दम तोड़ दिया। लोग इसे डायरिया से मौत मान रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग किसी अन्य कारणों से मौत होने की बात कह रहा है। संझली को दफनाने के बाद जब स्वजन घर वापस लौटे तो उनकी तीन वर्षीय बेटी मोनिका सोरेन में भी लक्षण दिखा। मोनिका को भी नहीं बचाया जा सका।

वर्जन..

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी हिरणपुर के माध्यम से मामला संज्ञान में आया था। दो-तीन बार शौच होने के बाद महिला की मृत्यु हुई है। गांव में चिकित्सकों की टीम भेजी गई है। टीम काम कर रही है।

डा. रामदेव पासवान, सिविल सर्जन, पाकुड़

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