गांव की कहानी : जागरूकता का कमाल, कोरोना से सुरक्षित है स्वतंत्रता सेनानियों का गांव

गांव की कहानी : जागरूकता का कमाल, कोरोना से सुरक्षित है स्वतंत्रता सेनानियों का गांव

जागरण संवाददाता लातेहार वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर से पूरा देश परेशान ह

JagranThu, 13 May 2021 07:49 PM (IST)

जागरण संवाददाता, लातेहार : वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर से पूरा देश परेशान है। महामारी शहर के बाद गांवों की ओर रूख कर चुकी है। लेकिन जिन गांवों में जागरूकता है वहां से सुकून देने वाली खबरें आ रही हैं। ऐसे जागरूक गांव में शामिल है स्वतंत्रता सेनानी टाना भगतों के वंशजों का गांव निद्रा। रांची और लातेहार जिले की सीमा पर बसा यह गांव कोरोना से अब तक सुरक्षित है। यहां के ग्रामीण संक्रमण से कोसों दूर हैं। दूसरी लहर आने के बाद कुछ ग्रामीणों ने प्रखंड मुख्यालय जाकर जांच कराया जिसमें सभी निगेटिव पाए गए। ग्रामीण बताते हैं कि पहले भी उनके गांव में अच्छी दिनचर्या के कारण संक्रमणजनित बीमारी नहीं फैली है। परंपरागत जीवनशैली वाले गांव के लोग कोरोना को लेकर जागरूक हैं और इसके लिए सरकार की ओर से जारी हर सरकारी निर्देशों का पालन भी कर रहे हैं। कहा कि गांव में अभी तक टीकाकरण के लिए कैंप नहीं लगा है न ही वे लोग मुख्यालय जाकर टीका लिए हैं, गांव में कैंप लगेगा तो वे जरूर टीका लेंगे। आदर्श खानपान, रहन-सहन का तरीका और सावधानी गांव के रमेश टाना भगत, मंगलदेव टाना भगत आदि ग्रामीणों की मानें तो वर्तमान समय में भी उनका खान-पान पहले की तरह है। कोरोना समेत अन्य रोगों से बचने के लिए वे लोग गिलोय (हड़जोड़) का काढ़ा और गर्म पानी का सेवन करते हैं। ताजा और गर्म भोजन उनकी प्राथमिकता होती है। गत वर्ष कोरोना की पहली लहर का भी यहां कोई प्रभाव नहीं पड़ा था। ग्रामीणों की मानें तो उनके खानपान, रहन-सहन का तरीका और सावधानी के कारण वो रोगों का शिकार होने से बच जाते हैं। नियमित योगाभ्यास और आपसी चर्चा करते हैं ग्रामीण कोरोना संक्रमण के बाद से यहां के ग्रामीण शारीरिक दूरी का पालन करते हैं। इसके साथ ही गांव के बुर्जूगों के निर्देश पर गांव के युवक रोजाना आधे घंटे योगाभ्यास और अनुलोम-विलोम करते हैं। ग्रामीण एक दूसरे की समस्याओं के बारे में रोजाना आपसी विमर्श कर हल ढूंढते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बीते एक माह से ग्रामीण अपना गांव छोड़कर दूसरी जगहों पर नहीं गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी निर्देश जारी होने पर ही अब गांव से बाहर निकलेंगे। संक्रमण से बचाव के लिए विभाग भी रहता है सतर्क

सिविल सर्जन डा. संतोष श्रीवास्तव की मानें तो टाना भगतों के स्वास्थ्य पर किस तरह का कोई संक्रमण नहीं हो इसके लिए स्वास्थय विभाग द्वारा एएनएम और सहिया के माध्यम से लगातार ग्रामीणों के स्वास्थ की जानकारी ली जाती है। जांच शिविर का आयोजन पूर्व से ही किया जाता रहा है। गांव में संक्रमण जांच के साथ वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन किया जाएगा।

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