प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति को लेकर बढ़ी माथपच्ची

जागरण संवाददाता, कोडरमा: कोडरमा जिला में शिक्षक नियुक्ति में आ रही विसंगतियां विभागीय अधिकारियों के लिए जहां जी का जंजाल बन गई है, वहीं अभ्यर्थियों की भी सांसे अटकी हुई है। विभाग के निर्देश पर जिले के 86 मध्य एवं उच्च विद्यालय के शिक्षकों को वर्ष 2015-16 में हुई नियुक्ति की मेधा सूची की जांच में लगाया गया है। इसे लेकर 17 हजार आवेदनों की फिर से जांच हो रही है और उस समय तैयार मेधा सूची का सत्यापन एवं मिलान किया जा रहा है। इस गतिरोध की शुरूआत उच्च न्यायालय के निर्देश पर पिछले दिनों जिले में शिक्षक नियुक्ति के लिए आयोजित नौंवी काउंसलिंग में कुछ अभ्यर्थियों के मेधांक को लेकर उत्पन्न विवाद से हुई। अब इसकी आंच साढ़े तीन वर्ष पूर्व हुई नियुक्ति तक पहुंच गई है। दरअसल, मेधांक को लेकर कुछ अभ्यर्थियों के विरोध के बाद जिलास्तरीय समिति ने इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा था। जिसमें कई कारणों का उल्लेख करते हुए तैयार की गई मेधा सूची में आ रही विसंगतियों का उल्लेख किया गया था। इसके बाद सचिव स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश पर चार सदस्यीय टीम बनाकर जिले में नियुक्ति के मामले की जांच में भेजा। जांच टीम को मेधा सूची में कई विसंगतियां और गड़बड़ी मिली। डेटाबेस के अनुसार कुछ अभ्यर्थियों का अलग-अलग जिलों में मेधांक अलग-अलग पाया गया। इसके बाद जांच टीम के द्वारा पुराने डेटाबेस की मिलान व जांच का निर्देश जिला को दिया गया। इसके बाद पुराने 17 हजार फॉर्म खंगाले जा रहे हैं। :: पूर्व में भी हुई थी जांच ::: जनवरी 2016 में प्रारंभिक शिक्षकों की नियुक्ति के तुरंत बाद मिली कुछ गड़बड़ी की शिकायतों के बाद तत्कालीन शिक्षा सचिव के निर्देश पर पूरी नियुक्ति प्रक्रिया की जांच तत्कालीन डीडीसी सूर्यप्रकाश के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी के द्वारा की गई थी। इस जांच में करीब 15 अभ्यर्थियों के नियुक्ति विभिन्न कारणों से गलत पायी गई थी, जिन्हें रद कर दिया गया था। वहीं स्थानीयता के मामले में सात मामलों को राज्यस्तर पर मार्गदर्शन के लिए भेजा गया था। कई माह तक राज्यस्तर से कोई मार्गदर्शन नहीं मिलने के बाद ये अभ्यर्थी उच्च न्यायालय की शरण में गए थे। माननीय उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद इन अभ्यर्थियों के वेतन भुगतान का आदेश दिया था। ::::::::क्या कहते हैं अधिकारी::::::::

उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद टीम गठित का पूर्व में हुई बहाली को लेकर तैयार किए गए डेटाबेस में अंकित मेधांक का मिलान अभ्यर्थियों की मूल आवेदन के साथ किया जा रहा है। इसमें कुछ दिन समय लगेगा। दरअसल विभिन्न कारणों से इस बार की जा रही बहाली में मेधांक को लेकर कई विसंगतियां सामने आयी थी। जिसके निपटारे के लिए डेटाबेस का एकबार फिर से मिलान किया जा रहा है, ताकि नियुक्ति पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो सके। अभी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, इसलिए प्राप्त गड़बड़ियों व विसंगतियों के आधार पर इसमें कोई भी सुधार संभव है।

नवलकिशोर, डीएसई कोडरमा।

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इधर धरना पर बैठे अनुशंसित व चयनित अभ्यर्थी फोटो::: 9 में है। संवाद सहयोगी, कोडरमा: प्रारंभिक शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के लिए अनुशंसित व चयनित अभ्यर्थियों का कोडरमा समाहरणालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना कार्यक्रम विजय कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में शुरू हुई। धरना का संचालन गंगाधर महतो ने किया। धरना में वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि नियुक्ति देने के लिए जिला शिक्षा स्थापना समिति कोडरमा दो माह पूर्व ही आदेश दे चुकी है, जो अबतक अनुपालन नहीं किया गया। कुछ आपतियों के आधार पर जांच के नाम पर पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को स्थगित किया जाना कहीं से  न्यायसंगत नहीं है। अनुशंसित व चयनित अभ्यर्थियों में अगर कोई फर्जी हैं तो उनका नियुक्ति के बाद भी गहन जांच कर कार्रवाई किया जा सकता है। लोगों ने कहा कि कोडरमा शिक्षा विभाग के द्वारा नौवीं काउसंलिग में शामिल होने वाले 156 अभ्यर्थियों का गहन जांच करने के वजाय 17000 आवेदनों का जांच किया जा रहा है, जो बिल्कुल अव्यावहारिक है। क्योंकि चार वर्ष पूर्व ही लगभग सबों की नियुक्ति हो चुकी है। लोगों ने कहा कि सभी चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र मिलने तक धरना में शामिल रहेंगे। धरना कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों ने उपायुक्त कोडरमा से आग्रह किया कि अविलंब नियुक्ति पत्र वितरण करवाने का ठोस पहल करें। कार्यक्रम में दीपक सिन्हा,संदीप पटेल,नागेन्द्र पाण्डेय,बिनोद कु.शर्मा,अनिल कुमार,निरंजन राम,अशोक कुमार,संतोष कुमार,मुकेश राय, हरिहर यादव, अलख निरंजन,दीपक मेहता,ओम प्रकाश रजक ,संजय कुमार,अनुभा दास, जानकी कुमारी आदि समेत अन्य अभ्यर्थी उपस्थित थे।

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