नागरिकों को अधिकार एवं कर्तव्य के बीच सामंजस्य जरूरी: पीडीजे

संवाद सहयोगी कोडरमा झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश के आलोक में

JagranPublish:Sat, 27 Nov 2021 07:41 PM (IST) Updated:Sat, 27 Nov 2021 07:41 PM (IST)
नागरिकों को अधिकार एवं कर्तव्य के बीच सामंजस्य जरूरी: पीडीजे
नागरिकों को अधिकार एवं कर्तव्य के बीच सामंजस्य जरूरी: पीडीजे

संवाद सहयोगी, कोडरमा: झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश के आलोक में संविधान दिवस के अवसर पर कोडरमा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में झारखण्ड विधि महाविद्यालय, झुमरी तिलैया, कोडरमा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार विरेन्द्र कुमार तिवारी ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि देश के सभी नागरिकों को अपने अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए अपने अपने दायित्वों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करने का संकल्प आज के दिन लेना चाहिए। यही संविधान दिवस की सबसे बड़ी सार्थकता होगी। उन्होंने कहा कि किसी दिवस को बार-बार मनाने की प्रासंगिकता यह है कि हम उससे कुछ सीख लें। अपने संबोधन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अभिषेक प्रसाद ने कहा कि भारतीय संविधान में उल्लेखित अधिकारों एवं कर्तव्यों का पालन करना हर व्यक्ति की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। कोडरमा के मुन्सिफ गौरव खुराना ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि जब-जब मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है, तब-तब माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अधिकारों को संरक्षित करने के लिए कानून पारित किया हैं तथा जरूरत के अनुसार संविधान में संशोधन भी किया है। नवनियुक्त न्यायिक दंडाधिकारी जूही कुमारी, प्रशांत कुमार वर्मा एवं मोहम्मद दानिश नवाज ने संयुक्त रूप से पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से संविधान दिवस की प्रासंगिकता, विधि के क्षेत्र में कैरियर बनाने से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम को कॉलेज के प्राचार्य प्रो अजय भट्टाचार्य, प्रोफेसर राखी गुप्ता ने भी संबोधित किया।