विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से 1 बच्ची फरार, संचालक की लापरवाही उजागर

झुमरीतिलैया थाना के पीछे स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से मंगलवा

JagranTue, 03 Aug 2021 07:00 PM (IST)
विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से 1 बच्ची फरार, संचालक की लापरवाही उजागर

संवाद सहयोगी, कोडरमा: झुमरीतिलैया थाना के पीछे स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से मंगलवार की सुबह एक बच्ची फरार हो गई। जानकारी के मुताबिक दत्तक ग्रहण संस्थान में 10 बच्चियां संरक्षित की गई थी, जिसमें 2 बच्ची सुबह मौके का फायदा उठाकर भाग गई। बाद में एक बच्ची को संस्थान के सदस्यों ने पकड़कर पुन: संरक्षित कर लिया है। कुछ दिन पहले दोनों बच्चियां भागकर गिरिडीह से कोडरमा आई थी। कोडरमा स्टेशन से चाइल्डलाइन व आरपीएफ द्वारा रेस्क्यू कर दोनों बच्चियों को सीडब्ल्यूसी को सुपुर्द किया गया था। संस्थान से भागी हुई बच्ची की उम्र 12 साल बताई जा रही है। इस मामले को लेकर डीएसडब्ल्यू आरती कुमारी की अगुवाई में डीसीपीओ, संरक्षण पदाधिकारी और सीडब्ल्यूसी की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। उल्लेखनीय होगा कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब यहां से बच्चे भागे हों। इससे पहले गत 3 मई को भी तीन बच्चे यहां से फरार हो गए थे। वर्ष 2018 से जब से संस्थान संचालित किया जा रहा है तब से 6 बार यहां से बच्चों के भागने के मामले सामने आए हैं। सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष रूपा सामंतों ने बताया कि इस मामले में संस्थान के संचालक की लापरवाही सामने आई है। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना मिलने के बाद जब उनकी टीम के 2 सदस्य मौके पर पहुंचे थे तो यहां से गार्ड लापता था। इसके अलावा संस्थान के कार्यालय में भी कोई कर्मचारी मौजूद नहीं थे और उसी का लाभ उठाकर बच्चियां फरार हुई हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट और लापरवाही की लिखित सूचना उपायुक्त को सौंपी जाएगी। संरक्षण पदाधिकारी अर्चना ज्वाला ने बताया कि विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में संरक्षित की गई सभी बच्चों की काउंसलिग की जा रही थी और इन्हें काउंसलिग के बाद माता-पिता के सुपुर्द किया जाना था। उन्होंने कहा कि 23 जुलाई को दोनों बच्चियों को संस्थान में संरक्षित किया गया था। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रौद्योगिकी विकास संस्थान की ओर से 2018 से दत्तक ग्रहण संस्थान का संचालन किया जा रहा है। उल्लेखनीय होगा कई बार यहां कार्यरत कर्मचारियों ने भी संस्थान के संचालक के रवैये के प्रति असंतोष जाहिर की है। लोगों का आरोप था कि इन्हें न तो समय पर मानदेय दिया जाता है और ना ही अन्य सुविधाएं। हर वर्ष कर्मचारियों को हटाकर दूसरे कर्मियों की नियुक्ति की जाती है।

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