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सतगांवा के जंगल से फिर कट गए हजारों हरे पेड़

सतगावां (कोडरमा) : कोडरमा जिले का सबसे अधिक वनाच्छादित क्षेत्र सतगावां में वनों की सुरक्षा विभागीय उदासीनता के कारण खतरे में है। यहां के वन क्षेत्र स्थित आश्रयन डैम के समीप धनुकी, लेम्बो, चूनाडीह के जंगलों में हजारों हरे पेड़ को हाल के दिनों में काट लिए गए। इसमें वन विभाग की शिथिलता व घोर लापरवाही सामने आ रही है। एक तरफ सरकार पर्यावरण बचाने के लिए पौधारोपण पर जोर दे रही है वहीं दूसरी ओर वन विभाग अपने ही द्वारा कुछ वर्ष पूर्व लगाए गए पौधों जो अब वृक्ष की शक्ल ले रहे थे, उसे बचाने में नाकामयाब रहा। यहां कटे पेड़ों की खूटियां (अवशेष) पर्यावरण की बर्बादी की दास्तां कह रही है। कुछ माह पूर्व तक जहां दूर दूर तक हरियाली फैली थी, वहीं आज इस हरे भरे पेड़ को कटने से वीरानगी दिख रही है। वन विभाग अपने ही द्वारा लाखों खर्च कर लगाए पेड़ों को बचाने में विफल रहा। एक माह पूर्व भी वन प्रक्षेत्र कार्यालय से महज कुछ ही दूरी स्थित लक्ष्मणडीह, चांदडीह, वैधडीह, सिहास आदि जंगली इलाकों में हजारों पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का मामला प्रकाश में आने के बावजूद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। वन प्रक्षेत्र में लगे वृक्षों की देखरेख के लिए वन सुरक्षा समिति, वनरक्षी, वनपाल,वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी हैं। बावजूद इसके पेड़ों की कटाई रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

वन बचाव अभियान की सफलता पर प्रश्नचिह्न

सतगावां प्रखंड में वन बचाओ अभियान विफल है। यहां वन बचाओ अभियान को लेकर वन सुरक्षा समिति सतगावां के करचैता वन प्रक्षेत्र में वन बचाओ पर आधारित कई जागरूकता कार्यक्रम राष्ट्रीय झारखंड सेवा संस्थान सिहास व वन व 8 विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कराया जाता है, जिसमें सभी उपस्थित लोग रक्षासूत्र बांधकर पेड़ बचाने का संकल्प लेते हैं। फिर भी सतगावां के जंगली क्षेत्रों में वृक्षों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। ऐसे में इस तरह के अभियान का जमीन पर कोई असर दिख नहीं रहा है। डीएफओ ने लगाए रेंजर को फटकार :

थाना क्षेत्र में इन दिनों वनों की अंधाधुंध कटाई का मामला को लेकर डीएफओ सूरज कुमार सिंह ने मंगलवार को लक्ष्मणडीह, चांदडीह, गांगडीह, धनुकी, आश्रयन डैम आदि जंगली क्षेत्रों में निरीक्षण किया। इस दौरान वे कटे हुए वृक्ष को देख दंग रह गए और स्थानीय रेंजर सुरेंद्र कुमार सिंह को जमकर फटकार लगाई। कहा कि आपके विरुद्ध प्रपत्र क गठित करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने रेंजर को अविलंब मामले में कार्रवाई करने का आदेश दिया। साथ ही कटे हुए पेड़ का साक्ष्य जुटाकर गांवों में छापामारी कर लोगों विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने के आदेश दिए। उन्होंने रेंजर को सतगावां से बराबर गायब रहने को लेकर काफी फटकार लगाई। पूर्व में जागरण ने किया था मामले को उजागर :

गत माह में भी सतगांवा के लक्ष्मणडीह, चांदडीह, वैधडीह के जंगली क्षेत्र से हजारों की संख्या में हरे पेटों के कटने का कामला दैनिक जागरण ने उजागर किया था। तब यह बात सामने आयी थी कि जंगल से हरे पेड़ों की कटाई जंगल में अवैध शराब बनाने वाले माफिया कर इसे शराब की भट्ठी में झोंक रहे थे। इसके बाद डीएफओ ने रेंजर को शोकॉज किया था। साथ ही कार्रवाई की औपचारिकता के नाम पर एक दिन वन विभाग ने उत्पाद विभाग के साथ मिलकर कुछ शराब के ठिकानों पर छापामारी की थी। ऐसे में विभाग की इच्छाशक्ति जगजाहिर है। बताया जाता है कि सतगांवा के जंगली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर शराब की भट्ठियां संचालित है, जहां शराब बनाने में जंगल की लकड़ियों का उपयोग हो रहा है। वहीं विभाग की शिथिलता के कारण आसपास के ग्रामीण भी पेड़ों की कटाई कर रहे हैं।

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