रनिया सीएचसी में शोभा की वस्तु बनी एक्सरे मशीन

रनिया सीएचसी में शोभा की वस्तु बनी एक्सरे मशीन

रनिया स्थित सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एक्सरे मशीन पिछले छह वर्षों से शोभा की वस्तु बनी हुई है। 2015 में लाए गए मशीन से अबतक एक भी मरीज का एक्सरे नहीं किया गया है।

JagranSat, 17 Apr 2021 09:41 PM (IST)

रनिया : रनिया स्थित सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एक्सरे मशीन पिछले छह वर्षों से शोभा की वस्तु बनी हुई है। 2015 में लाए गए मशीन से अबतक एक भी मरीज का एक्सरे नहीं किया गया है। चिकित्सक कहते हैं कि मशीन का पिक्चर क्वालिटी ठीक नहीं रहती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रनिया के एक्स रे मशीन का लाभ अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। एक्सरे के लिए लोगों को रनिया से 30 किलोमीटर दूर तोरपा या फिर जिला मुख्यालय खूंटी जाना पड़ता है। इससे मरीजों को समय के साथ रुपये भी अधिक खर्च करना पड़ता है। अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डा. पंकज कुमार ने बताया कि मशीन की पिक्चर क्वालिटी ठीक नहीं है। जिसके कारण मशीन का उपयोग नहीं किया जाता है।

नहीं है प्रशिक्षित कर्मी

रनिया सीएचसी में छह सालों से शोभा की वस्तु बनी एक्सरे मशीन चलाने के लिए प्रशिक्षित कर्मी भी नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि एक्स रे मशीन चलाएगा कौन। बगैर प्रशिक्षित कर्मी के एक्स रे मशीन क्षेत्र के मरीजों के लिए अनुपयोगी ही सफेद हाथी साबित हो रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रनिया में ब्लड, शुगर, मलेरिया, टीवी का जांच, हिमोग्लोबिन, एचआईवी, वीडीआरएल, टाइफाइड, एचबीएस की जांच की सुविधा है। इसके लिए अस्पताल में एक लैब टेक्नीशियन है।

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अस्पताल में दो चिकित्सक व 24 नर्स

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रनिया में दो चिकित्सक और 24 नर्स पदस्थापित हैं। इनमें प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ पंकज कुमार पिछले नौ वर्षों से और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चौधरी चंद्रशेखर प्रसाद दो वर्षो से अपनी सेवा दे रहे हैं। रनिया में सात पंचायत है। रनिया में मरीजों के लिए एंबुलेंस की सुविधा नहीं है। इस कारण लोगों को निजी वाहनों का सहारा अस्पताल आना पड़ता है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण के दौर में अस्पताल को एक एंबुलेंस मिला है, जिसका इस्तेमाल कोरोना संक्रमितों के लिए किया जा रहा है।

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