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एक बोरी बांध से होगी दो गांवों के खेतों की सिचाई

खूंटी : जिले में बोरी बांध बनाने का काम जारी है। जिला प्रशासन, सेवा वेलफेयर सोसाइटी और अलग-अलग ग्रामसभाओं के संयुक्त तत्वावधान में बनाए जा रहे बोरी बांध किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इस बार खूंटी-तमाड़ रोड पर स्थित सायको ग्रामसभा के सदस्यों ने आदिवासी परंपरा मदईत (श्रमदान) से बयंगगड़ा नाले को पुल के नीचे बांध दिया है। इससे काफी बड़े क्षेत्रफल में दूर तक पानी जमा हो गया है। इस बोरी बांध से सायको के साथ डौडीह गांव के लोग भी खेती करेंगे।

बोरी बांध के बनने के बाद उसमें जमा हुए पाने को देख किसानों के चेहरों पर खुशी बिखर गई। कहने लगे वे तरबूज, मीठा मक्का, फुलगोभी, शिमला मिर्च समेत अन्य सब्जियों की खेती करेंगे। अब सिचाई उनके लिए समस्या नहीं रह गई है। ग्रामप्रधान प्रभु सहाय सोय ने कहा कि हर साल बयंगगड़ा का पानी बेकार बहकर तजना नदी में चला जाता था। गर्मी के दिनों में मवेशियों के लिए भी पानी का जुगाड़ करना मुश्किल होता था लेकिन इस वर्ष गर्मी के दिनों में भी पानी समस्या नहीं बनेगी। ग्रामसभा ने निर्णय लिया है कि एक दिन और वे मदईत के सहारे इस बोरी बांध का बेहतर बनाएंगे और जलप्रबंधन करेंगे। बोरी बांध के निर्माण कार्य में श्रमदान करने वालों में प्रभू सहाय सोय, मुचिराय सोय, जीवन मसीह सोय, सिरिल सोय, सिरका सोय, सुलेमान सोय, संतोष सोय, कोंता सोय, मुंगलू सोय, बैजनाथ सोय, प्रवीण सोय, जकरिया सोय, सिलास सोय, पौलुस सोय, रूसु सोय, करमसिंह सोय, पौलुस सोय, सोमा सोय, थॉमस सोय समेत अन्य ग्रामसभा के सदस्य शामिल हैं।

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