जिले में एक भी ब्लैक स्पॉट नहीं पर हादसों से सड़कें लाल

जिले में एक भी ब्लैक स्पॉट नहीं पर हादसों से सड़कें लाल

प्रमोद चौधरी जामताड़ा सुरक्षित यातायात के लिए बुनियादी सुविधा से युक्त सड़क जरूरी है। उबड़

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 09:15 PM (IST) Author: Jagran

प्रमोद चौधरी, जामताड़ा : सुरक्षित यातायात के लिए बुनियादी सुविधा से युक्त सड़क जरूरी है। उबड़-खाबड़ सड़क भी हादसों के कारण बनते हैं और राहगीर समेत वाहन सवार असमय काल के गाल में चले जाते हैं। इस जिले में शायद ही कोई ऐसा माह गुजरता हो जब कोई राजमार्ग हादसे के शिकार लोगों के खून से लाल न होता हो पर बड़ी त्रासदी है कि यहां कोई एक भी ब्लैक स्पॉट नहीं है। हां संभावित दुर्घटना कातिल क्षेत्र के रूप में आधा दर्जन स्थान जरूर चिन्हित हैं।

सड़कों का हाल यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग तक रखरखाव के अभाव में खुरदरा हो चुका है। जबकि गोविदपुर-साहिबगंज स्टेट हाईवे में कहीं-कहीं बने गड्ढे भरे भी गए तो समतलीकरण के अभाव में वे खतरे को ही आमंत्रित कर रहे हैं। सड़कों की बदहाली, रफ्तार, नशा, नियम का उल्लंघन, वजह जो हो पर इस नवंबर में अब तक लगभग डेढ़ सौ लोगों के खून से सड़कें लाल हो चुकी है। इनमें 50 लोगों की मौत से उनका घर-आंगन ही सूना हो गया।

हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले दो वर्ष की तुलना में इस वर्ष सड़क पर मौत की संख्या घटी है। वर्ष 2019 में 63 लोगों की व वर्ष 2018 में 60 लोगों की मौत असमय सड़कों पर हुई थी। इस जिले के लिए यह भी विडंबना ही है कि मुख्य मार्ग बदहाल हैं तो ट्रैफिक सिग्नल की कोई व्यवस्था ही नहीं है। वर्षों पूर्व ट्रैफिक सिग्नल के नाम पर बल्ब टिमटिमाए थे पर अब सिग्नल के नाम पर जिला मुख्यालय से प्रखंड तक अंधेरा ही अंधेरा है। बावजूद सुरक्षित यातायात के नाम पर शासन-प्रशासन की आर से ट्रैफिक सिग्नल की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। सड़क किनारे लोहे की रॉड पर रेडियम लगाए गए है तो वहां झाड़ी में गुम हो रहा है। उपायुक्त कार्यालय से जुड़ी सड़क पर रेडियम युक्त रिफ्लेक्टर झाड़ियों में अस्तित्व खो रहा है। हां एनएच व एसएच में डिवाइडर, रिफ्लेक्टर, जरूरी दिशानिर्देश सूचना पट जरूर सुरक्षित यातायात के संदेश देते दिखते हैं।

---इन जगहों पर होती दुर्घटनाएं : सड़क सुरक्षा समिति की रिपोर्ट की मानें तो इस जिले में एक भी ब्लैक स्पॉट चिन्हित नहीं है। इसकी वजह में बताया गया है कि एक ही स्थान व उसकी सौ मीटर की परिधि में तीन वर्ष में तेरह सड़क दुर्घटनाएं हो या फिर पांच की जान गई हो तो उसे ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित कर बचाव के उपाय किए जाते हैं। जबकि एक जगह पर पांच मौत यहां नहीं हुई है। जबकि संभावित दुर्घटना कारित क्षेत्र में पोसोई, सतसाल, बाइपास साइडिुंग, पांडेडीह मोड़ चिन्हित है। यहां सड़क सुरक्षा के उपाय किए गए हैं। साइडिग मोड़ के पास सड़क क्षतिग्रस्त है। झारनापाड़ा के पास साइनेज टूट चुका है। स्पीड ब्रेकर व रंबल स्ट्रीप भी टूट चुका है।

---एनएच पर आबादी वाले इन क्षेत्रों में होती दुर्घटनाएं : इस जिले में राजमार्गों में ही अधिकतर हादसे होते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 419 है। मिहिजाम से जामताड़ा तक राष्ट्रीय राजमार्ग 419 के किनारे ढेकीपाड़ा, गोराईनाला मोड़ बाजार, शहरडाल मोहलीपाड़ा, शहरडाल फाटक, पीपला, बेबा ग्राम है। इनमें शहरडाल, ढेकीपाड़ा, पीपला के नजदीक जान-माल पर आफत पड़ती रहती है। ढेकीपाड़ा समेत कई स्थानों पर एनएच खुरदरी हो चुकी है। मरम्मत पर किसी का कोई ध्यान नहीं है। कई वर्ष पूर्व सड़क की मरम्मती कर एक लेयर पीचिग की गई थी। अब आठ से दस स्थानों में गड्ढे उभर आए हैं। सड़क किनारे खड़े खराब वाहन की वजह से भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी है।

----एसएच पर दुर्घटना जोन : गोविदपुर-साहिबगंज हाइवे इस जिले में तकरीबन 90 किमी पड़ती है। करमदाहा से फतेहपुर से कई जगहों पर लोग हादसे के शिकार होते रहते हैं। अक्सर करमदाहा, मंझलाडीह, मिर्गा, दिघारी, घांटी जंगल, मोहडार, मोहनपुर, बांसपहाड़ी, पबिया, पांडेडीह मोड़ के पास लोग दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। इनमें हाईवे किनारे आबादी वाले गांव मंझलाडीह, मिर्गा, दिघारी, मालवा, मोहडा़, मोहनपुर, बांसपहाड़ी, पबिया, धरमपुर बसा है।

---इसलिए भी होती दुर्घटनाएं : नारायणपुर के घांटी जंगल में पुल के पास सड़क घुमावदार है। सड़क पर पेड़ों की टहनियां आ गई है। इससे वाहन चालकों को देखने में परेशानी होती है। पांडेडीह मोड़ के पास पांडेडीह-गिरिडीह सड़क आकर मिली है। वहां बड़े वाहन की नियम विरुद्ध पार्किंग व दिखाई की समस्या की वजह से हादसे होते रहते हैं। मोहनपुर में हाईवे पर दो पहुंच सड़क एक साथ आकर मिली है जहां अक्सर दुर्घटना होती रहती है। बांसपहावाड़ी में भी सड़क घुमावदार है जो दुर्घटना का कारक बनता है। यहां सड़क एक ओर से दूसरी ओर दिखती ही नहीं है।

---खामियां दूर करने का प्रयास : सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज हैं। वे समिति की नियमित बैठक कर दुर्घटना के कारणों व बचाव के उपाय की समीक्षा करते। हाल की बैठक में उनके सड़क निर्माण विभाग के अधिकारी को साइडिग मोड़ व झरनापाड़ा रंबल स्ट्रीप व साइनेज को दुरुस्त करने करने का निर्देश दिया। उस पर काम हो रहा है। पोसाई के पास टर्निंग पर साइनेज लगाया गया। मोहनपुर में भी साइनज व रंबल स्ट्रीप का निर्माण किया गया।

--वर्जन : सड़क हादसों को कम करने को प्रशासन बराबर गंभीर पहल कर रहा है। एनएच व एसएच में डिवाइडर, रिफ्लेक्टर, दिशानिर्देश व सूचना पट की व्यवस्था की गई हैे। अब संभावित दुर्घटना कारित क्षेत्रों में रंबल स्ट्रीप बनाया जा रहा है। समिति की बैठक में खराब सड़कों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। अधिकांश हादसों की वजह रफ्तार बनती है। वाहन चालकों व राहगीरों को भी जागरूक होना जरूरी है। ---फैज अक अहमद मुमताज, उपायुक्त सह अध्यक्ष, सड़क सुरक्षा समिति।

---वर्जन : जिले में अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं हाइवे पर होती है। इस जिले में एक भी ब्लैक स्पॉट नहीं है। प्रावधान के तहत ऐसा एक भी क्षेत्र नहीं है। आधा दर्जन संभावित दुर्घटनाकारित क्षेत्र चिन्हित हैं। इसमें बचाव व जागरूकता के सारे उपाय किए गए हैं। डीसी के निर्देश पर आरसीडी के अधिकारी सड़कों में व्याप्त खमियां को दूर कर रहे हैं। दीपक कुमार, व्यावसायिक विशेषज्ञ, सड़क सुरक्षा समिति ।

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