सियारकेटिया गांव की सड़कों की स्थिति दयनीय

संवाद सहयोगी नाला (जामताड़ा) सरकार हर साल करोड़ों की योजना पारित कर गांवों को पक्क

JagranTue, 15 Jun 2021 05:23 PM (IST)
सियारकेटिया गांव की सड़कों की स्थिति दयनीय

संवाद सहयोगी, नाला (जामताड़ा): सरकार हर साल करोड़ों की योजना पारित कर गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने का दावा करती है। पर, अब भी क्षेत्र के कई गांव जर्जर सड़कों की समस्या से ग्रस्त है। पक्की मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए गांव की लिक सड़क का पक्कीकरण नहीं किया गया। लोगों में उम्मीद जगी थी कि पंचायत चुनाव हो रहा है। गांव की कच्ची सड़क की सूरत बदलेगी। मुख्य सड़क तक आवागमन दुरुस्त होगा पर दो -दो चुनाव खत्म होने के दस साल गुजर गए। सड़कें जर्जर ही बनी रही। दलाबड़ पंचायत के सियारकेटिया, गाड़ाजोरिया, रचापाड़ा, आमलाजोड़ा सुड़ियापानी आदि गांवों के लोग सड़क की बदहाली से परेशान हैं। बाजार व मुख्य सड़क जक पहुंचने को उन्हें आज भी जर्जर व फिसलन भरे कच्चे रास्ते में आवागमन करना पड़ता है।

---एक से दूसरे गांव जाने को पक्की सड़क तक नहीं : सियारकेटिया गांव को ही देखा जाए तो गांव से बाजार जाने वाले सड़क की स्थिति काफी जर्जर है। नाला- दुमका मुख्य सड़क से गांव तक सड़क की स्थिति वर्षों से बदहाल है। गांव से खेत में जाने के लिए तथा दूसरा गांव जाने के लिए भी सड़क का नामों निशान नहीं है। मंडल टोला से डहरी होकर बड़ाबाद जाने सड़क काफी उबड़- खाबड़ स्थिति में है। जिससे लोगों को बाजार आने-जाने के साथ- साथ खेत खलिहान में आने जाने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर बरसात के दिनों में सड़क किचड़ से भर जाती है। चार पहिया, दो पहिया तो दूर की बात, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

---क्या कहते हैं ग्रामीण : गांव के प्रदीप बनर्जी, रबीन मंडल, तपन मंडल आदि का कहना है कि सड़क का निर्माण करना काफी जरूरी है। इससे लोगों को आवागमन करने में सहूलियत होगी। कृपा सिधु भट्टाचार्य, मोहित बनर्जी, आदि का कहना है कि गांव से बाजार जाने वाले सड़क की स्थिति भी काफी दयनीय हो गई है। ग्रामीणों के साथ साथ स्कूली बच्चों को आवागमन करने में दिक्कतें होती है। सड़क निर्माण की मांग की गई। करीब दो किमी इस सड़क का निर्माण किए जाने से लोगों को काफी सहूलियत होगी। इसके अलावा गांव से दलित टोला होते हुए काशीटांड़ जाने वाले सड़क की स्थिति भी काफी खराब है। ग्रामीण लंबे समय से निर्माण कराने की मांग करते रहे हैं पर अनसुनी होती रही। यहां क़रीब एक किमी की सड़क पर चलना दुरूह है। इस संबंध में बीडीओ कौशल कुमार ने बताया कि मुख्य सड़क से गांव जाने वाले सड़क की उपयोगिता को देखते हुए सड़क की मरम्मत सह मिट्टी-मोरम कराने की दिशा में पहल की जाएगी। जर्जर सड़कों की दशा शीघ्र सुधरेगी।

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