परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थी परिषद ने किया प्रदर्शन

संवाद सहयोगी जामताड़ा पिछले दिनों जारी झारखंड बोर्ड की बारहवीं परीक्षा परिणाम में अ

JagranMon, 02 Aug 2021 06:16 PM (IST)
परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थी परिषद ने किया प्रदर्शन

संवाद सहयोगी, जामताड़ा : पिछले दिनों जारी झारखंड बोर्ड की बारहवीं परीक्षा परिणाम में आई त्रुटियों के सुधार की मांग को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला इकाई ने समाहरणालय मैदान में जमकर हंगामा किया। इसके बाद छात्र प्रतिनिधि जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचे। जहां क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी दीपक राम को मांग पत्र सौंपा। क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी ने आक्रोशित छात्र-छात्राओं को आश्वस्त किया कि सभी मांगें जायज है। मांगों से झारखंड माध्यमिक कार्यालय को अवगत कराया जाएगा। समाहरणालय मैदान में छात्र- छात्राओं ने झारखंड इंटरमीडिएट काउंसिल के खिलाफ नारेबाजी भी की। कहा अगर ग्यारहवीं परीक्षा परिणाम के आधार पर छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा में प्रमोट किया गया है तो इतने अधिक संख्या में छात्र-छात्राओं को फेल कैसे किया गया। छात्र- छात्राओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा परिणाम में छात्र-छात्राओं को फेल नहीं किया गया तो झारखंड माध्यमिक बोर्ड के समझ कौन सी समस्या थी। परिषद ने रिजल्ट में सुधार होने तक तीनों संकाय में स्नातक में नामांकन बंद रखने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर आगे भी आंदोलन करने की चेतावनी दी।

विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक आकाश कुमार ने बताया कि देश में कोरोना महामारी का प्रकोप है। ऐसे में झारखंड सरकार ने निर्णय लिया था कि बारहवीं कक्षा में छात्रों को बिना परीक्षा लिए पास कर दिया जाएगा। महामारी के दौरान स्कूल, कालेज के साथ-साथ कोचिग सेंटर भी बंद रहे और छात्रों को परीक्षा की तैयारी करने में उनका सहयोग नहीं मिल सका। इसके बावजूद छात्र साल भर परीक्षा की तैयारी करने में लगे रहे। जबकि सरकार ने एक दो महीने पूर्व निर्णय लिया कि छात्रों को बिना परीक्षा लिए पास कर दिया जाएगा पर परिणाम के वक्त अधिकांश छात्रों को फेल कर दिया गया। अब छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी परेशान है। जब सीबीएसई शत प्रतिशत रिजल्ट जारी कर सकता है तो फिर झारखंड राज्य में क्यों नहीं इसलिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि वह छात्रों के भविष्य को देखते हुए फैसला ले और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें पास करें।

12वीं के छात्र अशोक मंडल ने कहा कि फेल कर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। 11वीं की तरह 12वीं में भी छात्रों को विषय वार अंक देकर पास करने की व्यवस्था लागू होनी चाहिए। पूरे साल तैयारी करने के बावजूद बिना परीक्षा लिए छात्रों का फेल कर देना कहीं से भी छात्र हित में नहीं है। 12 वीं की छात्रा वीणा हेंब्रम ने कहा कि वर्ष 2019 या उसके पहले जो छात्र 12वीं की परीक्षा या कंपार्ट की परीक्षा में फेल हो गए थे, उनका बिना परीक्षा लिए पहले के अंक के अनुसार फेल करना अब छात्रों का मनोबल को तोड़ने और उनके भविष्य को खराब करने का फैसला है। वह पहले ही अपना कीमती समय बर्बाद कर चुके हैं। 12वीं की छात्रा निकिता गोस्वामी ने कहा कि बहुत से ऐसे छात्र है जो 11 कक्षा में पास है फिर भी उनको 12वीं में फेल कर दिया गया । उनके रिजल्ट में सुधार होना चाहिए। बहुत ऐसे विद्यार्थी हैं जिनका 11वीं में किसी एक विषय में कम अंक आया था। फिर उतना ही अंक दिए जाने से संबंधित परीक्षार्थी फेल हो गए। रिजल्ट में तत्काल सुधार होना चाहिए। जब तक उनके रिजल्ट में सुधार नहीं किया जाता है तब तक बीए, बीएससी, बीकाम, का नामांकन बंद रखा जाए। अन्यथा विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

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