जुबां पर महंगाई-बेरोजगारी, निशाने पर मोदी सरकार

जामताड़ा चीर के जमीन उम्मीद को बोता हूं मैं किसान हूं चैन से सोता हूं। ये शब्द थे झार

JagranSun, 28 Nov 2021 07:48 PM (IST)
जुबां पर महंगाई-बेरोजगारी, निशाने पर मोदी सरकार

जामताड़ा : 'चीर के जमीन उम्मीद को बोता हूं, मैं किसान हूं, चैन से सोता हूं।' ये शब्द थे झारखंड सरकार के कृषि मंत्री और जरमुंडी विधान सभा क्षेत्र के विधायक बादल पत्रलेख के और मौका था प्रदेश कांग्रेस पार्टी के जनजागरण अभियान के आयोजन का। मंत्री जामताड़ा के केंदुआटांड़ में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। बातों का सिलसिला महंगाई, रसोई गैस के बढ़ते दाम और किसान आंदोलन तक जा पहुंचा। निशाने पर रही केंद्र की मोदी सरकार। बातों ही बातों में पत्रलेख ने अपनी गठबंधन की सरकार की दो साल की उपलब्धियां गिनाईं और स्थानीय विधायक डा. इरफान अंसारी के क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र कर उनकी सराहना की।

इससे पूर्व जामताड़ा में पदयात्रा का आयोजन कर जनजागरण अभियान का आगाज हुआ। जनसभा में केंदुआटांड़ पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, मांडर विधायक बंधु तिर्की, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख व स्थानीय विधायक इरफान अंसारी का वहां आदिवासी महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य और ढोल-मांदर की थाप पर भव्य स्वागत हुआ।

केंद्र ने दस रुपये घटाया पेट्रोल का दाम, झारखंड में 12.70 रुपये हुआ सस्ता : राजेश ठाकुर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार और भाजपाई हमारी प्रदेश सरकार को बदनाम कर रही है। केंद्र ने 10 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल की कीमतों में गिरावट की। वह भी यूपी चुनाव को देखते हुए और हिमाचल में पार्टी को मिली करारी हार के बाद, लेकिन झारखंड में पेट्रोल प्रति लीटर 12.70 रुपये सस्ता हुआ है। आखिर यह 2.70 रुपये किसने कीमत घटाए हैं। उन्होंने कहा कि आगे जरूरत पड़ी तो इनकी कीमत और घटाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा पिछले दो साल के दौरान किए गए कार्यो का भी जिक्र किया और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। साथ ही अपने दो की सरकार पिछले 18 साल के सरकारों के क्रियाकलाप की तुलना जनता से करने की अपील की।

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पहिल शिक्षा मंत्री..बंधु तिर्की, रांची दिसुम..:-बंधु तिर्की

जनसभा को संबोधित करते हुए मांडर कांग्रेस विधायक बंधु तिर्की ने अपनी क्षेत्रीय भाषा में ही लोगों को संबोधित किया और जिक्र किया कि वहां उनकी बोली संताल की आदिवासी बोली से थोड़ी अलग है। बातों ही बातों में उन्होंने अपना परिचय लोगों से अपनी क्षेत्रीय बोली के मार्फत दी। बोले, पहिल शिक्षा मंत्री..बंधु तिर्की, रांची दिसुम..। आगे महंगाई जिक्र करते हुए वे बोले, सुनुम (तेल) महंगा, जूता-चप्पल और साइकिल महंगा..सब महंगा.। साथ ही उन्होंने इस महंगाई की जिम्मेदार केंद्र सरकार को ठहराया और आपकी सरकार आपके द्वार के मार्फत अपनी दिक्कतों के निपटारे की सलाह दी।

जब से आई मोदी सरकार, पड़ रही महंगाई की मार : जलेश्वर महतो

जनसभा को संबोधित करते हुए जलेश्वर महतो ने सीधे तौर पर मोदी सरकार पर निशाना साधा। बोले, इस सरकार को सिर्फ अडाणी-अंबानी की ही चिता सता रही है। आम जनता से इस सरकार का कोइ् वास्ता नहीं। गरीब महंगाई की मार से त्रस्त हैं। सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत गरीबों को सिलिडर तो बांट दिए। लेकिन एक बार सिलिडर भरवाने जाएं तो हजार रुपये देना पड़ रहा है। उनके जनजागरण यात्रा का मकसद लोगों को केंद्र की नीतियों के खिलाफ गोलबंद करना है। ताकि आने वाले समय में जनता उन्हें सबक सिखा सके।

मेरा कुछ नहीं, सबकुछ तेरा : डा. इरफान अंसारी:-

मैं पढ़ लिखकर राजनीति में आया हूं। जनता की सेवा के लिए। मेरा हर पल मेरी जनता के लिए है। पहले मेरे पिता जी माननीय फुरकान अंसारी ने क्षेत्र की जनता की सेवा की। अब मैं जी जान से हमेशा आपके सुख-दुख में चौबीसों घंटे खड़ा हूं। ये शब्द थे स्थानीय विधायक डा. इरफान अंसारी के। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की पूर्व रघुवर सरकार के मंत्री कभी अमेरिका तो कभी मलेशिया घूमते रहे, लेकिन आपके नेता आपके द्वार-द्वार पहुंचकर आपकी समस्याओं से रूबरू हो रहे हैं। अभी दो साल में ही हमारी गठबंधन सरकार ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व में जनता के लिए बहुत कुछ किया है। आने वाले समय में जामताड़ा और पूरे प्रदेश में विकास दौर जारी रहेगा। सरकार अपनी जनता की सभी मुश्किलों का हल निकालेगी।

इससे पूर्व जनसभा को दीपिका बेसरा, मुक्ता मंडल, विनोद क्षेत्री व अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया। मौके पर मंच का संचालन कांग्रेस के युवा नेता बीरबल अंसारी ने किया। इस दौरान दर्जनभर से ज्यादा जेवीएम कार्यकर्ता ने कांग्रेस दामन थामा। सभी पार्टी नेतृत्व के लोगों को माला पहनाकर स्वागत किया।

..और बच्चे को मां की गोद से लेकर भीड़ में घूमने लगे बंधु तिर्की :

अपने संबोधन के बाद मांडर विधायक की भीड़ में मौजूद आदिवासी महिलाओं के पास जा पहुंची। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक तरीके से एकदूसरे का अभिवादन किया और उनकी समस्याओं के बारे में जाना। इसी दौरान भीड़ के एक बच्चे को लेकर खड़ी महिला को देख वे उनके करीब जा पहुंचे। उन्होंने बच्चे को अपनी गोद में ले लिया और काफी देर तक बच्चे को गोद में लेकर घूमते रहे और लोगों का हालचाल जानते रहे।

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