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World Asthma Day 2021: अस्थमा रोगियों के लिए अच्छी खबर, कोरोना से अधिक खतरा नहीं

डॉ. जगदीश लोहिया, छाती एवं फेफड़ा रोग विशेषज्ञ, ब्रह्मानंद नारायणा हॉस्पिटल।

World Asthma Day 2021 कोरोना से सबसे अधिक अस्थमा के रोगी घबराए हुए थे कि उन्हें अधिक खतरा है। लेकिन उनके लिए अच्छी खबर है। अस्थमा रोगियों पर कोरोना अधिक अटैक भी नहीं कर रहा है जो अच्छा संकेत है।

Rakesh RanjanTue, 04 May 2021 05:35 PM (IST)

जमशेदपुर, अमित तिवारी। World Asthma Day 2021 कोरोना से सबसे अधिक अस्थमा के रोगी घबराए हुए थे कि उन्हें अधिक खतरा है। लेकिन उनके लिए अच्छी खबर है। संपूर्ण लॉकडाउन के बाद से शहर में अस्थमा मरीजों की संख्या में 75 फीसद की कमी आई है। साथ ही अस्थमा रोगियों पर कोरोना अधिक अटैक भी नहीं कर रहा है, जो अच्छा संकेत है।

इसके पीछे विशेषज्ञ चिकित्सक दो महत्वपूर्ण कारण बता रहे हैं। पहला प्रदूषण का स्तर घटना और दूसरा नियमित तौर पर इनहेलर का इस्तेमाल करना। इससे उनका अस्थमा नियंत्रण में है और उनपर कोरोना भी अधिक अटैक नहीं कर रहा है। ब्रह्मानंद नरायणा अस्पताल के छाती एवं फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीश लोहिया कहते हैं कि अस्थमा के मरीज अपने बीमारी को नियंत्रण में रखकर वे भी एक सामान्य लोगों की तरह जिंदगी जी सकते हैं। उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। मैं लगातार अपने मरीजों के संपर्क में हूं। वे सभी स्वस्थ हैं।

पहले हर माह 200 से अधिक रोगी आते थे सामने

लॉकडाउन से पूर्व का आंकड़ा देखा जाए तो ब्रह्मानंद अस्पताल में हर माह 200 से अधिक अस्थमा के नए रोगी आते थे लेकिन, अब उनकी संख्या घट गई है। लगभग 50 से 60 मरीज ही हर माह पहुंच रहे हैं। यानी 75 फीसद की कमी आई है, जो शहर के लिए अच्छा संकेत है। बाकी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या घटी है। अगर इसी तरह, प्रदूषण को कम कर लिया जाए तो अस्थमा ही नहीं बल्कि कमी गंभीर बीमारियों में कमी देखी जा सकती है। प्रदूषण की वजह से अस्थमा, लंग कैंसर, तीव्र श्वसन संक्रमण, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) सहित अन्य बीमारी होती है।

लॉकडाउन के दौरान 50 फीसद कम हुआ प्रदूषण

लॉकडाउन के दौरान कोल्हान में प्रदूषण का स्तर मापा गया था। उस दौरान 50 फीसद गिरावट दर्ज की गई थी। एयर क्वालिटी इंडेक्श (एक्यूआइ) जो फरवरी 2020 में 122 था वह लॉकडाउन अवधि में घटकर 77 तक आ गया था। वहीं, सामान्य दिनों में सल्फर डाइऑक्साइड का औसत स्तर 48.25 से घटकर 11.75 हो चुका था। इसी तरह नाइट्रोजन ऑक्साइड सामान्य दिनों में 62.17 रहता था जो घटकर 13.69 हो गया था।

ये कहते डाॅक्टर

प्रदूषण घटने से मरीजों की संख्या में कमी आई है। अब अधिक से अधिक लोग घर में ही समय गुजार रहे हैं। इससे धूल-कण सहित प्रदूषण से वे बच रहे हैं। अस्थमा के रोगी नियमित तौर पर इनहेलर ले। उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना से जितना खतरा आम लोगों को है उतना ही अस्थमा रोगियों को हैं। हालांकि, सावधानी सभी को बरतने की जरूरत है। कोरोना तेजी से फैल रहा है। नियम का सख्ती से पालन करें।

- डॉ. जगदीश लोहिया, छाती एवं फेफड़ा रोग विशेषज्ञ, ब्रह्मानंद नारायणा हॉस्पिटल।

 

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