दैनंदिन कार्यो में शामिल करें हिंदी, सशक्त होगी राजभाषा

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति जमशेदपुर की 44वीं मैराथन बैठक सोमवार को सीएसआइआर राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला के व्याख्यान कक्ष में हुई। इसमें सरकारी कार्यालयों के 55 आला अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यालय प्रमुखों ने अपने-अपने कार्यालय में राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए किए जाने वाले कायरें का विस्तृत लेखा-जोखा पेश किया। राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला जमशेदपुर के निदेशक सह अध्यक्ष डॉ. इन्द्रनील चट्टोराज ने कहा कि भारत सरकार की राजभाषा नीति को पालन करना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। अपने दैनंदिन कायरें में हिन्दी का अधिक से अधिक प्रयोग करके अपनी राजभाषा को अधिक सशक्त व उपयोगी बनाना है। छोटे-छोटे प्रयास से सबको मिलकर बड़े लक्ष्य की प्राप्ति करनी है। नराकास के सदस्य सचिव डॉ. पुरुषोत्तम कुमार ने कहा कि हमारी नराकास जमशेदपुर देश में श्रेष्ठ नराकास के रूप में स्थापित है। राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम 2019-20 का ठीक से अनुपालन करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करना है। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम एलपीजी क्षेत्रीय कार्यालय के उप महाप्रबंधक प्रणय कुमार ने कहा कि भाषाओं के समुचित विकास हेतु उन्हें आधुनिक, तकनीकि व प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ना होगा। पुलिस उप महानिरीक्षक ग्रुप केन्द्र केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के डीआइजी हरजिन्दर सिंह ने कहा कि हिन्दी जनसंपर्क और राष्ट्रीय संपर्क की भाषा के रूप में भी एक सशक्त कड़ी का काम कर रही है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन जमशेदपुर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त तुषार कान्त मुखर्जी ने कहा कि सरकारी कामकाज में सरल व आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग करें जिससे अधिक लोग उसे आसानी से समझ सकें। हिन्दी भारत की विविध संस्कृति एवं भौगोलिक परिवेश को भाषा के माध्यम से अपने वैभव बिखेरती हुई अनेक भारतीय उपभाषाओं को समेटे हुए समुद्र की तरह विशाल दिखती है। परमाणु खनिज विभाग के वैज्ञानिक डॉ अनिर्वाण साहा ने कहा कि आज सभी क्षेत्रों में हिन्दी का प्रयोग और महत्व बढ़ रहा है। वाणिज्यिक और व्यापार के साथ-साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी हिन्दी के प्रयोग के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। कार्यालय प्रधान आयकर आयुक्त के संयुक्त आयकर आयुक्त रंजीत कुमार मधुकर ने कहा कि राजभाषा को एक सशक्त माध्यम बनाकर वैज्ञानिक क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण उपलब्धियों को उजागर करने की हमारी कोशिश सचमुच हमारे राष्ट्र की भाषायी अस्मिता को प्रकाशमान करने की दिशा में एक अथक प्रयास हैं। भारतीय मानक ब्यूरो के निदेशक सिल्वन ने कहा कि आज हिन्दी ने वैश्रि्वक बाजार में भी अपनी जगह बना ली है और दिनोंदिन लोकप्रिय हो रही है। भारत के सर्वाधिक लोग हिन्दी को आसानी से बोलते और समझते हैं। बैठक में विभिन्न सरकारी कार्यालयों उपक्रमों, स्वायत्तशासी निकायों एवं बैंकिंग सेवा से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने विचार रखे। अगले छह माह में नराकास के सदस्य कार्यालयों ने अपने-अपने कार्यालय में नराकास के मंच से कार्यक्रम करने की घोषणा की। त्रैमासिक रपट की समीक्षा बैंक ऑफ इंडिया की राजभाषा अधिकारी सुनीता यादव ने किया।ं धन्यवाद ज्ञापन परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय के डॉ. धनुर्धर झा ने किया। आयोजन में डॉ. अंजनी साहू, बब्लू कुमार गोंड, अनिल कुमार शर्मा, सनातन नाइया, रवि रंजन कुमार, सुजीत कुमार साह, संतोष कुमार राय, रानू नामता, पम्पा देवी, देवेन्द्र कौर व माधवी जगदला आदि का योगदान रहा। ----------

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