आखिर Bollywood Singer शिल्पा राव ने क्यों कही ऐसी बात, क्या सचमुच महिलाओं को नहीं दे रहा कोई भाव

मनमर्जियां (लुटेरा) यारियां (कॉकटेल) जैसे कई सुपरहिट गाने देने वाली जमशेदपुर की शिल्पा राव आज बॉलीवुड में धूम मचा रही है। शिल्पा राव का कहना है कि रीमिक्स खत्म होना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा गीत महिला केंद्रित होनी चाहिए।

Jitendra SinghTue, 22 Jun 2021 06:00 AM (IST)
आखिर Bollywood Singer शिल्पा राव ने क्यों कही ऐसी बात, क्या सचमुच महिलाओं को नहीं दे रहा कोई भाव

जमशेदपुर, जासं। जमशेदपुर में जन्मी और पली-बढ़ी बॉलीवुड की मशहूर पार्श्वगायिका शिल्पा राव (Shilpa Rao) ने विश्व संगीत दिवस पर कहा कि हमें अधिक महिला संचालित संगीत अलबमों की आवश्यकता है। हमें जानना चाहिए कि शिल्पा को आखिर ऐसी बात कहने की नौबत क्यों आई।

कई हिट फिल्मों के गाने गाए हैं शिल्पा राव ने

दरअसल, वह उन परिवर्तनों के बारे में बात करती हैं, जो वह अपनी संगीत बिरादरी के भीतर देखना चाहती हैं। म्यूजिक इंडस्ट्री में 15 वर्ष से ज्यादा अवधि तक अपना स्थान बनाए रखने वाली शिल्पा राव ने हमें खुदा जाने (बचना ऐ हसीनों), मनमर्जियां (लुटेरा), यारियां (कॉकटेल) जैसे कई सुपरहिट गाने दिए हैं। इसके बावजूद वह इंडस्ट्री में कुछ बातों से बहुत खुश नहीं हैं। शिल्पा चाहती हैं कि महिला गायकों के अधिक अलबम और रीमिक्स गाने आएं। वह कहती हैं कि मुझे लगता है कि हमें और अधिक महिला-संचालित संगीत अलबमों की आवश्यकता है। अधिक महिला केंद्रित गीत होने चाहिए और मुझे उद्योग में यह बदलाव होते देखना अच्छा लगेगा। मैं भी चाहती हूं कि रीमिक्स का चलन दूर हो। भारत में बहुत सारे गायक, संगीतकार, संगीतकार व गीतकार हैं जिनके पास काफी प्रतिभा है।

 

पिता की प्रेरणा से बनी गायिका

शिल्पा ने कहा कि हालांकि संगीत के साथ उनका रुझान बचपन से ही था, लेकिन उन्होंने तब कभी पेशेवर गायिका बनने के बारे में नहीं सोचा था। मैं संगीत सिर्फ इसलिए सीख रही थी, क्योंकि मेरे घर में संगीत था। मैं जमशेदपुर में पली-बढ़ी हूं, जो जंगलों से घिरा हुआ है। मुझे जंगलों में घूमना अच्छा लगता था। गायिका बनने की मेरी कभी भी ऐसी आकांक्षा नहीं थी। यह मेरे पिता थे, जिन्होंने मुझे संगीत को अपने कॅरियर के रूप में लेने की नींव रखी। उन्होंने मुझे संगीत को अपनाने और पूरे मन से इसे सीखने के लिए प्रेरित किया। मुझे याद है कि उन्होंने मुझसे कहा था, 'बड़े हो गए जो भी करो, पर अभी संगीत साधो'। इसलिए, मैंने धीरे-धीरे संगीत में रुचि विकसित की।

गाना तू ही रे... के हिट होने के बाद करियर के प्रति गंभीर हुई

तू ही रे... हिटमेकर हरिहरन से मिलने के बाद शिल्पा अपने करियर में और गंभीर हो गईं। वह कहती हैं कि हरिहरन जी से मिलना मेरे जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ों में से एक था। उन्होंने मेरे लिए सब कुछ बदल दिया। उन्होंने मुझे संगीत के महत्व का अहसास कराया। उनसे मिलने से पहले मेरा जीवन के प्रति बहुत ही आकस्मिक दृष्टिकोण था। उन्होंने मुझे समझाया कि कैसे मुझे जीवन में चीजों को गंभीरता से लेना है। मैं उस मुलाकात को कभी नहीं भूल सकती।

हरिहरन की आभारी हैं शिल्पा राव

बहुमुखी गायिका ना केवल हरिहरन की आभारी हैं, बल्कि उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए अन्य लोगों का भी आभार व्यक्त करती हैं। वह कहती हैं कि कोई भी अकेले जीवन में कुछ हासिल नहीं कर सकता। एक की यात्रा में कई लोग शामिल होते हैं। मैं खुद को भाग्यशाली महसूस करती हूं कि मेरे जीवन में ऐसे लोग आए, जिन्होंने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मैं उन सभी लोगों की आभारी हूं, जिन्होंने मुझे काम दिया है। मेरे गुरुओं से लेकर उद्योग में जिन लोगों के साथ मैं काम करती हूं, वे सभी मुझे आगे बढ़ाने और स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिल्पा बोली-हर दिन संगीत को समर्पित

विश्व संगीत दिवस के बारे में बात करते हुए, शिल्पा ने कहा कि "मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई दिन रहा हो जब मैंने अपने संगीत पर काम नहीं किया हो या इसके बारे में नहीं सोचा हो। मेरे जीवन का हर दिन संगीत को समर्पित है। मैं हमेशा अपने प्रशंसकों के लिए कुछ नया करने की कोशिश करती हूं। इसलिए, विश्व संगीत दिवस के अवसर पर मैंने मिक्सटेप रिवाइंड का हिस्सा बनने के लिए अन्य गायकों के साथ सहयोग किया है।

कुछ भी आसान नहीं होता

शिल्पा कहती हैं कि आपके लिए कुछ भी आसान नहीं होता है। आपको हर चीज के लिए प्रयास करना होगा। मैं आज जहां हूं, वहां पहुंचना मेरे लिए आसान नहीं था। चीजें अपने आप नहीं होती हैं। अगर होती भी हैं तो वे ज्यादा दिन नहीं टिकती हैं। इसलिए व्यक्ति को हार नहीं माननी चाहिए। प्यार में पड़ना बहुत आसान है, लेकिन उस प्यार को निभाना मुश्किल है। हो सकता है कि आपको पहला ब्रेक आसानी से मिल जाए, लेकिन फिर काम करते रहने के लिए आपको कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। मैं अभी भी सीख रही हूं और मुझे आगे भी सीखना है। इसके साथ ही मुझे लगता है कि एक संगीतकार को हर तरह के संगीत के लिए अच्छी तरह से तैयार होना चाहिए। यदि अवसर आता है, तो वह अच्छा कर सकता है। इसलिए कभी भी सीखना बंद न करें और न छोड़ें। 

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