कोरोना की वजह से मौत पर टाटा मोटर्स कर्मचारियों के आश्रितों को क्या मिलती हैं सुविधाएं, जानिए

Tata Motors Jamshedpur Plant कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए कंपनियों में अलग-अलग सुविधाएं मिलती हैं। टाटा समूह की कंपनी टाटा मोटर्स भी अपने कर्मचारियों के आश्रितों को मदद करने में पीछे नहीं है। ये रही पूरी जानकारी।

Rakesh RanjanTue, 22 Jun 2021 04:25 PM (IST)
टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन की बैठक में मौजूद पदाधिकारी। जागरण

जमशेदपुर, जासं। कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए कंपनियों में अलग-अलग सुविधाएं मिलती हैं। टाटा समूह की कंपनी टाटा मोटर्स भी अपने कर्मचारियों के आश्रितों को मदद करने में पीछे नहीं है। एक अप्रैल-2020 में टाटा मोटर्स प्रबंधन व यूनियन के बीच एक समझौता हुआ जिसमें कोरोना से दिवंगत कर्मियों के आश्रितों को मदद करने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है। आप भी जानिए।

शैक्षणिक सहायता स्कीम के तहत

आयु 5 से 10 आयु वर्ग वाले कर्मचारियों के बच्चे को मासिक 2000 रुपये, सालाना 24000 आयु 11 से 14 तक मासिक 3000 रुपये, सालाना 36000 आयु 15 से 17 तक मासिक 4000 रुपये ; सालाना 48000 नोट: जिस परिवार में दो बच्चे है उन्हें दोगुनी राशि मिलेगी।

भविष्य कल्याण योजना

कर्मचारियों के बेसिड व डीए का 50 फीसद आश्रित को मिलेगा जो करीब 20 हजार प्रतिमाह लाइफ कवर स्कीम के तहत एकमुश्त सात लाख रुपये ग्रुप बीमा के तहत दस लाख रुपये सेवा निधि के तहत 32 लाख रुपये

15 साल तक के लिए 75 हजार रुपये का मेडिकल इंश्योरेंस डिपेंडेंट को व ओपीडी मेडिकल सुविधा आजीवन।

वैसे कर्मचारी जो कंपनी के क्वार्टर में रहते थे और उनका देहांत हो चुका है वैसे लोगों के परिवार को नौ महीने तक और क्वार्टर में रहने देने का समझौता प्रबंधन के साथ हुआ है। ताकि उस दौरान मृतक के परिजन कहीं दूसरे जगह अपना आशियाना ढूंढ सके।

यूनियन की बैठक में दी गइ जानकारी

टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष गुरमीत सिंह तोते की अध्यक्षता वाली बैठक में इन सभी बातों की जानकारी दी गई। यूनियन महामंत्री आरके सिंह ने कंपनी प्रबंधन व अस्पताल के कार्यों की प्रशंसा करते हुए सामाजिक सरोकार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए कंपनी अधिकारियों की प्रशंसा की। कहा कि कोरोना से जंग जितने के लिए कंपनी की ओर से सभी कर्मियों का वैक्सीनेशन कराया जा रहा है। कहा कि वैसे साथी जिनका देहांत हुआ है उन्हें उनका वर्तमान बेसिक डीए का 50 फीसद करीब बीस हजार होता है। इंश्योरेंस एवं सेवा निधि के जो 40 लाख रुपए होते हैं इसे किसी भी सरकारी बैंक में या सुरक्षा संस्थान में रखा कर मासिक आय लगभग 25000 रुपये लिया जा सकता है।

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