JEE Advanced Result 2021: कोल्हान टॉपर बने जमशेदपुर के वैभव सेठ, ये रहा सक्सेस मंत्रा

JEE Advanced Result 2021 जेईई एडवांस का परीक्षा परिणाम झारखंड के कोल्हान को बडी खुशियां दे गया। टाटानगर स्टेशन के पूर्व पदाधिकारी अभिमन्यु सेठ के पुत्र वैभव सेठ ने कोल्हान टॉपर बनने में कामयाबी हासिल की है। उन्हें अखिल भारतीय स्तर पर 291वां रैंक प्राप्त हुआ है।

Rakesh RanjanSun, 17 Oct 2021 04:20 PM (IST)
दूसरे स्थान पर बारीडीह के चिकित्सक डा. राजेश के पुत्र आयुष कुमार रहे।

जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। जेईई एडवांस का परीक्षा परिणाम दशहरा के दिन शुक्रवार को आइआइटी खड़गपुर ने निकाल दिया। कोल्हान की बात करें तो इस परीक्षा को 700 छात्रों ने दिया था। इसमें से टाटानगर स्टेशन के पूर्व पदाधिकारी अभिमन्यु सेठ के पुत्र वैभव सेठ ने कोल्हान टॉपर बनने में कामयाबी हासिल की है। उन्हें अखिल भारतीय स्तर पर 291वां रैंक प्राप्त हुआ है। दूसरे स्थान पर बारीडीह के चिकित्सक डा. राजेश के पुत्र आयुष कुमार रहे।

आयुष को अखिल भारतीय स्तर पर 297वां रैंक प्राप्त हुआ है। जेईई एडवांस के टॉपरों को आइआइटीस में दाखिला मिलेगा। तीसरे स्थान पर कार्मेल जूनियर कॉलेज सोनारी के यश कुमार रहे। उन्हें अखिल भारतीय स्तर पर 433वां रैंक प्राप्त हुआ है। इस परीक्षा में लगभग 12 हजार रैंक प्राप्त करने वाले छात्रों का नामांकन विभिन्न आइआइटीस में हो जाएगा। इसके बाद के छात्रों के पास अन्य कई विकल्प है।

कोविड में मिला घर में पढ़ाई मिला समय, आयुष बने कोल्हान के दूसरे टॉपर

बारीडीह विजया गार्डन में रहने वाले शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक दंपती के पुत्र आयुष सिंह को जेईई एडवांस की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 297वां रैंक प्राप्त हुआ है। प्राप्त रैंक के आधार पर वह कोल्हान के दूसरे टॉपर बने हैं। जेईई मेन के फाइनल स्कोर में उसे अखिल भारतीय स्तर पर 313वां रैंक प्राप्त हुआ था। आयुष प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. राजेश सिंह तथा मां डा. रश्मि सिंह के पुत्र हैं। वह टॉप फाइव आइआइटीस से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करेगा। आयुष ने बताया कि कोविड-19 के कारण जेईई मेन और एडवांस की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिला तथा इसका फायदा भी मिला। घर में आठ से दस घंटे की पढ़ाई रोज करता था। माता-पिता के चिकित्सक होने पर आयुष ने कहा कि उसे शुरू से ही मेडिकल की पढ़ाई में कोई दिलचस्पी नहीं थी।

कभी नहीं की जबरन पढ़ाई

आयुष ने बताया कि वे कभी जबरन पढ़ाई नहीं करते थे। जब पढ़ाई में मन नहीं लगता था तब वे टीवी पर क्रिकेट मैच देख लेते हैं। उसके बाद पढ़ाई प्रारंभ करते हैं। उसके पिता रात के एक बजे तक उनके साथ जागते रहते हैं। मां दिन के दो बजे ही घर आ जाती है। दोनों मार्गदर्शन लगातार करते रहे। दोनों फिजिकल फिटनेस पर ध्यान रखते थे। उन्होंने कहा कि माता-पिता ने कभी उन्हें चिकित्सक बनने के लिए दवाब नहीं बनाया। एडवांस की पढ़ाई में सिर्फ प्रश्न पत्रों को रिवाइज किया। जहां तक हो सकता टेस्टी सीरीज को हल किया। उसने दसवीं तक की शिक्षा लिटिल फ्लावर स्कूल टेल्को तथा 12वीं की पढ़ाई बिष्टुपुर स्थित नर्वेराम हंसराज इंग्लिश स्कूल से पढ़ाई की।

मेकेनिकल ब्रांच से अुनराग करेगा आगे की पढ़ाई

  टेल्को के रहने वाले अनुराग कुमार सिंह को जेईई एडवांस परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 5430 वां रैंक प्राप्त हुआ है। पिछले साल वह जेईई एडवांस की परीक्षा नहीं दे पाया था, लेकिन इस बार वह जेईई एडवांस की परीक्षा दी और इसमें सफलता प्राप्त की। उन्हें उम्मीद है इस बार उन्हें अच्छे आइआइटी में दाखिला मिल जाएगा। इस बार आयोजित सभी चार परीक्षाएं उसने दी। उसने स्कूलिंग हिलटॉप स्कूल से की। उसके पिता राकेश कुमार सिंह टाटा कमिंग्स में कार्यरत हैं। मां सुधा सिंह गृहणी है। वह मेकेनिकल व इलेक्ट्रिकल ब्रांच से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करेगा। उसे फिल्में देखना पसंद है।

एक माह तक रिवीजन किया और बना कोल्हान का तीसरा टॉपर

कोल्हान के तीसरे टॉपर सोनारी के यश कुमार ने जेईई एडवांस की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 433वां रैंक प्राप्त हुआ। जेईई मेन में उसे 605वां रैंक प्राप्त हुआ था। इस छात्र ने बताया कि जेईई मेन के फाइनल स्कोर के बाद उसने सिर्फ प्रश्नों के रिवीजन पर ध्यान दिया। दस साल का प्रश्न पत्र पूरा फटाफट सॉल्व करना प्रारंभ किया और सफलता हाथ लगी। उसके पिता अशोक कुमार टाटा स्टील प्राक्यूरमेंट विभाग में हेड के पद पर कार्यरत हैं। मां बिनू डीएमपीएस में शिक्षिका है। यश के मुताबिक जेईई मेन और एडवांस की प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए कोचिंग के अलावा सेल्फ स्टडी भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। एडवांस में सफल होने के बाद उन्होंने कहा कि किसी भी पुराने आइआइटी से कंप्यूटर साइंस लेकर पढ़ेगा। कार्मेल जूनियर कॉलेज सोनारी से इस छात्र ने 12वीं तक की पढ़ाई की है। उसने कहा कि जब भी पढ़ाई में मन नहीं लगता था तो वे अपने दोस्तों से बात कर लेते थे। वे रोजाना घर में चार से पांच घंटे तक पढ़ाई करते हैं। ऑनलाइन क्लास में इस बार तैयारी में काफी सहयोग किया। उसे क्रिकेट और बास्केटबाल खेलना पसंद है। वह स्कूल टीम से बास्केटबाल भी खेल चुका है। वह कभी-कभी चित्रांकन भी कर लेता है। उसने किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना की परीक्षा भी उत्तीर्ण की।

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